{"_id":"61ddedc0bf72547bbd2f1bbb","slug":"22-years-prison-in-rape-case-bareilly-news-bly4722505146","type":"story","status":"publish","title_hn":"12 साल की बच्ची से दुष्कर्म में 22 साल कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
12 साल की बच्ची से दुष्कर्म में 22 साल कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बारह साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले युवक को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सुरेश कुमार गुप्ता की अदालत ने 22 साल कैद की सजा सुनाई।
क्योलड़िया क्षेत्र में हुई घटना की रिपोर्ट बच्ची के पिता ने दर्ज कराई थी। कहा था कि 12 जून 2018 को वह और घर के अन्य लोग भंडारा खाने गए थे। घर में बारह साल की बेटी अकेली थी। बच्ची किसी का से घर से बाहर गई तो रास्ते में विक्की ने उसे अकेला देखकर अपने मकान में खींच लिया और कमरे में बंद करके दुष्कर्म किया। वापस लौटने पर पिता को जब बच्ची नहीं दिखी तो उसने खोजबीन की। शाम के चार बजे पीड़िता घर लौट आई और अपनी चाची को आपबीती बताई। 15 जून को बच्ची के पिता ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
अभियोजन की ओर से इस मामले में विशेष लोक अभियोजक सरनाम सिंह और प्रवीण सिंह ने कुल नौ गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने अभियुक्त विक्की को दोषी ठहराते हुए 22 साल कैद की सजा सुनाई है और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की आधी राशि को पीड़िता को देने का आदेश कोर्ट ने किया।
विज्ञापन
क्योलड़िया क्षेत्र में हुई घटना की रिपोर्ट बच्ची के पिता ने दर्ज कराई थी। कहा था कि 12 जून 2018 को वह और घर के अन्य लोग भंडारा खाने गए थे। घर में बारह साल की बेटी अकेली थी। बच्ची किसी का से घर से बाहर गई तो रास्ते में विक्की ने उसे अकेला देखकर अपने मकान में खींच लिया और कमरे में बंद करके दुष्कर्म किया। वापस लौटने पर पिता को जब बच्ची नहीं दिखी तो उसने खोजबीन की। शाम के चार बजे पीड़िता घर लौट आई और अपनी चाची को आपबीती बताई। 15 जून को बच्ची के पिता ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
अभियोजन की ओर से इस मामले में विशेष लोक अभियोजक सरनाम सिंह और प्रवीण सिंह ने कुल नौ गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने अभियुक्त विक्की को दोषी ठहराते हुए 22 साल कैद की सजा सुनाई है और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की आधी राशि को पीड़िता को देने का आदेश कोर्ट ने किया।
विज्ञापन