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दिल का दौरा पड़े तो जिला अस्पताल के भरोसे मत रहना.. नहीं हैैं दवाएं
Updated Thu, 06 Dec 2018 10:11 PM IST
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दिल का दौरा पड़ने पर अगर आप जिला अस्पताल के भरोसे खतरे से बाहर निकलने की उम्मीद पाले बैठे हैं तो अपनी धारणा बदल लें.. जिला अस्पताल के डॉक्टर आपकी कोई मदद नहीं कर पाएंगे। दरअसल, जिला अस्पताल में इस संकट से उबारने वाली दवाएं ही नहीं हैं। शासन स्तर से दवा की कॉरपोरेशन के जरिए खरीद फरोख्त की नीति का असर जिला अस्पताल के स्टोर पर नजर आने लगा है। सर्दियों की दस्तक होते ही खांसी का सिरप, दिल के दौरे का असर कम करने वाली दवाओें समेत कैल्शियम और आयरन की गोलियां तक नहीं हैं। जिला अस्पताल प्रशासन जनवरी से व्यवस्था में सुधार का दावा कर रहा है।
मंडल मुख्यालय का अस्पताल होने की वजह से यहां बरेली के अलावा बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत के भी मरीज आते हैं, लेकिन दवाओं का टोटा होने की वजह से डॉक्टर रोगियों का इलाज करने में खुद को असमर्थ महसूस कर रहे हैं। एक डॉक्टर ने बताया कि जैम पोर्टल के जरिये दवा के इंडेक्स भेजे जा रहे हैं, लेकिन उनसे जरूरत के बारे में कभी नहीं पूछा जाता है। मौजूदा समय में एसिडिटी, उल्टी, बच्चों के पेट के कीड़े और दिल का दौरा पड़ने पर दी जाने वाली दवाओं का संकट है। मजबूरन डॉक्टरों को बाहर से दवाएं लिखनी पड़ रही हैं।
जिन दवाओं की कमी है, उन्हें स्थानीय खरीद के जरिये पूरा करने की कोशिश की जा रही है। एक जनवरी से दवाओं की खरीद की व्यवस्था बदलने जा रही है। इसके बाद दवाओं की कोई कमी नहीं होगी। - डॉ. केएस गुप्ता, सीएमएस जिला अस्पताल
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मंडल मुख्यालय का अस्पताल होने की वजह से यहां बरेली के अलावा बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत के भी मरीज आते हैं, लेकिन दवाओं का टोटा होने की वजह से डॉक्टर रोगियों का इलाज करने में खुद को असमर्थ महसूस कर रहे हैं। एक डॉक्टर ने बताया कि जैम पोर्टल के जरिये दवा के इंडेक्स भेजे जा रहे हैं, लेकिन उनसे जरूरत के बारे में कभी नहीं पूछा जाता है। मौजूदा समय में एसिडिटी, उल्टी, बच्चों के पेट के कीड़े और दिल का दौरा पड़ने पर दी जाने वाली दवाओं का संकट है। मजबूरन डॉक्टरों को बाहर से दवाएं लिखनी पड़ रही हैं।
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जिन दवाओं की कमी है, उन्हें स्थानीय खरीद के जरिये पूरा करने की कोशिश की जा रही है। एक जनवरी से दवाओं की खरीद की व्यवस्था बदलने जा रही है। इसके बाद दवाओं की कोई कमी नहीं होगी। - डॉ. केएस गुप्ता, सीएमएस जिला अस्पताल
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