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हत्या में चार को सात साल कैद
Updated Thu, 31 May 2018 07:03 PM IST
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हत्या में बाप बेटों समेत चार को सात साल कैद
बरेली। हत्या के आरोप में चार लोगों को अदालत ने सात साल कैद की सजा सुनाई। सजा पाने वालों में दो सगे भाई व बेटे भी शामिल हैं। सजा का आदेश अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार यादव ने किया।
घटना की रिपोर्ट ग्राम मवई जरेल थाना शीशगढ़ के रहने वाले हेमराज ने लिखाई । रिपोर्ट में उसने कहा कि 24 नवंबर 11 को दोपहर 12 बजे गांव का छोटेलाल उसके दरवाजे पर आकर गाली गलौज करने लगा । कहने लगा कि वादी हेमराज उसके घर रात को क्यों गया था। इस पर वादी ने कहा कि यदि वह उसके घर मेें घुसा था तो रात ही उसने क्यों नहीं पकड़ लिया। तभी छोटे लाल , उसका भाई मदन लाल, उसके दोनों लड़के भानू व रामपाल लाठी डंडा व कांता लेकर वहां आ गए । यह चारों लोग उसके साथ मारपीट करने लगे। जब उसने शोर मचाया तो उसकी मां नन्हीं देवी उसे बचाने आयी । इन लोगों ने उसकी मां नन्हीं देवी को भी लाठी व बल्लम से मारा जिससे वह चोट खाकर मौके पर गिर गई जिसको सुखलाल घायल अवस्था में चारपाई पर डालकर घर के अंदर ले गए । शोर पर गांव के लोग इक्टठा हुए तो मुल्जिमान मारपीट करके मौके से भाग गए। जब उसने अंदर जाकर देखा तो उसी मां तड़प रही थी और थोड़ी देर में उसकी मौत हो गई।
अभियोजन की ओर सरकारी वकील सुनिति कुमार पाठक ने पक्ष रखा। अदालत ने अभियुक्त दोनो भाई छोटेलाल व मदन लाल व उसके दोनों बेटों भानू प्रताप उर्फ भानू व रामपाल को सात सात साल कैद की सजा सुनाई। अदालत ने सभी मुल्जिमान पर 11 हजार 500 रूपए का जुर्माना भी लगाया।
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बरेली। हत्या के आरोप में चार लोगों को अदालत ने सात साल कैद की सजा सुनाई। सजा पाने वालों में दो सगे भाई व बेटे भी शामिल हैं। सजा का आदेश अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार यादव ने किया।
घटना की रिपोर्ट ग्राम मवई जरेल थाना शीशगढ़ के रहने वाले हेमराज ने लिखाई । रिपोर्ट में उसने कहा कि 24 नवंबर 11 को दोपहर 12 बजे गांव का छोटेलाल उसके दरवाजे पर आकर गाली गलौज करने लगा । कहने लगा कि वादी हेमराज उसके घर रात को क्यों गया था। इस पर वादी ने कहा कि यदि वह उसके घर मेें घुसा था तो रात ही उसने क्यों नहीं पकड़ लिया। तभी छोटे लाल , उसका भाई मदन लाल, उसके दोनों लड़के भानू व रामपाल लाठी डंडा व कांता लेकर वहां आ गए । यह चारों लोग उसके साथ मारपीट करने लगे। जब उसने शोर मचाया तो उसकी मां नन्हीं देवी उसे बचाने आयी । इन लोगों ने उसकी मां नन्हीं देवी को भी लाठी व बल्लम से मारा जिससे वह चोट खाकर मौके पर गिर गई जिसको सुखलाल घायल अवस्था में चारपाई पर डालकर घर के अंदर ले गए । शोर पर गांव के लोग इक्टठा हुए तो मुल्जिमान मारपीट करके मौके से भाग गए। जब उसने अंदर जाकर देखा तो उसी मां तड़प रही थी और थोड़ी देर में उसकी मौत हो गई।
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अभियोजन की ओर सरकारी वकील सुनिति कुमार पाठक ने पक्ष रखा। अदालत ने अभियुक्त दोनो भाई छोटेलाल व मदन लाल व उसके दोनों बेटों भानू प्रताप उर्फ भानू व रामपाल को सात सात साल कैद की सजा सुनाई। अदालत ने सभी मुल्जिमान पर 11 हजार 500 रूपए का जुर्माना भी लगाया।
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