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सौ रुपये के स्टांप पर जमीन खरीदने का कमिश्नर ने तलब किया रिकॉर्ड
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 23 Oct 2018 02:24 PM IST
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कांग्रेस विधायकों का साइन किया हुआ स्टाम्प पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
- फोटो : फोटो- ट्विटर
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बहगुलपुर में नया सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने के लिए सौ रुपये के स्टांप पर करीब 125 बीघा जमीन खरीदने के मामले की कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने जांच शुरू कर दी है। सोमवार को नगर निगम की टीम जमीन से जुड़ा रिकॉर्ड लेकर कमिश्नर दफ्तर पहुंची।
नगर निगम का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लंबे समय से विवादों में फंसा है। उमेश गौतम ने अक्तूबर 2017 में मेयर बनने से पहले फरीदपुर के गांव बहगुलपुर में प्लांट लगाने के लिए किसानों से करीब 125 बीघा जमीन खरीदकर नगर निगम को दान दी थी। जमीन की रजिस्ट्री सौ रुपये के स्टांप पर राज्यपाल के नाम कराई गई। जमीन खरीदने के लिए राज्यपाल या उनके द्वारा नामित किसी सक्षम अधिकारी से अनुमति नहीं ली गई।
तत्कालीन डीएम आर. विक्रम सिंह से आदेश पत्र ले लिया गया था। इस पर पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर ने आपत्ति उठाते हुए शासन से शिकायत की तो जांच शुरू हुई। पूर्व कमिश्नर डॉ. पीवी जगनमोहन ने मामले की जांच बीडीए वीसी को सौंपी तो उन्होंने कम समय का हवाला देखकर जांच करने से इंकार कर दिया। इसके बाद मामला फिर शासन पहुंच गया। हालांकि इस मामले में उप निबंधक फरीदपुर को निलंबित किया जा चुका है।
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चर्चा है कि इसी बीच नगर आयुक्त ने स्टांप छूट को लेकर शासन में पैरवी शुरू की है। इसके चलते शासन ने सौ रुपये के स्टांप पर जमीन खरीदने के मामले में कमिश्नर से रिपोर्ट तलब की है। कमिश्नर के निर्देश पर सोमवार को कर निर्धारण अधिकारी विपिन कुलदीप इस मामले की फाइल लेकर उनके कार्यालय पहुंचे।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए सौ रुपये स्टांप पर जमीन खरीदने के मामले में शासन ने रिपोर्ट मांगी है। नगर निगम से इसका रिकॉर्ड मंगाया था। उसका अध्ययन करने के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा। - रणवीर प्रसाद, कमिश्नर
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नगर निगम का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लंबे समय से विवादों में फंसा है। उमेश गौतम ने अक्तूबर 2017 में मेयर बनने से पहले फरीदपुर के गांव बहगुलपुर में प्लांट लगाने के लिए किसानों से करीब 125 बीघा जमीन खरीदकर नगर निगम को दान दी थी। जमीन की रजिस्ट्री सौ रुपये के स्टांप पर राज्यपाल के नाम कराई गई। जमीन खरीदने के लिए राज्यपाल या उनके द्वारा नामित किसी सक्षम अधिकारी से अनुमति नहीं ली गई।
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तत्कालीन डीएम आर. विक्रम सिंह से आदेश पत्र ले लिया गया था। इस पर पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर ने आपत्ति उठाते हुए शासन से शिकायत की तो जांच शुरू हुई। पूर्व कमिश्नर डॉ. पीवी जगनमोहन ने मामले की जांच बीडीए वीसी को सौंपी तो उन्होंने कम समय का हवाला देखकर जांच करने से इंकार कर दिया। इसके बाद मामला फिर शासन पहुंच गया। हालांकि इस मामले में उप निबंधक फरीदपुर को निलंबित किया जा चुका है।
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चर्चा है कि इसी बीच नगर आयुक्त ने स्टांप छूट को लेकर शासन में पैरवी शुरू की है। इसके चलते शासन ने सौ रुपये के स्टांप पर जमीन खरीदने के मामले में कमिश्नर से रिपोर्ट तलब की है। कमिश्नर के निर्देश पर सोमवार को कर निर्धारण अधिकारी विपिन कुलदीप इस मामले की फाइल लेकर उनके कार्यालय पहुंचे।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए सौ रुपये स्टांप पर जमीन खरीदने के मामले में शासन ने रिपोर्ट मांगी है। नगर निगम से इसका रिकॉर्ड मंगाया था। उसका अध्ययन करने के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा। - रणवीर प्रसाद, कमिश्नर