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सिटी में 14, संजय नगर में सात और गुलाबबाड़ी में एक शव कोविड विधि से हुआ अंतिम संस्कार
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बरेली। शहर के प्रमुख श्मशान घाटों पर रविवार को नजारा और भी ज्यादा हौलनाक था। तीन श्मशान घाट पर कुल 45 शवों की अंत्येष्टि हुई जिनमें से आधे 22 शव का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के तहत किया गया। श्मशान घाटों पर लगातार शवों की संख्या बढ़ने के कारण प्रबंध कमेटियों ने लोगों से दूसरे ही दिन अपने परिजन की अस्थियां चुनने की अपील की है ताकि दूसरे शवों के लिए चिता स्थल खाली हो सकें।
कोरोना के भयावह दौर में अब बरेली के श्मशान घाटों पर भी शव यात्राओं का तांता लगने लगा है। सिटी श्मशान भूमि पर रविवार को 20 शव पहुंचे जिनमें से 14 शव का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के तहत किया गया। श्मशान भूमि के गैस संयत्र पर एक के बाद एक कई शवों की अंत्येष्टि होने के कारण कोविड संक्रमित चार लोगों का अंतिम संस्कार जमीन पर भी करना पड़ा। संजयनगर श्मशान भूमि पर रविवार को 20 शवों की अंत्येष्टि हुई जिनमें सात शव कोरोना संक्रमितों के थे। इन सातों का अंतिम संस्कार कोविड नियमों के तहत किया गया। गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि पर पांच शव पहुंचे जिनमें से एक का अंतिम संस्कार कोविड नियमों के तहत किया गया।
श्मशान घाटों पर लगातार शवों की संख्या बढ़ने के कारण गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि प्रबंध कमेटी के महामंत्री दिनेश दद्दा ने अपील की है कि लोग अपने परिजन का अंतिम संस्कार के बाद तीन दिन के बजाय दूसरे दिन ही अस्थियां चुन ले जाएं ताकि दूसरे शव के अंतिम संस्कार में दिक्कत न हो। बता दें कि गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि पर सात चिता स्थल हैं। हर रोज कई-कई शव पहुंचने की वजह से चितास्थल नए अंतिम संस्कार के लिए खाली नहीं हो पा रहे हैं।
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हौलनाक : पिछले 11 दिनों में
22, अब एक ही दिन में इतने
कोरोना किस कदर जानलेवा होता जा रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर के श्मशान घाटों पर सात अप्रैल से 17 अप्रैल तक 11 दिनों में 22 शवों का अंतिम संस्कार कोविड नियमों के तहत हुआ था लेकिन 18 अप्रैल यानी रविवार को एक ही दिन में 22 शवों की अंत्येष्टि कोविड प्रोटोकॉल के तहत की गई। सिटी, संजयनगर और गुलाबबाड़ी श्मशान घाट के आंकड़ों के मुताबिक सात अप्रैल को एक शव की अंत्येष्टि हुई। इसके बाद आठ से 12 अप्रैल तक कोरोना संक्रमित का कोई शव नहीं पहुंचा। 13 अप्रैल को तीन, 14 अप्रैल को पांच, 15 अप्रैल को दो, 16 अप्रैल को सात और 17 अप्रैल को चार शव का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल से हुआ। 18 अप्रैल को एक साथ 22 शव की अंत्येष्टि कोविड नियमों के तहत की गई।
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कोरोना के भयावह दौर में अब बरेली के श्मशान घाटों पर भी शव यात्राओं का तांता लगने लगा है। सिटी श्मशान भूमि पर रविवार को 20 शव पहुंचे जिनमें से 14 शव का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के तहत किया गया। श्मशान भूमि के गैस संयत्र पर एक के बाद एक कई शवों की अंत्येष्टि होने के कारण कोविड संक्रमित चार लोगों का अंतिम संस्कार जमीन पर भी करना पड़ा। संजयनगर श्मशान भूमि पर रविवार को 20 शवों की अंत्येष्टि हुई जिनमें सात शव कोरोना संक्रमितों के थे। इन सातों का अंतिम संस्कार कोविड नियमों के तहत किया गया। गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि पर पांच शव पहुंचे जिनमें से एक का अंतिम संस्कार कोविड नियमों के तहत किया गया।
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श्मशान घाटों पर लगातार शवों की संख्या बढ़ने के कारण गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि प्रबंध कमेटी के महामंत्री दिनेश दद्दा ने अपील की है कि लोग अपने परिजन का अंतिम संस्कार के बाद तीन दिन के बजाय दूसरे दिन ही अस्थियां चुन ले जाएं ताकि दूसरे शव के अंतिम संस्कार में दिक्कत न हो। बता दें कि गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि पर सात चिता स्थल हैं। हर रोज कई-कई शव पहुंचने की वजह से चितास्थल नए अंतिम संस्कार के लिए खाली नहीं हो पा रहे हैं।
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22, अब एक ही दिन में इतने
कोरोना किस कदर जानलेवा होता जा रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर के श्मशान घाटों पर सात अप्रैल से 17 अप्रैल तक 11 दिनों में 22 शवों का अंतिम संस्कार कोविड नियमों के तहत हुआ था लेकिन 18 अप्रैल यानी रविवार को एक ही दिन में 22 शवों की अंत्येष्टि कोविड प्रोटोकॉल के तहत की गई। सिटी, संजयनगर और गुलाबबाड़ी श्मशान घाट के आंकड़ों के मुताबिक सात अप्रैल को एक शव की अंत्येष्टि हुई। इसके बाद आठ से 12 अप्रैल तक कोरोना संक्रमित का कोई शव नहीं पहुंचा। 13 अप्रैल को तीन, 14 अप्रैल को पांच, 15 अप्रैल को दो, 16 अप्रैल को सात और 17 अप्रैल को चार शव का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल से हुआ। 18 अप्रैल को एक साथ 22 शव की अंत्येष्टि कोविड नियमों के तहत की गई।