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Bareilly News: सरायतल्फी से हटेगा 25 हजार मीट्रिक टन कूड़ा, लगाए जाएंगे पौधे
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मियाबाकी पद्धति से पौधे लगाएगा निगम, तीन महीने में कूड़ा खत्म करने का लक्ष्य
बरेली। सरायतल्फी से 25 हजार मीट्रिक टन कूड़ा हटाने के बाद यहां पौधे रोपे जाएंगे। नगर निगम के पर्यावरण विभाग ने मियाबाकी पद्धति से जंगल विकसित करने की तैयारी की है। अगले तीन महीने में कूड़ा खत्म करने का लक्ष्य है।
बाकरगंज की तरह सरायतल्फी में वर्षों से कूड़ा डंप है। यहां 700 मीट्रिक टन क्षमता का संयंत्र लगाया गया है। 25 सितंबर से कूड़ा निस्तारण ने रफ्तार पकड़ी है। हर रोज 400 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारण का औसत है। अगर यही रफ्तार बनी रही तो 62 दिन में कूड़ा हट जाएगा। हालांकि, बीच-बीच में अवकाश व प्लांट ब्रेकडाउन को लेकर इसे तीन माह रखा गया है।
पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि यहां 25 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारित होना है। इससे निकले मलबा, रोड़ा, मिट्टी के अलावा कूड़े से निकले पॉलिथीन, कपड़े आदि सामग्री को ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। कूड़ा निस्तारण के लिए 20 कर्मचारियों की टीम लगी है। ब्यूरो
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बरेली। सरायतल्फी से 25 हजार मीट्रिक टन कूड़ा हटाने के बाद यहां पौधे रोपे जाएंगे। नगर निगम के पर्यावरण विभाग ने मियाबाकी पद्धति से जंगल विकसित करने की तैयारी की है। अगले तीन महीने में कूड़ा खत्म करने का लक्ष्य है।
बाकरगंज की तरह सरायतल्फी में वर्षों से कूड़ा डंप है। यहां 700 मीट्रिक टन क्षमता का संयंत्र लगाया गया है। 25 सितंबर से कूड़ा निस्तारण ने रफ्तार पकड़ी है। हर रोज 400 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारण का औसत है। अगर यही रफ्तार बनी रही तो 62 दिन में कूड़ा हट जाएगा। हालांकि, बीच-बीच में अवकाश व प्लांट ब्रेकडाउन को लेकर इसे तीन माह रखा गया है।
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पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि यहां 25 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारित होना है। इससे निकले मलबा, रोड़ा, मिट्टी के अलावा कूड़े से निकले पॉलिथीन, कपड़े आदि सामग्री को ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। कूड़ा निस्तारण के लिए 20 कर्मचारियों की टीम लगी है। ब्यूरो
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