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जलनिकासी का नहीं हुआ इंतजाम, हजियापुर वाले बेचने लगे मकान
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बरेली। बरसात आने में अभी करीब छह महीने का समय बाकी है, मगर हजियापुर के लोग जलभराव को लेकर अभी से ही सहमे हुए हैं। निगम अफसरों की अनदेखी के चलते इन दिनों भी हजियापुर में जलभराव है। परेशान होकर यहां के बाशिंदे अब मकान बेचकर जाने लगे हैं। जलभराव की समस्या के समाधान को एक नाले का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में स्वीकृत भी हुआ लेकिन काम अब तक फाइलों में ही अटका हुआ है।
हजियापुर का सारा पानी नगर निगम के तालाब में जाता है। तालाब छोटा होने के कारण थोड़ा पानी के बाद ही उफान आ जाता है। इसके चलते पिछले साल बरसात के दिनों में हजियापुर में रैन बसेरा के आसपास घुटनों से ज्यादा पानी भर गया था। गंदे पानी से निकलने के कारण लोगों को चर्म रोग हो गया और प्राथमिक स्कूल भी लंबे समय बंद रहा। मगर छह महीने बीतने के बावजूद आगामी बारिश में जलभराव रोकने के इंतजाम अब तक यहां शुरू नहीं हुए हैं। इसके चलते रैन बसेरा के पास यहां सड़क पर अब भी पानी भरा हुआ है और लोग इसी गंदे पानी से गुजरने को मजबूर हैं।
गंदगी है बहुत, बिकाऊ है मकान
हजियापुर में तालाब के पास ही तीन मकानों पर बेचने के लिए इश्तिहार लगा हुआ है। पास ही रहने वाले देवेंद्र सागर ने बताया कि इनमें से एक मकान उनके चाचा दलवीर का है। उनके समेत तीनों लोग बरसात में होने वाले नरक के चलते ही मकान बेचना चाहते हैं।
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स्वीकृत हुआ नाला, फाइलों में कैद
पार्षद रईस मियां अब्बासी ने बताया कि करीब 300 मीटर लंबा नाला बोर्ड से स्वीकृत हो गया है। इस नाले के जरिये हजियापुर का पानी संपवेल में पहुंचने लगेगा और जलनिकासी की समस्या से निजात मिल जाएगी। मगर प्रस्ताव पास होने के बावजूद आगे की प्रक्रिया अब तक फाइलों में कैद है।
हजियापुर का नाला स्वीकृत हो गया है। लखनऊ से आई टीम लेवल चेक कर चुकी है। इसी सप्ताह नाले का काम शुरू करा दिया जाएगा। इस बार वहां पर जलभराव नहीं होगा। - राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त
रेजीडेंसी गार्डन पहुंचे मेयर, सुनी परेशानियां
बरेली। अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेकर मेयर उमेश गौतम एवं उपसभापति अतुल कपूर शुक्रवार शाम को रेजीडेंसी गार्डन पहुंचे। इस दौरान शिव गार्डन और नीलकंठ के लोग भी एकत्र हो गए। बैठक के दौरान लोगों ने बरसात के दौरान झेली समस्याओं के बारे में मेयर को याद दिलाया तो समाधान को लेकर चर्चा हुई। कालोनाइजर के लोग भी बैठक में एकत्र थे। इस दौरान मेयर ने बताया कि कालोनाइजर से उनकी बात हुई है। जलनिकासी को लेकर नया संपवेल बनवाने को वह तैयार हैं। लोगों ने कालोनी को नगर निगम को हैंडओवर करने को कहा तो मेयर बोले कि आप लोग सहमति बनाओ और शर्तें पूरी करो। नगर निगम कालोनी को लेने के लिए तैयार है।
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हजियापुर का सारा पानी नगर निगम के तालाब में जाता है। तालाब छोटा होने के कारण थोड़ा पानी के बाद ही उफान आ जाता है। इसके चलते पिछले साल बरसात के दिनों में हजियापुर में रैन बसेरा के आसपास घुटनों से ज्यादा पानी भर गया था। गंदे पानी से निकलने के कारण लोगों को चर्म रोग हो गया और प्राथमिक स्कूल भी लंबे समय बंद रहा। मगर छह महीने बीतने के बावजूद आगामी बारिश में जलभराव रोकने के इंतजाम अब तक यहां शुरू नहीं हुए हैं। इसके चलते रैन बसेरा के पास यहां सड़क पर अब भी पानी भरा हुआ है और लोग इसी गंदे पानी से गुजरने को मजबूर हैं।
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गंदगी है बहुत, बिकाऊ है मकान
हजियापुर में तालाब के पास ही तीन मकानों पर बेचने के लिए इश्तिहार लगा हुआ है। पास ही रहने वाले देवेंद्र सागर ने बताया कि इनमें से एक मकान उनके चाचा दलवीर का है। उनके समेत तीनों लोग बरसात में होने वाले नरक के चलते ही मकान बेचना चाहते हैं।
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स्वीकृत हुआ नाला, फाइलों में कैद
पार्षद रईस मियां अब्बासी ने बताया कि करीब 300 मीटर लंबा नाला बोर्ड से स्वीकृत हो गया है। इस नाले के जरिये हजियापुर का पानी संपवेल में पहुंचने लगेगा और जलनिकासी की समस्या से निजात मिल जाएगी। मगर प्रस्ताव पास होने के बावजूद आगे की प्रक्रिया अब तक फाइलों में कैद है।
हजियापुर का नाला स्वीकृत हो गया है। लखनऊ से आई टीम लेवल चेक कर चुकी है। इसी सप्ताह नाले का काम शुरू करा दिया जाएगा। इस बार वहां पर जलभराव नहीं होगा। - राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त
रेजीडेंसी गार्डन पहुंचे मेयर, सुनी परेशानियां
बरेली। अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेकर मेयर उमेश गौतम एवं उपसभापति अतुल कपूर शुक्रवार शाम को रेजीडेंसी गार्डन पहुंचे। इस दौरान शिव गार्डन और नीलकंठ के लोग भी एकत्र हो गए। बैठक के दौरान लोगों ने बरसात के दौरान झेली समस्याओं के बारे में मेयर को याद दिलाया तो समाधान को लेकर चर्चा हुई। कालोनाइजर के लोग भी बैठक में एकत्र थे। इस दौरान मेयर ने बताया कि कालोनाइजर से उनकी बात हुई है। जलनिकासी को लेकर नया संपवेल बनवाने को वह तैयार हैं। लोगों ने कालोनी को नगर निगम को हैंडओवर करने को कहा तो मेयर बोले कि आप लोग सहमति बनाओ और शर्तें पूरी करो। नगर निगम कालोनी को लेने के लिए तैयार है।