{"_id":"5c6db3b5bdec225eb27ab1f0","slug":"41550693301-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंगन बेचकर शहीदों को दिए 1.38 लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंगन बेचकर शहीदों को दिए 1.38 लाख रुपये
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। पुलवामा आतंकी हमले के शहीदों को एक स्कूल की प्रिंसिपल ने सोने के कंगन बेचकर 1.38 लाख रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष में बुधवार को जमा कराए हैं। प्रिंसिपल ने शहरवासियों को शहीदों के लिए महज एक-एक रुपये की आर्थिक मदद करने का सुझाव दिया है। ताकि शहीदों के परिजनों को जीवन यापन के लिए पर्याप्त आर्थिक मदद हो सके।
भरतौल की रेंज कॉलोनी स्थित विश्व भारती स्कूल में प्रिंसिपल किरन कोटनाला ने यह सराहनीय कदम उठाया है। राहत कोष में जमा कराए रुपये के ड्राफ्ट की प्रतिलिपि के साथ प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रिंसिपल बताया कि बुधवार को स्कूल में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उन्होंने यह संकल्प लिया। बगैर किसी देरी के सोने के कंगन बेचे और उससे मिले 1.38 लाख रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करा दिए। कहा, सीमा पर तैनात प्रत्येक जवान देश की सुरक्षा को प्रतिबद्ध है। विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए देश सेवा में तैनात सैनिकों की मदद करने की इच्छा जगी तो उन्होंने यह कदम उठाया। उनके इस कदम की स्कूल डायरेक्टर डॉ. आरबी मिश्रा, स्टाफ एवं परिजनों ने सराहना की है।
विज्ञापन
भरतौल की रेंज कॉलोनी स्थित विश्व भारती स्कूल में प्रिंसिपल किरन कोटनाला ने यह सराहनीय कदम उठाया है। राहत कोष में जमा कराए रुपये के ड्राफ्ट की प्रतिलिपि के साथ प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रिंसिपल बताया कि बुधवार को स्कूल में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उन्होंने यह संकल्प लिया। बगैर किसी देरी के सोने के कंगन बेचे और उससे मिले 1.38 लाख रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करा दिए। कहा, सीमा पर तैनात प्रत्येक जवान देश की सुरक्षा को प्रतिबद्ध है। विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए देश सेवा में तैनात सैनिकों की मदद करने की इच्छा जगी तो उन्होंने यह कदम उठाया। उनके इस कदम की स्कूल डायरेक्टर डॉ. आरबी मिश्रा, स्टाफ एवं परिजनों ने सराहना की है।
विज्ञापन