{"_id":"5b958300867a557f015d18d7","slug":"41536525056-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुरू होने से पहले ही फार्मेसी में पीएचडी को झटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शुरू होने से पहले ही फार्मेसी में पीएचडी को झटका
Updated Mon, 10 Sep 2018 02:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। फार्मेसी विभाग में पीएचडी शुरू होने से पहले करारा झटका लगा है। पर्यावरण विज्ञान की तरह फार्मेसी में भी इस बार पीएचडी नहीं होगी। इसकी पहली वजह बनी इस बार फार्मेसी के एंट्रेंस में कोई अभ्यर्थी सफल नहीं हो सका और दूसरा अखिल भरतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने एमफार्मा के प्रवेश पर रोक लगा दी। अगले साल भी फार्मेसी में पीएचडी शुरू हो पाना मुश्किल लग रहा है। प्रवेश की अनुमति के लिए विभाग अब दोबारा एआईसीटीई में आवेदन करने की तैयारी में है।
विश्वविद्यालय ने रेगुलर डिपार्टमेंट न होने के कारण इसी साल से पर्यावरण विज्ञान में पीएचडी पर रोक लगा दी। एक तरफ शासन पर्यावरण संरक्षण पर जोर दे रहा है और दूसरी तरफ पर्यावरण पर रिसर्च बंद हो रहे हैं। इससे एमफार्मा के छात्रों को भी तगड़ा झटका लगा। विभाग में एमफार्मा बंद हो गया। कुछ छात्रों ने आवेदन किए थे उनको मायूसी मिली। पीएचडी कोआर्डिनेटर डॉ. बृजेश त्रिपाठी का कहना है कि फार्मेसी में कोई अभ्यर्थी सफल नहीं हुआ। इसलिए फार्मेसी में किसी का भी पंजीकरण नहीं हो पाएगा।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय ने रेगुलर डिपार्टमेंट न होने के कारण इसी साल से पर्यावरण विज्ञान में पीएचडी पर रोक लगा दी। एक तरफ शासन पर्यावरण संरक्षण पर जोर दे रहा है और दूसरी तरफ पर्यावरण पर रिसर्च बंद हो रहे हैं। इससे एमफार्मा के छात्रों को भी तगड़ा झटका लगा। विभाग में एमफार्मा बंद हो गया। कुछ छात्रों ने आवेदन किए थे उनको मायूसी मिली। पीएचडी कोआर्डिनेटर डॉ. बृजेश त्रिपाठी का कहना है कि फार्मेसी में कोई अभ्यर्थी सफल नहीं हुआ। इसलिए फार्मेसी में किसी का भी पंजीकरण नहीं हो पाएगा।
विज्ञापन