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34 स्कूलों के मान्यता आवेदन रद्द
बरेली।
Updated Thu, 27 Apr 2017 01:16 AM IST
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school
- फोटो : google
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शहर और आसपास इलाकों में करीब 34 नए स्कूल इस साल नहीं खुलेंगेे। बेसिक शिक्षा विभाग ने मानक पूरे न होने पर मान्यता के लिए आए इनके आवेदन निरस्त कर दिए हैं। इनमें कुछ स्कूल तो ऐसे थे जिन्होंने एडमिशन लेना भी शुरू कर दिया था।
शैक्षिक सत्र 2016-2017 में जिले भर से 90 से अधिक स्कूलों ने बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता लेने के लिए आवेदन किया था। इसमें कुछ हिंदी मीडियम तो कुछ अंग्रेजी मीडियम के स्कूल शामिल थे। दोनों स्कूलों की मान्यता के लिए अलग-अलग प्रकार के मानकों को पूरा करना होता है।
शहर में करीब 13 स्कूलों की मान्यता आवेदन रद्द किये गए हैं। इनमें गुरुकुल पब्लिक स्कूल प्रेमनगर को अंग्रेजी माध्यम की मान्यता लेनी थी, जबकि इसकी हिंदी माध्यम की मान्यता पहले से है। निरीक्षण के दौरान स्कूल को अंग्रेजी माध्यम के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया तो आवेदन रद्द कर दिया गया। यहां हिंदी माध्यम की कक्षाएं पहले की तरह लगती रहेगी। ऐसा ही मामला तक्षशिला कान्वेंट स्कूल कैंट का भी था। आल्मा मातेर किंडर गार्डेन के खिलाफ शिकायत आने पर इसे भी शुरू होने से पहले बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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महानगर में थ्री डॉट्स स्कूल ने नई बिल्डिंग बनाने के बाद अपनी मान्यता के लिए बेसिक शिक्षा विभाग में आवेदन किया था। अंग्रेजी मीडियम के लिए सात कमरे मानक के अनुसार होने चाहिए, जो मौके पर पूरे नहीं बने थे। इनकी लिंटर डाली जा रही थी। निरीक्षण के दौरान इनका काम पूरा नहीं था, ऐसे में आवेदन रद्द कर दिया गया।
स्टेडियम रोड स्थित शेखर प्राइड स्कूल को मान्यता न होने की वजह से पिछले साल ही बंद होने का नोटिस जारी कर दिया गया था। इन्हाेंने स्कूल बंद करके बेसिक विभाग को सूचना भी दे दी। इस बार फिर इन्होंने मान्यता के लिए आवेदन किया था। इनके पास भवन के लिए पीडब्ल्यूडी की एनओसी भी नहीं है। शहर के थ्री डाट्स स्कूल महानगर, विक्र म पब्लिक स्कूल मढ़ीनाथ, गुरुकुल पब्लिक स्कूल प्रेमनगर, ट्री स्टार कान्वेंट स्कूल जोगीनवादा, तक्षशिला कान्वेंट स्कूल कैंट, रॉयल पब्लिक स्कूल दुर्गानगर, भटनागढ़ मांटेसरी पब्लिक स्कूल महानगर, एसजेएस किड्स जोन कर्मचारी नगर, फ्यूचर फाउंडेशन पब्लिक स्कूल सैलानी ने आवेदन किए थे।
स्कूल खोलने के यह हैं नियम
स्कूल खोलने से पहले बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता लेना जरूरी है। परिषद नर्सरी से मान्यता देना शुरू करता है। पहले स्कूल शुरू होने के बाद मान्यता ली जाती थी ताकि निरीक्षण में स्कूल चलता मिले। नए आरटीई नियमों के मुताबिक पहले मान्यता लेनी होती है फिर स्कूल खोले जाते हैं लेकिन स्कूल को अपना भवन और इंफ्र ास्ट्रक्चर मान्यता आवेदन करते समय तैयार रखना होता है। 180 स्क्वायर फिट में भवन, पीडब्ल्यूडी और फायर से एनओसी, दस साल का रजिस्टर्ड किरायानामा, विद्यालय के नाम जमीन, लाइब्रेरी, विज्ञान किट, इंडोर खेलकूद और फर्नीचर की व्यवस्था होनी चाहिए। अंग्रेजी माध्यम के लिए कक्षा पांच तक सात कमरे और हिंदी माध्यम के लिए कक्षा पांच तक पांच कमरे मानक के अनुसार जरूरी हैं, जबकि अधिकतर स्कूलों के पास न तो लाइब्रेरी है और न ही विज्ञान किट।
हर साल कई स्कूल मान्यता लेने के लिए आवेदन करते हैं। इस बार भी करीब 90 स्कूलों ने आवेदन किए थे, लेकिन 34 स्कूल निरीक्षण के दौरान मानक के विपरीत पाए गए। इसलिए इनके आवेदन रद्द कर दिए गए हैं। जानकारी मिली है कि कुछ स्कूल एडमिशन शुरू कर चुके थे, जिनके आवेदन रद्द हुए हैं वे मानक पूरे करके फिर आवेदन करेंगे।
- चंदना राम इकबाल यादव, बीएसए
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शैक्षिक सत्र 2016-2017 में जिले भर से 90 से अधिक स्कूलों ने बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता लेने के लिए आवेदन किया था। इसमें कुछ हिंदी मीडियम तो कुछ अंग्रेजी मीडियम के स्कूल शामिल थे। दोनों स्कूलों की मान्यता के लिए अलग-अलग प्रकार के मानकों को पूरा करना होता है।
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शहर में करीब 13 स्कूलों की मान्यता आवेदन रद्द किये गए हैं। इनमें गुरुकुल पब्लिक स्कूल प्रेमनगर को अंग्रेजी माध्यम की मान्यता लेनी थी, जबकि इसकी हिंदी माध्यम की मान्यता पहले से है। निरीक्षण के दौरान स्कूल को अंग्रेजी माध्यम के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया तो आवेदन रद्द कर दिया गया। यहां हिंदी माध्यम की कक्षाएं पहले की तरह लगती रहेगी। ऐसा ही मामला तक्षशिला कान्वेंट स्कूल कैंट का भी था। आल्मा मातेर किंडर गार्डेन के खिलाफ शिकायत आने पर इसे भी शुरू होने से पहले बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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महानगर में थ्री डॉट्स स्कूल ने नई बिल्डिंग बनाने के बाद अपनी मान्यता के लिए बेसिक शिक्षा विभाग में आवेदन किया था। अंग्रेजी मीडियम के लिए सात कमरे मानक के अनुसार होने चाहिए, जो मौके पर पूरे नहीं बने थे। इनकी लिंटर डाली जा रही थी। निरीक्षण के दौरान इनका काम पूरा नहीं था, ऐसे में आवेदन रद्द कर दिया गया।
स्टेडियम रोड स्थित शेखर प्राइड स्कूल को मान्यता न होने की वजह से पिछले साल ही बंद होने का नोटिस जारी कर दिया गया था। इन्हाेंने स्कूल बंद करके बेसिक विभाग को सूचना भी दे दी। इस बार फिर इन्होंने मान्यता के लिए आवेदन किया था। इनके पास भवन के लिए पीडब्ल्यूडी की एनओसी भी नहीं है। शहर के थ्री डाट्स स्कूल महानगर, विक्र म पब्लिक स्कूल मढ़ीनाथ, गुरुकुल पब्लिक स्कूल प्रेमनगर, ट्री स्टार कान्वेंट स्कूल जोगीनवादा, तक्षशिला कान्वेंट स्कूल कैंट, रॉयल पब्लिक स्कूल दुर्गानगर, भटनागढ़ मांटेसरी पब्लिक स्कूल महानगर, एसजेएस किड्स जोन कर्मचारी नगर, फ्यूचर फाउंडेशन पब्लिक स्कूल सैलानी ने आवेदन किए थे।
स्कूल खोलने के यह हैं नियम
स्कूल खोलने से पहले बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता लेना जरूरी है। परिषद नर्सरी से मान्यता देना शुरू करता है। पहले स्कूल शुरू होने के बाद मान्यता ली जाती थी ताकि निरीक्षण में स्कूल चलता मिले। नए आरटीई नियमों के मुताबिक पहले मान्यता लेनी होती है फिर स्कूल खोले जाते हैं लेकिन स्कूल को अपना भवन और इंफ्र ास्ट्रक्चर मान्यता आवेदन करते समय तैयार रखना होता है। 180 स्क्वायर फिट में भवन, पीडब्ल्यूडी और फायर से एनओसी, दस साल का रजिस्टर्ड किरायानामा, विद्यालय के नाम जमीन, लाइब्रेरी, विज्ञान किट, इंडोर खेलकूद और फर्नीचर की व्यवस्था होनी चाहिए। अंग्रेजी माध्यम के लिए कक्षा पांच तक सात कमरे और हिंदी माध्यम के लिए कक्षा पांच तक पांच कमरे मानक के अनुसार जरूरी हैं, जबकि अधिकतर स्कूलों के पास न तो लाइब्रेरी है और न ही विज्ञान किट।
हर साल कई स्कूल मान्यता लेने के लिए आवेदन करते हैं। इस बार भी करीब 90 स्कूलों ने आवेदन किए थे, लेकिन 34 स्कूल निरीक्षण के दौरान मानक के विपरीत पाए गए। इसलिए इनके आवेदन रद्द कर दिए गए हैं। जानकारी मिली है कि कुछ स्कूल एडमिशन शुरू कर चुके थे, जिनके आवेदन रद्द हुए हैं वे मानक पूरे करके फिर आवेदन करेंगे।
- चंदना राम इकबाल यादव, बीएसए