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वरुण को लाकर रुहेलखंड में हिंदुत्व को धार देगी भाजपा
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वरुण को लाकर रुहेलखंड में हिंदुत्व को धार देगी भाजपा
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के तेज तर्रार बेटे वरुण को पीलीभीत से लोकसभा प्रत्याशी बनाकर एक तीर से दो निशाने साधे हैं। वरुण के जरिए भाजपा पीलीभीत के अलावा रुहेलखंड मंडल की पांचों सीटों पर हिंदुत्व के एजेंडे को और धार देकर विपक्ष के जातीय समीकरण को ध्वस्त करेगी। वरुण गांधी दस साल पहले एक समुदाय के विरोध में विवादित बयान देकर काफी चर्चा में रहे थे। तत्कालीन बसपा सरकार ने वरुण को विवादित बयान देने पर जेल भी भेज दिया था। उसके बाद वरुण गांधी वर्ष 2009 में पीलीभीत से रिकार्ड वोटों से लोकसभा चुनाव जीते थे। यह स्थिति तब थी, जब उत्तर प्रदेश में भाजपा मात्र दस सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई थी। वरुण की मां मेनका गांधी उस समय आंवला में चुनाव लड़ी थी। वह भी बहुत कम मतों के अंतर से चुनाव जीत पाई थीं।
भाजपा सूत्रों की मानें तो सपा-बसपा गठबंधन के जातीय समीकरण की एकमात्र काट वोटों का ध्रुवीकरण ही है। रुहेलखंड मंडल की बरेली, आंवला, बदायूं और शाहजहांपुर लोकसभा सीटों पर नरम मिजाज के नेता चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में पीलीभीत से वरुण के रूप में तेज तर्रार चेहरा सामने रहेगा तो हिंदुत्व की धार मजबूत रहेगी, जिसका फायदा अन्य पार्टी प्रत्याशियों को भी मिलेगा। हालांकि सुल्तानपुर में पांच साल सांसद कार्यकाल में वरुण गांधी ने कोई विवादित नहीं दिया।
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भाजपा सूत्रों की मानें तो सपा-बसपा गठबंधन के जातीय समीकरण की एकमात्र काट वोटों का ध्रुवीकरण ही है। रुहेलखंड मंडल की बरेली, आंवला, बदायूं और शाहजहांपुर लोकसभा सीटों पर नरम मिजाज के नेता चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में पीलीभीत से वरुण के रूप में तेज तर्रार चेहरा सामने रहेगा तो हिंदुत्व की धार मजबूत रहेगी, जिसका फायदा अन्य पार्टी प्रत्याशियों को भी मिलेगा। हालांकि सुल्तानपुर में पांच साल सांसद कार्यकाल में वरुण गांधी ने कोई विवादित नहीं दिया।
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