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अगले महीने से शुरू होंगे स्मार्ट सिटी 24 कार्य
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बरेली। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने मंगलवार को प्रदेश के सभी शहरों में स्मार्ट सिटी मिशन और अमृत योजना की ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। कमिश्नर आर. रमेश कुमार ने मुख्य सचिव को बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत अगले महीने बरेली में 24 काम और शुरू होंगे।
मुख्य सचिव ने समीक्षा के दौरान विकास कार्यों की रफ्तार में और तेजी लाने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने बताया कि जनपद में स्मार्ट सिटी और अमृत योजना के अंतर्गत पिछले दिनों प्रगति अच्छी रही है। इसके तहत करीब 24 काम शुरू किए जा चुके हैं, लगभग इतने ही काम अगले महीने शुरू हो जाएंगे। इन सबकी टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है। समीक्षा बैठक में स्मार्ट सिटी सीईओ अभिषेक आनंद, वरिष्ठ महाप्रबंधक भूपेश कुमार सिंह, जल निगम के अधिशासी अभियंता संजय कुमार आदि मौजूद रहे।
छोटी परियोजनाएं पूरी करके लूटी वाहवाही
तीन साल पहले 2018 में जब बरेली का स्मार्ट सिटी में चयन किया गया था, तब 2021 तक शहर को स्मार्ट बनाने का दावा किया गया था। मगर अब तक सिर्फ 17 फीसदी योजनाएं ही पूरी हो सकी हैं। मुख्य सचिव की बैठक में भले ही यहां के अधिकारियों ने वाहवाही लूट ली हो लेकिन हकीकत असलियत है कि बरेली स्मार्ट सिटी की रैंकिंग 77 है। करीब 21 करोड़ के तीन प्रोजेक्ट की डीपीआर ही अब तक नहीं बन सकी है। 19 करोड़ के प्रोजेक्ट टेंडर प्रकिया में अटके हैं। स्मार्ट सिटी की 63 परियोजनाओं में छोटी-मोटी दस योजनाओं को पूरा कर स्मार्ट सिटी के अफसर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं।
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मुख्य सचिव ने समीक्षा के दौरान विकास कार्यों की रफ्तार में और तेजी लाने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने बताया कि जनपद में स्मार्ट सिटी और अमृत योजना के अंतर्गत पिछले दिनों प्रगति अच्छी रही है। इसके तहत करीब 24 काम शुरू किए जा चुके हैं, लगभग इतने ही काम अगले महीने शुरू हो जाएंगे। इन सबकी टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है। समीक्षा बैठक में स्मार्ट सिटी सीईओ अभिषेक आनंद, वरिष्ठ महाप्रबंधक भूपेश कुमार सिंह, जल निगम के अधिशासी अभियंता संजय कुमार आदि मौजूद रहे।
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छोटी परियोजनाएं पूरी करके लूटी वाहवाही
तीन साल पहले 2018 में जब बरेली का स्मार्ट सिटी में चयन किया गया था, तब 2021 तक शहर को स्मार्ट बनाने का दावा किया गया था। मगर अब तक सिर्फ 17 फीसदी योजनाएं ही पूरी हो सकी हैं। मुख्य सचिव की बैठक में भले ही यहां के अधिकारियों ने वाहवाही लूट ली हो लेकिन हकीकत असलियत है कि बरेली स्मार्ट सिटी की रैंकिंग 77 है। करीब 21 करोड़ के तीन प्रोजेक्ट की डीपीआर ही अब तक नहीं बन सकी है। 19 करोड़ के प्रोजेक्ट टेंडर प्रकिया में अटके हैं। स्मार्ट सिटी की 63 परियोजनाओं में छोटी-मोटी दस योजनाओं को पूरा कर स्मार्ट सिटी के अफसर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं।
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