{"_id":"5bd9f29dbdec2269af6493a6","slug":"181541010077-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अजंता स्वीट्स नहीं इंडस्ट्री फिर भी औरों के मुकाबले सेल क्यों ‘घटी’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अजंता स्वीट्स नहीं इंडस्ट्री फिर भी औरों के मुकाबले सेल क्यों ‘घटी’
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Wed, 31 Oct 2018 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीवाली आते ही मिलावट, घटतौली के खिलाफ छापामारी शुरू हो गई। इस बीच केंद्रीय जीएसटी और आयकर विभाग भी सक्रिय हो गया। आयकर टीमों ने शहर के प्रमुख मिठाई कारोबारी अजंता स्वीटस के ठिकानों पर छापामारी कर लाखों रुपयों की टैक्स हेराफेरी का मामला पकड़ा है। देर रात तक डोहरा रोड स्थित फैक्ट्री और कार्यालय में छापा और स्टाक चेकिंग कार्रवाई होती रही। छापों की खबर फैलते ही श्यामगंज बाजार में अफरा-तफरी फैल गई। दुकानदारों ने अपने शटर गिरा दिए।
बुधवार सुबह अजंता स्वीटस और उसकी फैक्ट्री कार्यालय पर आयकर टीमों ने पहुंचकर कारोबार संबंधी अभिलेखों की छानबीन शुरू कर दी। छापा टीम पहुंचने की खबर से व्यापारियों में हड़बड़ी मच गई। श्यामगंज स्थित प्रतिष्ठान पर रात करीब दस बजे तक छापा चलता रहा। जबकि फैक्ट्री और कार्यालय परिसर में दोबारा स्टाक चेकिंग शुरू होने से आधी रात बाद तक छापा प्रक्रिया चलती रही। आयकर विभाग सूत्रों ने बताया कि अजंता स्वीट्स नाम से मिठाई, बेकरी, नमकीन आदि आइटम बेचने वाली फर्म इंडस अजंता इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड नाम से कारोबार करती है। अजंता इंडस्ट्री अपने प्रतिष्ठान के अलावा 14 शहर में आउटलेट भी संचालित करता है। जो कि फ्रेंचाइजी के रूप में चल रहे हैं। छानबीन में पाया गया कि इन फ्रेंचाइजियों को कागजों में सप्लाई कम दी गई है जबकि वास्तविक तौर पर कारोबार कई गुना अधिक है। यही स्थिति श्यामगंज स्थित दुकान पर भी पाई गई है। बड़ी तादाद में स्टाक हेराफेरी सामने आयी है। इसका देर रात तक मिलान होता रहा। श्यामगंज स्थित प्रतिष्ठान पर पीके आर्या, संजय सक्सेना, प्रमोद रावत, कमलेश मौर्या, प्रीति अग्रवाल, विद्युत दास आदि अधिकारी देर रात तक कंप्यूटर और कारोबारी अभिलेख खंगालते रहे। फर्म मालिक की गैर मौजूदगी में मैनेजर और एकाउंटेंट से स्टेटमेंट लिए गए। यह दोनों कर्मचारी स्टाक में हेराफेरी और सेल की सही स्थिति नहीं बता पाए। इसलिए गुरूवार को फिर बयान लिए जाएंगे।
कैश और लाखों की हेराफेरी मिली
फैक्ट्री स्थित कार्यालय में छापा टीम ने कैश भी बरामद किया है। इसके अलावा कंप्युटर और कागजी अभिलेखों में भारी गड़बड़ी सामने आयी है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि अजंता फर्म के प्रतिद्वंद्वी कारोबारी टैक्स ठीकठाक दे रहे हैं। जबकि इंडस अजंता इंडस्ट्री अपना कारोबार वास्तविकता से कहीं ज्यादा दर्शा रहा है। इसलिए पिछले लंबे समय से विभाग इसकी मॉनीटरिंग करा रहा था। फैक्ट्री और कार्यालय पर बीडी प्रजापति और रविंद्र कुमार सिंह आदि अफसर देर रात तक छानबीन में जुटे रहे।
विज्ञापन
फ्रेंचाइजियों से होगी पूछताछ
आयकर टीम ने अजंता इंडस्ट्री के सीए से पूछताछ की है। शहर में संचालित 14 फ्रेंचाइजियों से भी पूछताछ करने की योजना है। क्योंकि बड़े स्तर इस फर्म के उत्पाद शहर में बिकते हैं। जबकि कागजोें पर आंकड़े काफी कम हैं। इससे जीएसटी में भी हेराफेरी संभव है। अफसरों ने बताया कि वास्तविक टर्नओवर पर ही इनकम और वाणिज्यकर आदि टैक्स दिया जाता है। फ्रेंचाइजियों को हुई सप्लाई में काफी फर्क बताया गया है। बताया जाता है कि वाणिज्यकर विभाग ने भी कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया। छापे के दौरान इंडस्ट्री निदेशक अमित आहूजा आदि के फोन स्विच ऑफ हो गए थे।
अजंता स्वीटस के ठिकानों पर टीमों ने कारोबार संबंधी अभिलेख और कंप्युटर आदि खंगाले हैं। प्रारंभिक जांच में कई गड़बड़ियां सामने आयी हैं। उत्पादन, सप्लाई और सेल में भी असामानता मिली है। अभी जांच चल रही है। - वीके बोरा, संयुक्त आयुक्त
विज्ञापन
बुधवार सुबह अजंता स्वीटस और उसकी फैक्ट्री कार्यालय पर आयकर टीमों ने पहुंचकर कारोबार संबंधी अभिलेखों की छानबीन शुरू कर दी। छापा टीम पहुंचने की खबर से व्यापारियों में हड़बड़ी मच गई। श्यामगंज स्थित प्रतिष्ठान पर रात करीब दस बजे तक छापा चलता रहा। जबकि फैक्ट्री और कार्यालय परिसर में दोबारा स्टाक चेकिंग शुरू होने से आधी रात बाद तक छापा प्रक्रिया चलती रही। आयकर विभाग सूत्रों ने बताया कि अजंता स्वीट्स नाम से मिठाई, बेकरी, नमकीन आदि आइटम बेचने वाली फर्म इंडस अजंता इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड नाम से कारोबार करती है। अजंता इंडस्ट्री अपने प्रतिष्ठान के अलावा 14 शहर में आउटलेट भी संचालित करता है। जो कि फ्रेंचाइजी के रूप में चल रहे हैं। छानबीन में पाया गया कि इन फ्रेंचाइजियों को कागजों में सप्लाई कम दी गई है जबकि वास्तविक तौर पर कारोबार कई गुना अधिक है। यही स्थिति श्यामगंज स्थित दुकान पर भी पाई गई है। बड़ी तादाद में स्टाक हेराफेरी सामने आयी है। इसका देर रात तक मिलान होता रहा। श्यामगंज स्थित प्रतिष्ठान पर पीके आर्या, संजय सक्सेना, प्रमोद रावत, कमलेश मौर्या, प्रीति अग्रवाल, विद्युत दास आदि अधिकारी देर रात तक कंप्यूटर और कारोबारी अभिलेख खंगालते रहे। फर्म मालिक की गैर मौजूदगी में मैनेजर और एकाउंटेंट से स्टेटमेंट लिए गए। यह दोनों कर्मचारी स्टाक में हेराफेरी और सेल की सही स्थिति नहीं बता पाए। इसलिए गुरूवार को फिर बयान लिए जाएंगे।
विज्ञापन
कैश और लाखों की हेराफेरी मिली
फैक्ट्री स्थित कार्यालय में छापा टीम ने कैश भी बरामद किया है। इसके अलावा कंप्युटर और कागजी अभिलेखों में भारी गड़बड़ी सामने आयी है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि अजंता फर्म के प्रतिद्वंद्वी कारोबारी टैक्स ठीकठाक दे रहे हैं। जबकि इंडस अजंता इंडस्ट्री अपना कारोबार वास्तविकता से कहीं ज्यादा दर्शा रहा है। इसलिए पिछले लंबे समय से विभाग इसकी मॉनीटरिंग करा रहा था। फैक्ट्री और कार्यालय पर बीडी प्रजापति और रविंद्र कुमार सिंह आदि अफसर देर रात तक छानबीन में जुटे रहे।
विज्ञापन
फ्रेंचाइजियों से होगी पूछताछ
आयकर टीम ने अजंता इंडस्ट्री के सीए से पूछताछ की है। शहर में संचालित 14 फ्रेंचाइजियों से भी पूछताछ करने की योजना है। क्योंकि बड़े स्तर इस फर्म के उत्पाद शहर में बिकते हैं। जबकि कागजोें पर आंकड़े काफी कम हैं। इससे जीएसटी में भी हेराफेरी संभव है। अफसरों ने बताया कि वास्तविक टर्नओवर पर ही इनकम और वाणिज्यकर आदि टैक्स दिया जाता है। फ्रेंचाइजियों को हुई सप्लाई में काफी फर्क बताया गया है। बताया जाता है कि वाणिज्यकर विभाग ने भी कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया। छापे के दौरान इंडस्ट्री निदेशक अमित आहूजा आदि के फोन स्विच ऑफ हो गए थे।
अजंता स्वीटस के ठिकानों पर टीमों ने कारोबार संबंधी अभिलेख और कंप्युटर आदि खंगाले हैं। प्रारंभिक जांच में कई गड़बड़ियां सामने आयी हैं। उत्पादन, सप्लाई और सेल में भी असामानता मिली है। अभी जांच चल रही है। - वीके बोरा, संयुक्त आयुक्त