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कैंट बोर्ड बैठक: केंद्रीय मंत्री ले आएंगे रक्षामंत्री से सैद्धांतिक अनुमोदन
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लाल फाटक पुल: सेना की जमीन के लिए संसद सत्र में उठाएंगे मुद्दा
संतोष गंगवार ने दिलाया जल्द रक्षा मंत्रालय से सैद्धांतिक अनुमति दिलाने का भरोसा
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। लाल फाटक ओवरब्रिज के लिए सेना की जमीन लीज पर दिए जाने का मामला अब सुलझता दिख रहा है। कैंट बोर्ड बैठक में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने इस प्रस्ताव पर जानकारी मांगी तो कैंट बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर इंद्रजीत सिंह ने कहा कि सेना को इस प्रस्ताव पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन रक्षा मंत्रालय की अनुमति के बाद ही बात बन पाएगी। इस पर संतोष गंगवार ने संसद सत्र के दौरान रक्षा मंत्री से बात कर जल्द सैद्धांतिक अनुमति दिलाने की बात कही।
ब्रिगेडियर इंद्रजीत सिंह ने कहा कि जनहित में सेना ओवरब्रिज निर्माण के पक्ष में है पर जब तक रक्षा मंत्रालय से लीज या हस्तांतरण की सैद्धांतिक अनुमति नहीं मिलती तब तक वह कुछ नहीं कर सकते। संतोष गंगवार ने संसद सत्र से पहले आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप के साथ रक्षामंत्री से मुलाकात कर सैद्धांतिक अनुमति दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि कैंट इलाका उनके क्षेत्र से बाहर है, फिर भी कैंट के लोग उन्हीं के पास समस्या लेकर आते हैं। ऐसे में वह ओवरब्रिज जल्द पूरा कराने का प्रयास कर रहे हैं। बता दें कि लाल फाटक ओवरब्रिज के लिए पहले प्रशासन जमीन का अधिग्रहण चाहता था, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली तो 30 वर्षों के लिए लीज पर जमीन लेने की मंजूरी कैंट बोर्ड और सेना से मांगी है।
ठेकेदार देगा दैनिक किराया
लाल फाटक ओवरब्रिज निर्माण के चलते प्रशासन ने रूट डायवर्जन कर दिया है जिससे वहां वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। टोल ठेकेदार ने ठेका निरस्त करने अथवा इसकी अवधि बढ़ाने की मांग की थी। जिस पर बोर्ड ने वर्ष भर के टेंडर के बजाय रोज के हिसाब से ठेका जारी रखने की अनुमति दे दी है। अब ठेकेदार को रोज 6,700 रुपये कैंट बोर्ड को भुगतान करना होगा।
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लाल फाटक पुल: सेना की जमीन के लिए संसद सत्र में उठाएंगे मुद्दा
संतोष गंगवार ने दिलाया जल्द रक्षा मंत्रालय से सैद्धांतिक अनुमति दिलाने का भरोसा
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। लाल फाटक ओवरब्रिज के लिए सेना की जमीन लीज पर दिए जाने का मामला अब सुलझता दिख रहा है। कैंट बोर्ड बैठक में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने इस प्रस्ताव पर जानकारी मांगी तो कैंट बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर इंद्रजीत सिंह ने कहा कि सेना को इस प्रस्ताव पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन रक्षा मंत्रालय की अनुमति के बाद ही बात बन पाएगी। इस पर संतोष गंगवार ने संसद सत्र के दौरान रक्षा मंत्री से बात कर जल्द सैद्धांतिक अनुमति दिलाने की बात कही।
ब्रिगेडियर इंद्रजीत सिंह ने कहा कि जनहित में सेना ओवरब्रिज निर्माण के पक्ष में है पर जब तक रक्षा मंत्रालय से लीज या हस्तांतरण की सैद्धांतिक अनुमति नहीं मिलती तब तक वह कुछ नहीं कर सकते। संतोष गंगवार ने संसद सत्र से पहले आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप के साथ रक्षामंत्री से मुलाकात कर सैद्धांतिक अनुमति दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि कैंट इलाका उनके क्षेत्र से बाहर है, फिर भी कैंट के लोग उन्हीं के पास समस्या लेकर आते हैं। ऐसे में वह ओवरब्रिज जल्द पूरा कराने का प्रयास कर रहे हैं। बता दें कि लाल फाटक ओवरब्रिज के लिए पहले प्रशासन जमीन का अधिग्रहण चाहता था, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली तो 30 वर्षों के लिए लीज पर जमीन लेने की मंजूरी कैंट बोर्ड और सेना से मांगी है।
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ठेकेदार देगा दैनिक किराया
लाल फाटक ओवरब्रिज निर्माण के चलते प्रशासन ने रूट डायवर्जन कर दिया है जिससे वहां वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। टोल ठेकेदार ने ठेका निरस्त करने अथवा इसकी अवधि बढ़ाने की मांग की थी। जिस पर बोर्ड ने वर्ष भर के टेंडर के बजाय रोज के हिसाब से ठेका जारी रखने की अनुमति दे दी है। अब ठेकेदार को रोज 6,700 रुपये कैंट बोर्ड को भुगतान करना होगा।
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