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स्वयं सेवकों ने नाथ मंदिरों में की श्रद्धालुओं की सेवा
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बरेली। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयं सेवकों ने शिवरात्रि के दिन नाथ नगरी के सातों मंदिरों के बाहर खड़े होकर भोर से देर रात तक मंदिर परिसर की साफ-सफाई की और श्रद्धालुओं के जूते चप्पलों को ठीक जगह पर रखवाया। नाथ प्रमुखों की अगुवाई में स्वयं सेवक डंडा लेकर मंदिर के बाहर खड़े रहे और श्रद्धालुओं को लाइन में लगवाकर व्यवस्था संभाली।
तपेश्वरनाथ मंदिर में विवेकानंद, पंकज और आदर्श, मढ़ीनाथ मंदिर में दीनदयाल, शिवम और विकास, धोपेश्वरनाथ में धोपेश्वर, रमेश और देवेंद्र, अलखनाथ मंदिर में केशव-माधव, त्रिवेंद्र और ज्ञानदेव, त्रिवटीनाथ में विश्वास और ऋषि, पशुपतिनाथ में महेश और संजय वनखंडीनाथ में विवेक और नरेंद्र की ड्यूटी लगाई। प्रत्येक मंदिर में 20 से 25 स्वयं सेवकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसको नर सेवा-नारायण सेवा नाम दिया गया। स्वयं सेवकों ने श्रद्धालुओं में महिला और पुरुषों की अलग अलग पंक्तियां बनवाकर भीड़ को नियंत्रित किया। मंदिर परिसर में साफ-सफाई की।
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तपेश्वरनाथ मंदिर में विवेकानंद, पंकज और आदर्श, मढ़ीनाथ मंदिर में दीनदयाल, शिवम और विकास, धोपेश्वरनाथ में धोपेश्वर, रमेश और देवेंद्र, अलखनाथ मंदिर में केशव-माधव, त्रिवेंद्र और ज्ञानदेव, त्रिवटीनाथ में विश्वास और ऋषि, पशुपतिनाथ में महेश और संजय वनखंडीनाथ में विवेक और नरेंद्र की ड्यूटी लगाई। प्रत्येक मंदिर में 20 से 25 स्वयं सेवकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसको नर सेवा-नारायण सेवा नाम दिया गया। स्वयं सेवकों ने श्रद्धालुओं में महिला और पुरुषों की अलग अलग पंक्तियां बनवाकर भीड़ को नियंत्रित किया। मंदिर परिसर में साफ-सफाई की।
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