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शहर में आई स्वच्छता सर्वे टीम, सुबह ही साफ हो गए डलावघर
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बरेली। स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केंद्र सरकार की तीन टीमें बरेली पहुंच गई हैं। तीनों ही टीमें अलग-अलग काम करके नगर निगम के कामों का आकलन करेगी। एक टीम स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर जनजागरूकता, दूसरी डलावघरों की सफाई व्यवस्था और तीसरी ओडीएफ की जांच करेगी। यह टीमें तीन दिन तक बरेली में रहेंगी। इसके चलते बृहस्पतिवार को नगर निगम के डलावघर साफ नजर आए।
केंद्र सरकार ने स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए नगरीय निकायों के बीच प्रतिस्पर्धा शुरू की है। इसके तहत जागरूकता के साथ ही तमाम नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इनसे स्वच्छता पर क्या प्रभाव पड़ा है। इसके आकलन के लिए केंद्र सरकार की तीन सदस्यीय टीम बरेली पहुंची है। बृहस्पतिवार को टीम ने कटरा चांद खां, मौलानगर एसबीआई कॉलोनी, सिविल लाइंस और संजयनगर में लोगों से फीडबैक लिया।
गारबेज फ्री सिटी, सुबह ही उठ गया कूड़ा
एक टीम शहर में कूड़ा उठान का आकलन कर रही है। यह टीम डलावघरों पर जाकर वहां की स्थिति देखकर लोगों से फीडबैक ले रही है। इसके चलते बृहस्पतिवार को नगर निगम के डलावघर सुबह से ही साफ दिख रहे थे और चूना डाला गया था। इसके आधार पर गारबेज फ्री सिटी की रेटिंग तय होगी।
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ओडीएफ का भी लिया जाएगा फीडबैग
नगर निगम को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। मगर हकीकत में शहर कितना ओडीएफ हुआ है, इसका आकलन भी किया जाएगा। नगर निगम में दस हजार से ज्यादा शौचालय बनने हैं, लेकिन अब तक सिर्फ 6700 ही बन सके हैं।
लोगों से यह पूछे जा रहे सवाल
- कूड़ा घर से कौन ले जाता है
- गीला-सूखा कूड़ा अलग-अलग लेते हैं
- सफाई रोज होती है या नहीं
- कूड़ा किस वाहन में ले जाते हैं
- क्षेत्र में डस्टबिन लगे हैं या नहीं
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए तीन टीमें आ गई हैं। यह टीमें शहर में भ्रमण करके स्वच्छता का फीडबैक ले रही हैं। सर्वे तीन दिन तक चलेगा। इसके बाद गारबेज फ्री सिटी की रेटिंग भी तय होगी। - राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त
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केंद्र सरकार ने स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए नगरीय निकायों के बीच प्रतिस्पर्धा शुरू की है। इसके तहत जागरूकता के साथ ही तमाम नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इनसे स्वच्छता पर क्या प्रभाव पड़ा है। इसके आकलन के लिए केंद्र सरकार की तीन सदस्यीय टीम बरेली पहुंची है। बृहस्पतिवार को टीम ने कटरा चांद खां, मौलानगर एसबीआई कॉलोनी, सिविल लाइंस और संजयनगर में लोगों से फीडबैक लिया।
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गारबेज फ्री सिटी, सुबह ही उठ गया कूड़ा
एक टीम शहर में कूड़ा उठान का आकलन कर रही है। यह टीम डलावघरों पर जाकर वहां की स्थिति देखकर लोगों से फीडबैक ले रही है। इसके चलते बृहस्पतिवार को नगर निगम के डलावघर सुबह से ही साफ दिख रहे थे और चूना डाला गया था। इसके आधार पर गारबेज फ्री सिटी की रेटिंग तय होगी।
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ओडीएफ का भी लिया जाएगा फीडबैग
नगर निगम को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। मगर हकीकत में शहर कितना ओडीएफ हुआ है, इसका आकलन भी किया जाएगा। नगर निगम में दस हजार से ज्यादा शौचालय बनने हैं, लेकिन अब तक सिर्फ 6700 ही बन सके हैं।
लोगों से यह पूछे जा रहे सवाल
- कूड़ा घर से कौन ले जाता है
- गीला-सूखा कूड़ा अलग-अलग लेते हैं
- सफाई रोज होती है या नहीं
- कूड़ा किस वाहन में ले जाते हैं
- क्षेत्र में डस्टबिन लगे हैं या नहीं
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए तीन टीमें आ गई हैं। यह टीमें शहर में भ्रमण करके स्वच्छता का फीडबैक ले रही हैं। सर्वे तीन दिन तक चलेगा। इसके बाद गारबेज फ्री सिटी की रेटिंग भी तय होगी। - राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त