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बुलंद हौसलों से आज आसमान छू रहीं बेटियां

Sun, 10 Mar 2019 02:07 AM IST
पवन चंद्रा पवन चंद्र, बरेली
पवन चंद्र, बरेली Published by: पवन चंद्रा Updated Sun, 10 Mar 2019 02:07 AM IST
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बुलंद हौसलों से आज आसमान छू रहीं बेटियां
बुलंद हौसलों से आज आसमान छू रहीं बेटियां - फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत शनिवार को खंडेलवाल कॉलेज में हुए यातायात जागरूकता कार्यक्रम में एसपी ट्रैफिक सुभाष चंद्र गंगवार ने छात्राओं को यातायात संबंधी नियमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन करें और सड़क पर खुद व दूसरों को भी सुरक्षित रखें। एक वक्त था जब बेटियां घरों से बाहर नहीं निकल पाती थीं, लेकिन आज बेटियां हवाई जहाज और जंगी जहाज उड़ा रही हैं।
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यातायात के नियमों की जानकारी होना सभी को बहुत जरुरी

बुलंद हौसलों से आज आसमान छू रहीं बेटियां
बुलंद हौसलों से आज आसमान छू रहीं बेटियां - फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। पहले सड़क पर दोपहिया और चार पहिया वाहन चलाने वाली महिलाएं नाममात्र दिखती थीं। आज स्कूल-कॉलेज, बाजार, हाइवे हर जगह महिलाएं वाहन चलाती नजर आती हैं। एसपी ट्रैफिक ने कहा कि इसी वजह से सभी को यातायात के नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। इसका पालन भी करें।
एसपी ट्रैफिक ने कहा कि नियमों का पालन न करने से ही भारत आज दुनिया में कैपिटल ऑफ एक्सीडेंट बन गया है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए बताया कि बरेली में सबसे ज्यादा मौतें सड़क हादसों में हुईं। बरेली में 2018 में 1150 सड़क हादसों की रिपोर्ट दर्ज हुई, जिसमें 484 की मौत हुई और 907 गंभीर रूप से घायल हुए। वहीं, बरेली में 2018 में 92 लोगों की हत्या के केस दर्ज है। उन्होंने कहा कि अगर सिविक सेंस से काम लें तो हादसे 90 फीसदी तक कम हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि टोकना सीखें। अगर छात्राएं वाहन से चल रही है और कोई दूसरा गलती कर रहा है तो उसे बिना झिझक टोकें। वाहन चलाना भी महिला सशक्तीकरण की पहचान हैं। इससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने यातायात पुलिस की भावी योजनाओं के बारे में भी बताया। कहा कि शहर में रविवार से ई-चालान की व्यवस्था लागू हो जाएगी। पहली गलती पर 100 रुपये, दूसरी पर तीन गुना और तीसरी गलती पर ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त हो जाएगा। स्मार्ट सिटी के तहत शहर में 140 कैमरे लग रहे हैं। अगर यातायात नियम तोड़े तो ऑटोमेटिक चालान हो जाएगा, इसलिए सड़क पर वाहन चलाने वक्त नियमों का पालन करें। उन्होंने बताया कि शहर में जल्द ही महिला ट्रैफिक पुलिस भी नजर आएंगी। बेटियों का पढ़ा-लिखा होना बेहद जरूरी है तभी समाज में उनको बराबरी का हक मिल पाएगा। उन्होंने 1090 और डायल 100 की भी जानकारी दी।

 
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बुलंद हौसलों से आज आसमान छू रहीं बेटियां
बुलंद हौसलों से आज आसमान छू रहीं बेटियां - फोटो : अमर उजाला, बरेली
शिक्षा में बढ़ रहा बेटियां का कद
केसीएमटी के महानिदेशक अमरेश कुमार और प्रिंसिपल डॉ. आरके सिंह ने भी छात्राओं को संबोधित किया। बोले, शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की संख्या काफी कम होती थी। पिछले कुछ वर्षों में बेटियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। उन्होंने बताया कि उनके महाविद्यालय में ही 50 फीसदी से ज्यादा छात्राएं हैं। उन्होंने कहा कि वक्त तेजी से बदल रहा है। बेटियां हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। महानिदेशक ने आखिर में अमर उजाला के अपराजिता अभियान के संकल्प पत्र की शपथ भी दिलाई।
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