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स्वच्छ भारत मिशन का पैसा डकारा और जांच पर भी पर्दा
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बरेली। मीरगंज के ग्राम धंतिया मजरा खुदागंज के तमाम ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे और उन्होंने ग्राम पंचायत में शौचालयों के निर्माण में घोटाला होने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि डीएम के आदेश के बावजूद अधिकारी इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों ने एडीएम सिटी ओपी वर्मा से मिलकर मामले में दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सवा तीन सौ घरों के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायत को 12 हजार रुपये प्रति शौचालय के हिसाब से लाखों की रकम दी गई है, जबकि इस रकम से 50 फीसदी शौचालयों के निर्माण भी नहीं हुए हैं, जो बने भी हैं उनके निर्माण की क्वालिटी बहुत घटिया है। पैसा न मिलने से बड़ी संख्या में घरों में केवल गड्ढे बनाकर छोड़ दिए गए हैं। इससे उसमें आए दिन लोग गिर रहे हैं। इससे कई लोगों की हड्डी तक टूट चुकी है। इस मामले में डीएम वीरेंद्र सिंह ने एआर कोआपरेटिव को जांच कर कार्रवाई करने के आदेश भी दिए थे, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में न तो जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई की जा रही है।
पंचायत राज विभाग इस पूरे प्रकरण को दबाने की कोशिश कर रहा है। एडीएम सिटी ने मामले की जांच कराए जाने का आश्वासन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सवा तीन सौ घरों के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायत को 12 हजार रुपये प्रति शौचालय के हिसाब से लाखों की रकम दी गई है, जबकि इस रकम से 50 फीसदी शौचालयों के निर्माण भी नहीं हुए हैं, जो बने भी हैं उनके निर्माण की क्वालिटी बहुत घटिया है। पैसा न मिलने से बड़ी संख्या में घरों में केवल गड्ढे बनाकर छोड़ दिए गए हैं। इससे उसमें आए दिन लोग गिर रहे हैं। इससे कई लोगों की हड्डी तक टूट चुकी है। इस मामले में डीएम वीरेंद्र सिंह ने एआर कोआपरेटिव को जांच कर कार्रवाई करने के आदेश भी दिए थे, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में न तो जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई की जा रही है।
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पंचायत राज विभाग इस पूरे प्रकरण को दबाने की कोशिश कर रहा है। एडीएम सिटी ने मामले की जांच कराए जाने का आश्वासन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया है।