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नर्सिंग होम और होटलों से कौन करा रहा टैक्स चोरी?

Tue, 30 Apr 2019 02:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2019 02:21 AM IST
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नर्सिंग होम और होटलों से कौन करा रहा टैक्स चोरी?
बरेली। महापौर डॉ. उमेश गौतम और नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन भले ही अपने बीच मतभेद की बातों को नकार रहे हों, लेकिन दोनों के बीच सब कुछ ठीक तो नहीं ही चल रहा है। बाकरगंज प्लांट पर दोनों के मतभेद खुलकर सामने आने के बाद मेयर डॉ. उमेश गौतम ने नगर आयुक्त को एक और चिट्ठी लिखी है। उसमें मेयर ने नगर आयुक्त से पूछा है कि नर्सिँग होम और होटलों से नगर निगम की बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी हो रही है। इसका जिम्मेदार कौन है? जो भी टैक्स चोरी के जिम्मेदार हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए और सात दिन के अंदर उनको कार्रवाई की सूचना भिजवाएं।
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मेयर ने नगर आयुक्त को लिखे पत्र में कहा कि नगर निगम की सीमा में जितने भी होटल, नर्सिंग होम, स्कूल और व्यवसायिक प्रतिष्ठान हैं, उनसे कितना टैक्स वसूला रहा है और नगर निगम को टैक्स वसूली से कितनी धनराशि प्राप्त हो रही है और किस प्रतिष्ठान से कितना टैक्स बकाया है? इसकी सूची उन्होंने 8 अप्रैल 2019 तक मांगी थी। मेयर के मुताबिक उनको जो भी सूची मिली, उसमें नर्सिंग होम की संख्या 98 दर्शायी गई, जबकि आईएमए में पंजीकृत नर्सिंग होम की संख्या 130 है। इसके अलावा आईएमए में बिना रजिस्टर्ड भी बड़ी संख्या में नर्सिंग होम चल रहे हैं। मेयर ने कहा कि शहर में 25 फीसदी से अधिक नर्सिंग होम नगर निगम का टैक्स नहीं दे रहे, जिससे निगम को काफी राजस्व की हानि हो रही है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को इस संबंध में तत्काल निर्देशित कर चारो जोन में संचालित अस्पताल, नर्सिंग होम का फिर से सर्वे कराकर उनसे टैक्स वसूली की कार्रवाई करें। टैक्स वसूली न करने के लिए कौन से अधिकारी या कर्मचारी जिम्मेदार हैं, उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई करके सात दिन के अंदर उनको (मेयर को) अवगत कराएं।
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होटलों से टैक्स वसूली में भी बड़ा घपला
मेयर के अनुसार होटल, व्यवसायिक प्रतिष्ठान और प्राइवेट स्कूलों से भी टैक्स वसूली में भारी घपला है। नगर निगम की सीमा में जितने भी होटल, व्यवसायिक प्रतिष्ठान और प्राइवेट स्कूल हैं, उनसे अब तक कितना टैक्स वसूला गया ? इसकी सूचना उन्होंने मांगी तो उनको बताया गया कि 72 होटल नगर निगम को टैक्स दे रहे हैं, जबकि होटल एसोसिएशन में 117 पंजीकृत हैं। आखिर 45 होटलों का गृह, जल और सीवर कर कहां जा रहा है? इनके अलावा शहर में बड़ी संख्या में प्राइवेट स्कूल, गेस्ट हाउस, बैँक्वेट हाल और बारातघर और कामर्शियल प्रतिष्ठान हैँ, जिनसे टैक्स वसूली में खेल हो रहा है। चारो जोन में छूटे हुए होटल, प्राइवेट स्कूल, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का सर्वे कराकर टैक्स लगाकर वसूली हो। जो कर्मचारी या अफसर टैक्स नहीं वसूल रहे, उन पर भी कार्रवाई कर सात दिन के अंदर उनको (मेयर को) सूचित करें।
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