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शहर में बेरोजगारों से वसूली, अफसरों को भनक नहीं
Updated Thu, 29 Nov 2018 01:54 AM IST
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बरेली। एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नौकरियों और स्वव्यवसाय के जरिये बेरोजगारी दूर करने का दम भर रहे हैं, वहीं कुछ धंधेबाज बेरोजगारी की टीस झेल रहे युवाओं से वसूली करने से बाज नहीं आ रहे। शहर में ही कई कंप्यूटर सेंटरों पर युवाओं को सब्जबाग दिखाकर पंजीकरण के नाम पर उनसे वसूली की जा रही है। मढ़ीनाथ में बुधवार को शिविर लगाकर पंजीकरण के नाम पर आईडी बटोरने की सूचना पर सभासद ने कुछ लोगों को पकड़वा दिया। हालांकि पुलिस ने उनके कागजात सही होने का दावा कर उन्हें छोड़ दिया।
मढ़ीनाथ के स्वदेश भूषण इंटर कॉलेज में बुधवार को शिविर लगाकर कुछ लोग युवाओं की आईडी और बैंक पासबुक ले रहे थे। उनसे 10-10 रुपये लेकर एक फार्म भी भरवाया जा रहा था। शिविर में प्रधानमंत्री बेरोजगारी योजना का बैनर भी लगा था। दूसरे कागज पर हल्की स्याही से दो लाख का बीमा और पांच सौ रुपये मासिक भत्ता देने की बात लिखी थी। करीब तीन सौ लोगों ने दस-दस रुपये जमा करके फार्म भर दिया। शाम के वक्त सभासद मुनेंद्र सिंह बंटू को सूचना मिली तो उन्होंने पंजीकरण कर रहे तीन युवकों को सुभाषनगर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने घंटे भर बाद ही उन्हें थाने से छोड़ दिया।
लोकवाणी केंद्रों से कैफे तक वसूली
शहर में खासकर सुभाषनगर क्षेत्र में लोकवाणी केंद्रों और कैफे पर प्रधानमंत्री बेरोजगारी भत्ता के नाम पर पंजीकरण कराने का धंधा चल रहा है। यहां सेवायोजन कार्यालय की साइट पर पंजीकरण होना बताकर 50-50 रुपये लिए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि लोगों को पांच सौ रुपये प्रतिमाह भत्ता मिलेगा। बेरोजगार इसी लालच में पंजीकरण करा रहे हैं। इन केंद्रों पर फर्जीवाड़े की शिकायतें भी की गई हैं पर अभी तक अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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हमने आरोपों के आधार पर थाने लाए गए लोगों से पूछताछ की और उनके कागजात देखे। कुछ भी गलत नहीं मिला तो तो उन्हें छोड़ दिया गया। दरअसल, यह एक संस्था है जो केंद्र सरकार की निगरानी में बेरोजगार युवकों को विभिन्न कामों का प्रशिक्षण देती है। इसी प्रशिक्षण अवधि में इन्हें एक या दो माह तक पांच सौ रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। - वीरेंद्र राणा, प्रभारी निरीक्षक सुभाषनगर
मुझे नहीं पता कि कैंप लगाने वाले सही हैं या गलत। मुझे लोगों ने बताया कि उनकी आईडी आदि ली जा रही हैं, भविष्य में उनका दुरुपयोग न हो, इसलिए पुलिस को बताया था। - मुनेंद्र सिंह बंटू, सभासद
‘ऐसी कोई योजना नहीं, सब फर्जीवाड़ा’
प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के नाम से फिलहाल विभाग की ऐसी कोई योजना नहीं है, जिसमें किसी तरह का बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा हो। अगर कोई भी ऐसी योजना बताकर वसूली कर रहा है तो वह पूरी तरह गलत है। मैं भी जांच कराऊंगा। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। - रमाकांत उपाध्याय, सहायक निदेशक सेवायोजन
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मढ़ीनाथ के स्वदेश भूषण इंटर कॉलेज में बुधवार को शिविर लगाकर कुछ लोग युवाओं की आईडी और बैंक पासबुक ले रहे थे। उनसे 10-10 रुपये लेकर एक फार्म भी भरवाया जा रहा था। शिविर में प्रधानमंत्री बेरोजगारी योजना का बैनर भी लगा था। दूसरे कागज पर हल्की स्याही से दो लाख का बीमा और पांच सौ रुपये मासिक भत्ता देने की बात लिखी थी। करीब तीन सौ लोगों ने दस-दस रुपये जमा करके फार्म भर दिया। शाम के वक्त सभासद मुनेंद्र सिंह बंटू को सूचना मिली तो उन्होंने पंजीकरण कर रहे तीन युवकों को सुभाषनगर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने घंटे भर बाद ही उन्हें थाने से छोड़ दिया।
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लोकवाणी केंद्रों से कैफे तक वसूली
शहर में खासकर सुभाषनगर क्षेत्र में लोकवाणी केंद्रों और कैफे पर प्रधानमंत्री बेरोजगारी भत्ता के नाम पर पंजीकरण कराने का धंधा चल रहा है। यहां सेवायोजन कार्यालय की साइट पर पंजीकरण होना बताकर 50-50 रुपये लिए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि लोगों को पांच सौ रुपये प्रतिमाह भत्ता मिलेगा। बेरोजगार इसी लालच में पंजीकरण करा रहे हैं। इन केंद्रों पर फर्जीवाड़े की शिकायतें भी की गई हैं पर अभी तक अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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हमने आरोपों के आधार पर थाने लाए गए लोगों से पूछताछ की और उनके कागजात देखे। कुछ भी गलत नहीं मिला तो तो उन्हें छोड़ दिया गया। दरअसल, यह एक संस्था है जो केंद्र सरकार की निगरानी में बेरोजगार युवकों को विभिन्न कामों का प्रशिक्षण देती है। इसी प्रशिक्षण अवधि में इन्हें एक या दो माह तक पांच सौ रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। - वीरेंद्र राणा, प्रभारी निरीक्षक सुभाषनगर
मुझे नहीं पता कि कैंप लगाने वाले सही हैं या गलत। मुझे लोगों ने बताया कि उनकी आईडी आदि ली जा रही हैं, भविष्य में उनका दुरुपयोग न हो, इसलिए पुलिस को बताया था। - मुनेंद्र सिंह बंटू, सभासद
‘ऐसी कोई योजना नहीं, सब फर्जीवाड़ा’
प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के नाम से फिलहाल विभाग की ऐसी कोई योजना नहीं है, जिसमें किसी तरह का बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा हो। अगर कोई भी ऐसी योजना बताकर वसूली कर रहा है तो वह पूरी तरह गलत है। मैं भी जांच कराऊंगा। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। - रमाकांत उपाध्याय, सहायक निदेशक सेवायोजन