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सुविधाएं एवं अधिकार बढ़ाने के लिए 74वां संशोधन लागू करने की मांग
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बरेली। प्रदेश में संविधान का 74वां संशोधन लागू कराकर सुविधाएं एवं अधिकार बढ़ाने को लेकर पार्षदों ने जोर आजमाइश शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को पार्षदों ने वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल और मेयर उमेश गौतम से इसके लिए समर्थन मांगा। सात जनवरी को प्रदेश भर के पार्षद लखनऊ में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री से मिलकर इसे लागू करने की मांग करेंगे।
मेयर को दिए ज्ञापन में पार्षदों ने विधायकों की तरह मानदेय और कंप्यूटर ज्ञान रखने वाला कर्मचारी देने की मांग की है। साथ ही चुनावी घोषणा के अनुरूप प्रदेश में संविधान का 74वां संशोधन लागू करने को भी कहा है। पार्षदों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में इसे लागू न करके मेयर एवं पार्षदों को बलहीन किया गया है। मेयर ने उनकी मांगों को समर्थन देते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखने को कहा है। इसके बाद पार्षदों ने इसी संबंध में वित्तमंत्री को भी ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उपसभापति अतुल कपूर, उप नेता छंगामल मौर्य, राजेश अग्रवाल, सतीश कातिब, अब्दुल कय्यूम मुन्ना, अवनेश कुमार, चित्रा मिश्रा, आरेंद्र अरोड़ा कुक्की, मुकेश मेहरोत्रा आदि मौजूद रहे। उपसभापति ने बताया कि शनिवार को वे लोग केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार से समर्थन जुटाने के बाद सात जनवरी को राज्यपाल, मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे।
यह है 74वां संशोधन
वर्ष 1993 में संविधान में 74वां संशोधन किया गया था। इसमें विकास प्राधिकरण, फायर ब्रिगेड, ट्रैफिक पुलिस, वानिकी, परिवहन, चिकित्सा सेवा एवं डूडा समेत 18 विभागों को नगर निगम के अधीन हो जाना था। यह संविधान संशोधन यूपी में अब तक लागू नहीं हो सका है।
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मेयर को दिए ज्ञापन में पार्षदों ने विधायकों की तरह मानदेय और कंप्यूटर ज्ञान रखने वाला कर्मचारी देने की मांग की है। साथ ही चुनावी घोषणा के अनुरूप प्रदेश में संविधान का 74वां संशोधन लागू करने को भी कहा है। पार्षदों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में इसे लागू न करके मेयर एवं पार्षदों को बलहीन किया गया है। मेयर ने उनकी मांगों को समर्थन देते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखने को कहा है। इसके बाद पार्षदों ने इसी संबंध में वित्तमंत्री को भी ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उपसभापति अतुल कपूर, उप नेता छंगामल मौर्य, राजेश अग्रवाल, सतीश कातिब, अब्दुल कय्यूम मुन्ना, अवनेश कुमार, चित्रा मिश्रा, आरेंद्र अरोड़ा कुक्की, मुकेश मेहरोत्रा आदि मौजूद रहे। उपसभापति ने बताया कि शनिवार को वे लोग केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार से समर्थन जुटाने के बाद सात जनवरी को राज्यपाल, मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे।
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यह है 74वां संशोधन
वर्ष 1993 में संविधान में 74वां संशोधन किया गया था। इसमें विकास प्राधिकरण, फायर ब्रिगेड, ट्रैफिक पुलिस, वानिकी, परिवहन, चिकित्सा सेवा एवं डूडा समेत 18 विभागों को नगर निगम के अधीन हो जाना था। यह संविधान संशोधन यूपी में अब तक लागू नहीं हो सका है।
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