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60 फीसदी से कम उपस्थिति पर अब नहीं दे पाएंगे विवि में परीक्षा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 02 Oct 2018 11:30 PM IST
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बरेली। विश्वविद्यालय कैंपस में पढ़ने वाले छात्र अक्सर यही मान लेते हैं कि उपस्थिति चाहें जितनी हो उनको परीक्षा में बैठने की अनुमति तो मिल ही जाएगी, लेकिन इस बार ऐसा मानने वाले छात्रों को तगड़ा झटका लग सकता है। ऐसे छात्र उपस्थिति कम होने पर इस बार परीक्षा नहीं दे पाएंगे। उनके एडमिशन तक निरस्त हो सकते हैं। इसकी नजीर पेश की है विश्वविद्यालय के एमबीए विभाग ने। कम उपस्थिति पर 38 छात्रों को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही अभिभावकों को भी तलब किया है। अगर दिसंबर तक छात्रों की उपस्थिति पूरी नहीं होती है तो उनको सेमेस्टर की परीक्षा नहीं देने दी जाएगी। छात्रों को जारी नोटिस में पहली बार एडमिशन निरस्त करने की भी चेतावनी दी गई है।
दरअसल विश्वविद्यालय कैंपस में चाहें इंजीनियरिंग के छात्र हों या फिर एमबीए के, उपस्थिति को लेकर गंभीर नहीं होते। अधिकतर छात्रों की उपस्थिति पचास फीसदी भी पूरी नहीं हो पाती। एमबीए के 38 छात्रों की उपस्थिति 60 फीसदी से कम थी। सात अक्तूबर से उनके इंटर्नल एग्जाम हैं। इनको परीक्षा से रोकने का नोटिस जारी किया गया है। इनके अभिभावकों को बुलाया गया है। दस रुपये के स्टांप पर इनसे अंडरटेकिंग ली जाएगी। अगर छात्र दिसंबर तक अपनी उपस्थिति पूरी नहीं करते तो सेमेस्टर की परीक्षा से इनको वंचित कर दिया जाएगा। अगर जवाब देने नहीं आते हैं तो इंटर्नल एग्जाम से रोक दिया जाएगा।
विभागाध्यक्ष प्रोफेसर पीबी सिंह के अनुसार छात्रों को नोटिस भेज दिया है। सात अक्तूबर से पहले छात्रों ने अपना जवाब नहीं दिया तो इनके एडमिशन निरस्त करने पर विचार किया जाएगा।
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कॉलेजों में तीस फीसदी भी पूरी नहीं होती उपस्थिति
डिग्री कॉलेजों में तीस फीसदी भी छात्र उपस्थिति पूरी नहीं करते, जबकि नियम है कि 75 फीसदी से कम उपस्थिति पर छात्रों परीक्षा से रोक दिया जाएगा। इस बार शासन ने आदेश भी जारी किया था कि 75 फीसदी से कम उपस्थिति पर छात्रवृत्ति नहीं दी जाएगी। बरेली कॉलेज में ही छात्र उपस्थिति पूरी नहीं करते। पंद्रह हजार से ज्यादा छात्र है, जबकि प्रतिदिन एक हजार छात्र भी न हीं आते।
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दरअसल विश्वविद्यालय कैंपस में चाहें इंजीनियरिंग के छात्र हों या फिर एमबीए के, उपस्थिति को लेकर गंभीर नहीं होते। अधिकतर छात्रों की उपस्थिति पचास फीसदी भी पूरी नहीं हो पाती। एमबीए के 38 छात्रों की उपस्थिति 60 फीसदी से कम थी। सात अक्तूबर से उनके इंटर्नल एग्जाम हैं। इनको परीक्षा से रोकने का नोटिस जारी किया गया है। इनके अभिभावकों को बुलाया गया है। दस रुपये के स्टांप पर इनसे अंडरटेकिंग ली जाएगी। अगर छात्र दिसंबर तक अपनी उपस्थिति पूरी नहीं करते तो सेमेस्टर की परीक्षा से इनको वंचित कर दिया जाएगा। अगर जवाब देने नहीं आते हैं तो इंटर्नल एग्जाम से रोक दिया जाएगा।
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विभागाध्यक्ष प्रोफेसर पीबी सिंह के अनुसार छात्रों को नोटिस भेज दिया है। सात अक्तूबर से पहले छात्रों ने अपना जवाब नहीं दिया तो इनके एडमिशन निरस्त करने पर विचार किया जाएगा।
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कॉलेजों में तीस फीसदी भी पूरी नहीं होती उपस्थिति
डिग्री कॉलेजों में तीस फीसदी भी छात्र उपस्थिति पूरी नहीं करते, जबकि नियम है कि 75 फीसदी से कम उपस्थिति पर छात्रों परीक्षा से रोक दिया जाएगा। इस बार शासन ने आदेश भी जारी किया था कि 75 फीसदी से कम उपस्थिति पर छात्रवृत्ति नहीं दी जाएगी। बरेली कॉलेज में ही छात्र उपस्थिति पूरी नहीं करते। पंद्रह हजार से ज्यादा छात्र है, जबकि प्रतिदिन एक हजार छात्र भी न हीं आते।