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Bareilly News: नदियों में आई बाढ़ से 40 हजार लोग प्रभावित, संपर्क मार्ग बंद
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बैलगाड़ी से चारा लाते हुये किसान
कई लोगों के घरों में घुस गया पानी, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा, फसलों को भी नुकसान
मीरगंज/शाही। तीन दिन से लगातार बारिश से मीरगंज व शाही क्षेत्र की नदियों में आई बाढ़ से 60 गांवों के 40 हजार लोग प्रभावित हुए। यहां धान, गन्ना, उड़द, बाजरा की फसलें नदी के जल में समा गईं, जिसमें उड़द और बाजरा की फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है। नदी में जलस्तर बढ़ने से मीरगंज व शाही में गांवों को जोड़ने वाले कई मार्ग कट गए। हालांकि बहेड़ी में स्थिति सामान्य है। कई गांवों में पानी घुस गया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। जगह जगह कटान भी देखा गया। कटान रोकने के लिए निर्देश दिए गए। एसडीएम के नेतृत्व में गठित तीन टीमें दिनभर जायजा लेती रही।
मीरगंज के कई गांव भाखड़ा, ढौड़ा, बहगुल, किच्छा, रामगंगा और कुल्ली नदी से घिरे हैं। बहगुल नदी में आई बाढ़ से धर्मपुरा, बसई, सुल्तानपुर, दुनका, भमोरा, आन्नदपुर, बफरी अब्दुलनबीपुर, जुन्हाई आदि गांवों में कटान देखा गया। गनेशपुर के पास धनेटा-शीशगढ़ रोड पर बाबूशाह के मुर्गी फार्म में पानी भर गया। सुल्तानपुर में धर्मवीर कश्यप, सुरेश, दुर्जन लाल के घरों में पानी घुस गया, जिन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। इस तरह मीरगंज के करीब 50 गांव प्रभावित रहे। बिहारीपुर में मोहम्मद सफी, नन्हेलाल, चंद्रसेन के घरों में पानी भर गया। उन्हें ग्राम प्रधान ने प्राथमिक विद्यालय में रहने के लिए भेजा है। मीरगंज में रामगंगा नदी कहर बरपा रही है। यहां गांव करनपुर रामगंगा से कटान 20 मीटर दूर रह गया है। यहां कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों ने पेड़ों की टहनियों को रखवाया है। इसी तरह की स्थिति मोहम्मद गंज, सिमरिया समेत कई गांवों में भी बनी हुई है। इसको देखते हुए तहसीलदार विशाल कुमार शर्मा, लेखपाल पुष्पेन्द्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। लोगों से अलर्ट रहने के लिए कहा है।
दुनका, नगरिया सोवरनी मार्ग पर तीन-तीन फुट तक जमा रहा पानी
दुनका, नगरिया सोवरनी मार्ग पर तीन फुट तक पानी जमा हो गया। इससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। लोगों को शेरगढ़ की ओर जाने के लिए 25 किलोमीटर दूर फतेहगंज पश्चिमी होकर आना पड़ा। पुलिस ने कोई हादसा न हो। इसके लिए बैरियर लगाकर रोड बंद कर दिया। संवाद
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सभी राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल क्षेत्र में लगे हुए हैं। लोगों को नदी किनारे न जाने की हिदायत दी जा रही है। प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। बाढ़ घटने के बाद किसानों के बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा, जिससे उन्हें मुआवजा दिलाया जा सके।
- तृप्ति गुप्ता, उपजिलाधिकारी मीरगंज
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शाही के पांच गांव में डेढ़ फुट तक जमा रहा पानी
शाही में बहगुल व किच्छी नदी का जल बसावनपुर, भमोरा, सुकटिया, बिहारीपुर, डुंगरपुर में घुस गया है, जो कि एक से डेढ़ फुट तक रहा, जबकि गांव से बाहर 10 से 12 फुट तक पानी है। शाही के कान्हा गोशाला में छोटे पशुओं को अन्य गोशाला भेजा गया है। कस्बा क्षेत्र में बहने वाली बहगुल, ढोंडा नदियों में बाढ़ के हालात काफी खराब हो गए हैं।
सड़कों पर लगे खाने-पीने व चारे के ढेर
घरों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों ने अपने जरूरी सामान को निकालना शुरू कर दिया है। क्षेत्र के बसावनपुर गांव के रहने वाले भागीरथ और उनके भाई के घरों में बाढ़ का पानी शनिवार की शाम से घुस गया है। घर के अंदर पानी जाने से खाने-पीने और पशुओं का चारे को बाहर निकालना पड़ा है। शाही शेरगढ़ रोड पर निकले हुए पशुओं के चारा के बोरे के ढेर लगे हुए हैं।
ये मार्ग रहे बंद
भमोरा-सेवाज्वालापुर, भमोरा-बिहारीपुर व दुनका व नगरिया के रास्ते बंद रहे। बाढ़ का पानी आने से शाही-मीरजापुर में छोटे वाहनों को रोका गया। बचाव के नाम पर लेखपालों ने सर्वे किया।
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पुल की एप्रोच कटी, ब्लॉक मुख्यालय का संपर्क कटा
शेरगढ़। किच्छा नदी में आई बाढ़ से किच्छा नदी पर बने चार पुलों की सड़कें नदी के पानी की धार में बह गई। इससे विकासखंड मुख्यालय से जोड़ने वाले करीब दर्जनों गांवों का संपर्क मार्ग टूट गया। इसके कारण इन गांवों के लोगों को शेरगढ़ पहुंचने के लिए करीब 42 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी। पुलों पर दोनों तरफ से पुलिस पिकेट लगा दी गई है।
विकासखंड शेरगढ़ की 89 ग्राम पंचायतों में से लगभग कई दर्ज ग्राम पंचायत किच्छा नदी के उस पार आती हैं, जो कि करीब 20 किलोमीटर के दायरे में किच्छा नदी पर दुनका, नगरिया कला, कस्बापुर एवं पनबड़िया समेत गांवों को जोड़ती है। इस पर चार पुल बने हुए हैं। थानाध्यक्ष आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि पुलों पर आवागमन बंद करा दिया गया है। कस्बापुर पुल पर एहितयात के तौर पर पुलिस पिकेट लगा दी गई है।
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मीरगंज/शाही। तीन दिन से लगातार बारिश से मीरगंज व शाही क्षेत्र की नदियों में आई बाढ़ से 60 गांवों के 40 हजार लोग प्रभावित हुए। यहां धान, गन्ना, उड़द, बाजरा की फसलें नदी के जल में समा गईं, जिसमें उड़द और बाजरा की फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है। नदी में जलस्तर बढ़ने से मीरगंज व शाही में गांवों को जोड़ने वाले कई मार्ग कट गए। हालांकि बहेड़ी में स्थिति सामान्य है। कई गांवों में पानी घुस गया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। जगह जगह कटान भी देखा गया। कटान रोकने के लिए निर्देश दिए गए। एसडीएम के नेतृत्व में गठित तीन टीमें दिनभर जायजा लेती रही।
मीरगंज के कई गांव भाखड़ा, ढौड़ा, बहगुल, किच्छा, रामगंगा और कुल्ली नदी से घिरे हैं। बहगुल नदी में आई बाढ़ से धर्मपुरा, बसई, सुल्तानपुर, दुनका, भमोरा, आन्नदपुर, बफरी अब्दुलनबीपुर, जुन्हाई आदि गांवों में कटान देखा गया। गनेशपुर के पास धनेटा-शीशगढ़ रोड पर बाबूशाह के मुर्गी फार्म में पानी भर गया। सुल्तानपुर में धर्मवीर कश्यप, सुरेश, दुर्जन लाल के घरों में पानी घुस गया, जिन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। इस तरह मीरगंज के करीब 50 गांव प्रभावित रहे। बिहारीपुर में मोहम्मद सफी, नन्हेलाल, चंद्रसेन के घरों में पानी भर गया। उन्हें ग्राम प्रधान ने प्राथमिक विद्यालय में रहने के लिए भेजा है। मीरगंज में रामगंगा नदी कहर बरपा रही है। यहां गांव करनपुर रामगंगा से कटान 20 मीटर दूर रह गया है। यहां कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों ने पेड़ों की टहनियों को रखवाया है। इसी तरह की स्थिति मोहम्मद गंज, सिमरिया समेत कई गांवों में भी बनी हुई है। इसको देखते हुए तहसीलदार विशाल कुमार शर्मा, लेखपाल पुष्पेन्द्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। लोगों से अलर्ट रहने के लिए कहा है।
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दुनका, नगरिया सोवरनी मार्ग पर तीन-तीन फुट तक जमा रहा पानी
दुनका, नगरिया सोवरनी मार्ग पर तीन फुट तक पानी जमा हो गया। इससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। लोगों को शेरगढ़ की ओर जाने के लिए 25 किलोमीटर दूर फतेहगंज पश्चिमी होकर आना पड़ा। पुलिस ने कोई हादसा न हो। इसके लिए बैरियर लगाकर रोड बंद कर दिया। संवाद
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सभी राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल क्षेत्र में लगे हुए हैं। लोगों को नदी किनारे न जाने की हिदायत दी जा रही है। प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। बाढ़ घटने के बाद किसानों के बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा, जिससे उन्हें मुआवजा दिलाया जा सके।
- तृप्ति गुप्ता, उपजिलाधिकारी मीरगंज
शाही के पांच गांव में डेढ़ फुट तक जमा रहा पानी
शाही में बहगुल व किच्छी नदी का जल बसावनपुर, भमोरा, सुकटिया, बिहारीपुर, डुंगरपुर में घुस गया है, जो कि एक से डेढ़ फुट तक रहा, जबकि गांव से बाहर 10 से 12 फुट तक पानी है। शाही के कान्हा गोशाला में छोटे पशुओं को अन्य गोशाला भेजा गया है। कस्बा क्षेत्र में बहने वाली बहगुल, ढोंडा नदियों में बाढ़ के हालात काफी खराब हो गए हैं।
सड़कों पर लगे खाने-पीने व चारे के ढेर
घरों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों ने अपने जरूरी सामान को निकालना शुरू कर दिया है। क्षेत्र के बसावनपुर गांव के रहने वाले भागीरथ और उनके भाई के घरों में बाढ़ का पानी शनिवार की शाम से घुस गया है। घर के अंदर पानी जाने से खाने-पीने और पशुओं का चारे को बाहर निकालना पड़ा है। शाही शेरगढ़ रोड पर निकले हुए पशुओं के चारा के बोरे के ढेर लगे हुए हैं।
ये मार्ग रहे बंद
भमोरा-सेवाज्वालापुर, भमोरा-बिहारीपुर व दुनका व नगरिया के रास्ते बंद रहे। बाढ़ का पानी आने से शाही-मीरजापुर में छोटे वाहनों को रोका गया। बचाव के नाम पर लेखपालों ने सर्वे किया।
पुल की एप्रोच कटी, ब्लॉक मुख्यालय का संपर्क कटा
शेरगढ़। किच्छा नदी में आई बाढ़ से किच्छा नदी पर बने चार पुलों की सड़कें नदी के पानी की धार में बह गई। इससे विकासखंड मुख्यालय से जोड़ने वाले करीब दर्जनों गांवों का संपर्क मार्ग टूट गया। इसके कारण इन गांवों के लोगों को शेरगढ़ पहुंचने के लिए करीब 42 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी। पुलों पर दोनों तरफ से पुलिस पिकेट लगा दी गई है।
विकासखंड शेरगढ़ की 89 ग्राम पंचायतों में से लगभग कई दर्ज ग्राम पंचायत किच्छा नदी के उस पार आती हैं, जो कि करीब 20 किलोमीटर के दायरे में किच्छा नदी पर दुनका, नगरिया कला, कस्बापुर एवं पनबड़िया समेत गांवों को जोड़ती है। इस पर चार पुल बने हुए हैं। थानाध्यक्ष आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि पुलों पर आवागमन बंद करा दिया गया है। कस्बापुर पुल पर एहितयात के तौर पर पुलिस पिकेट लगा दी गई है।

बैलगाड़ी से चारा लाते हुये किसान

बैलगाड़ी से चारा लाते हुये किसान

बैलगाड़ी से चारा लाते हुये किसान

बैलगाड़ी से चारा लाते हुये किसान

बैलगाड़ी से चारा लाते हुये किसान