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दशहरा पर नौ श्रद्धालु डूबे, राजस्थान के युवक की मौत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Fri, 25 May 2018 01:11 AM IST
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जेठ दशहरा पर गुरुवार को नहाते समय नौ श्रद्धालु डूब गए। गोताखोरों ने मशक्कत कर आठ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन राजस्थान के श्रद्धालुओं की टोली में शामिल युवक को बचाया नहीं जा सका। गोताखोरों को उसे खोजने में करीब एक घंटा लगा। उसे बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसे लेकर घाट पर कोहराम मच गया।
कछला गंगाघाट पर हादसों की शुरुआत सुबह करीब नौ बजे हुई। सबसे पहले एटा जिले में निधौलीकलां निवासी 45 वर्षीय राजेश कुमार डूबा। उसे बचाने की कोशिश में बेटा अभिषेक (18) भी डूबने लगा। यह देख घाट पर मौजूद राजस्व निरीक्षक सुरेश बाबू और लेखपाल ओमबाबू नागेंद्र ने शोर मचाया तो गोताखोर लाल मियां और पप्पू पहुंच गए। उन्होंने काफी मशक्कत कर बाप-बेटे का सकुशल बाहर निकाल लिया। इसके बाद कासगंज निवासी हरीओम और उसके दोस्त को गोताखोरों ने डूबने से बचाया। गोताखोर चैन से बैठ भी नहीं पाए थे कि दूसरे छोर के घाट पर बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव बैन निवासी आदित्य (12) पुत्र दिनेश सक्सेना डूब गए। उन्हें भी गोताखोरों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बदायूं में ब्राह्मपुर मोहल्ले के अशोक कश्यप के 18 वर्षीय बेटे जितेंद्र को बचाने में पांच गोताखोरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वह अपने परिजनों के साथ ही गंगा नहाने के लिए आया था। इसके अलावा दोपहर बाद में पिलर संख्या- 11 के पास राजस्थान के श्रद्धालुओं की टोली में नहाते समय दो युवक डूब गए। घरवालों ने एक को तो बचा लिया लेकिन अजमेर में सूरजपुर नगरकसी निवासी चरनसिंह के 18 वर्षीय बेटे गंगा सहाय को बचाया नहीं जा सका। गोताखोरों को वह करीब एक घंटे बाद दूसरे पिलर के पास मिला। लेखपाल ओमबाबू नागेंद्र ने बताया कि गंगा सहाय के साथ उसके पिता और परिवार के लोग भी पास में ही स्नान कर रहे थे। घरवाले शव का पोस्टमार्टम कराए बगैर अपने साथ अजमेर ले गए हैं। हादसों को रोकने के लिए घाट पर गहराई वाले स्थानों पर संकेतांक भी लगाए गए थे लेकिन श्रद्धालुओं में से कइयों ने उसे नजरंदाज कर दिया जो हादसे की वजह बन गया।
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कछला गंगाघाट पर हादसों की शुरुआत सुबह करीब नौ बजे हुई। सबसे पहले एटा जिले में निधौलीकलां निवासी 45 वर्षीय राजेश कुमार डूबा। उसे बचाने की कोशिश में बेटा अभिषेक (18) भी डूबने लगा। यह देख घाट पर मौजूद राजस्व निरीक्षक सुरेश बाबू और लेखपाल ओमबाबू नागेंद्र ने शोर मचाया तो गोताखोर लाल मियां और पप्पू पहुंच गए। उन्होंने काफी मशक्कत कर बाप-बेटे का सकुशल बाहर निकाल लिया। इसके बाद कासगंज निवासी हरीओम और उसके दोस्त को गोताखोरों ने डूबने से बचाया। गोताखोर चैन से बैठ भी नहीं पाए थे कि दूसरे छोर के घाट पर बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव बैन निवासी आदित्य (12) पुत्र दिनेश सक्सेना डूब गए। उन्हें भी गोताखोरों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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बदायूं में ब्राह्मपुर मोहल्ले के अशोक कश्यप के 18 वर्षीय बेटे जितेंद्र को बचाने में पांच गोताखोरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वह अपने परिजनों के साथ ही गंगा नहाने के लिए आया था। इसके अलावा दोपहर बाद में पिलर संख्या- 11 के पास राजस्थान के श्रद्धालुओं की टोली में नहाते समय दो युवक डूब गए। घरवालों ने एक को तो बचा लिया लेकिन अजमेर में सूरजपुर नगरकसी निवासी चरनसिंह के 18 वर्षीय बेटे गंगा सहाय को बचाया नहीं जा सका। गोताखोरों को वह करीब एक घंटे बाद दूसरे पिलर के पास मिला। लेखपाल ओमबाबू नागेंद्र ने बताया कि गंगा सहाय के साथ उसके पिता और परिवार के लोग भी पास में ही स्नान कर रहे थे। घरवाले शव का पोस्टमार्टम कराए बगैर अपने साथ अजमेर ले गए हैं। हादसों को रोकने के लिए घाट पर गहराई वाले स्थानों पर संकेतांक भी लगाए गए थे लेकिन श्रद्धालुओं में से कइयों ने उसे नजरंदाज कर दिया जो हादसे की वजह बन गया।
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