{"_id":"664be5b1eb0becc33e0ed516","slug":"200-doctors-did-not-upload-property-details-bareilly-news-c-123-1-sbly1018-119026-2024-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: 200 डॉक्टरों ने अपलोड नहीं कराया संपत्ति का ब्योरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: 200 डॉक्टरों ने अपलोड नहीं कराया संपत्ति का ब्योरा
Tue, 21 May 2024 05:37 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 21 May 2024 05:37 AM IST
विज्ञापन
बदायूं। अंतिम समय सीमा बीत जाने के बाद भी जिले के 200 डॉक्टरों के साथ अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। इसके बावजूद नोटिस और न ही इन पर कोई कार्रवाई हुई।
स्वास्थ्य अधिकारियों सहित विभागीय कर्मियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर 18 मई तक अपलोड करना था। जिलेभर में 247 डॉक्टर हैं। इनमें से अभी तक 47 डॉक्टर ही संपत्ति का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड करा सके हैं। सूची में 47 डॉक्टरों में से 36 जिला अस्पताल के हैं, जबकि 11 मेडिकल कॉलेज से हैं। इस तरह देखा जाए तो जिले में 700 से अधिक स्वास्थ्य अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी हैं। इनमें से 500 लोगों ने ही ब्योरा दिया है।
इसके बावजूद कोई नाेटिस जारी हुई और न ही इन पर कोई कार्रवाई हुई
स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों, अधिकारियाें और कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल पर अपनी अपनी बैंक जमा, वाहन, जमीन, भवन सहित अन्य सभी संपत्तियों की जानकारी देनी थी। अगर कोई मूल्यवान वस्तु खरीदी तो इसके बारे में भी बताना होगा। कर्मियों को केवल वही संपत्ति घोषित करनी है, जो उनके या आश्रितों के नाम पर दर्ज है। मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से सरकारी कर्मचारी को विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं प्रदान हो रहीं हैं। वह घर बैठे ही अवकाश पदोन्नति स्थानांतरण और पेंशन आदि के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसका उद्देश्य इन सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाना है। इससे कर्मचारियों का समय तो बचता ही है। उन्हें कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होती।
विज्ञापन
वेतन रोकने की कार्रवाई तक का है प्रावधान
अधिकारियों व विभागीय कर्मियों, जिन्होंने चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। उनकी वेतन वृद्धि रोकने से लेकर वेतन रोके जाने तक का भी प्रावधान है। जिन कर्मियों ने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है।
सीएमओ डॉ. अब्दुल सलाम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मियों को स्वयं ही ब्योरा भरना था। जानकारी कर पता किया जाएगा कि किसने ब्योरा नहीं दिया है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य अधिकारियों सहित विभागीय कर्मियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर 18 मई तक अपलोड करना था। जिलेभर में 247 डॉक्टर हैं। इनमें से अभी तक 47 डॉक्टर ही संपत्ति का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड करा सके हैं। सूची में 47 डॉक्टरों में से 36 जिला अस्पताल के हैं, जबकि 11 मेडिकल कॉलेज से हैं। इस तरह देखा जाए तो जिले में 700 से अधिक स्वास्थ्य अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी हैं। इनमें से 500 लोगों ने ही ब्योरा दिया है।
विज्ञापन
इसके बावजूद कोई नाेटिस जारी हुई और न ही इन पर कोई कार्रवाई हुई
स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों, अधिकारियाें और कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल पर अपनी अपनी बैंक जमा, वाहन, जमीन, भवन सहित अन्य सभी संपत्तियों की जानकारी देनी थी। अगर कोई मूल्यवान वस्तु खरीदी तो इसके बारे में भी बताना होगा। कर्मियों को केवल वही संपत्ति घोषित करनी है, जो उनके या आश्रितों के नाम पर दर्ज है। मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से सरकारी कर्मचारी को विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं प्रदान हो रहीं हैं। वह घर बैठे ही अवकाश पदोन्नति स्थानांतरण और पेंशन आदि के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसका उद्देश्य इन सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाना है। इससे कर्मचारियों का समय तो बचता ही है। उन्हें कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होती।
विज्ञापन
वेतन रोकने की कार्रवाई तक का है प्रावधान
अधिकारियों व विभागीय कर्मियों, जिन्होंने चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। उनकी वेतन वृद्धि रोकने से लेकर वेतन रोके जाने तक का भी प्रावधान है। जिन कर्मियों ने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है।
सीएमओ डॉ. अब्दुल सलाम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मियों को स्वयं ही ब्योरा भरना था। जानकारी कर पता किया जाएगा कि किसने ब्योरा नहीं दिया है।