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साढ़े 14 हजार किसानों ने किया ऋण मोचन को आवेदन
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बदायूं। शासन की ओर से किसानों के लिए ऋण मोचन के लिए दोबारा से जिला स्तर पर आवेदन मांगे गए थे। इसकी अंतिम तिथि 21 जनवरी रखी गई थी। इसके तहत करीब साढ़े 14 हजार किसानों ने ऋण मोचन के लिए आवेदन किया। अब ये फॉर्म संबंधित बैंको को भेज दिए जाएंगे, ताकि किसानों के खातों की जांच हो सके।
प्रदेश सरकार ओर किसानों को राहत देने के लिए ऋण मोचन योजना की शुरुआत की। इसके तहत गरीब किसानों को एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की गई थी। काफी किसानों को योजना का लाभ मिला, लेकिन कुछ लोग योजना से वंचित रह गए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों से इसके लिए गुहार लगाई। कई लोगों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत की। इसके बाद सरकार की ओर से दोबारा ऋण मोचन के फॉर्म मांगे गए हैं। इसके लिए 21 जनवरी अंतिम तिथि रखी गई थी। इसके तहत कलक्ट्रेट में फॉर्म को जमा कराया गया। शनिवार को जहां करीब साढ़े आठ हजार फॉर्म जमा हुए, वहीं सोमवार को छह हजार के आसपास फॉर्म जमा हुए हैं। करीब साढ़े 14 हजार किसानों ने ऋण मोचन के लिए आवेदन किया है।
ऋण मोचन फॉर्म जमा करने के लिए अंतिम तिथि 21 जनवरी शासन की ओर से रखी गई थी। करीब साढ़े 14 हजार फॉर्म आए हैं, ये फॉर्म सत्यापन के लिए संबंधित बैंकों को भेज दिए जाएंगे। उसके बाद में आगे की कार्रवाई होगी। -विनोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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बैंक कर्मियों पर लगाया अभद्रता का आरोप
सहसवान। ग्रामीणों ने ऋणमोचन योजना के शिकायती पत्रों पर संस्तुति किए जाने में बैंक कर्मियों पर लापरवाही और अभद्रता का आरोप लगाते हुए डीएम से कार्रवाई किए जाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि 21 जनवरी तक ऋणमोचन योजना की शिकायत ऑफलाइन दर्ज कराने का समय दिया गया था। इस शिकायत पर बैंक द्वारा संस्तुति किए जाने का प्रावधान किया गया है। किसानों का आरोप था कि जब वे शिकायती पत्रों पर संस्तुति कराने रियोनाई स्थित बैंक शाखा पर गए तो बैंक कर्मियों ने उन्हें दुत्कारकर भगा दिया। ग्रामीणों ने बैंककर्मियों पर अभद्रता का भी आरोप लगाया। विनोद कुमार, अमित कुमार, सीता वन, लज्जावती, सतीश, राधेश्याम, भगवान सिंह, रामचन्द्र, प्रमोद आदि किसानों ने डीएम से कार्रवाई कराए जाने की मांग की है।
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प्रदेश सरकार ओर किसानों को राहत देने के लिए ऋण मोचन योजना की शुरुआत की। इसके तहत गरीब किसानों को एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की गई थी। काफी किसानों को योजना का लाभ मिला, लेकिन कुछ लोग योजना से वंचित रह गए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों से इसके लिए गुहार लगाई। कई लोगों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत की। इसके बाद सरकार की ओर से दोबारा ऋण मोचन के फॉर्म मांगे गए हैं। इसके लिए 21 जनवरी अंतिम तिथि रखी गई थी। इसके तहत कलक्ट्रेट में फॉर्म को जमा कराया गया। शनिवार को जहां करीब साढ़े आठ हजार फॉर्म जमा हुए, वहीं सोमवार को छह हजार के आसपास फॉर्म जमा हुए हैं। करीब साढ़े 14 हजार किसानों ने ऋण मोचन के लिए आवेदन किया है।
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ऋण मोचन फॉर्म जमा करने के लिए अंतिम तिथि 21 जनवरी शासन की ओर से रखी गई थी। करीब साढ़े 14 हजार फॉर्म आए हैं, ये फॉर्म सत्यापन के लिए संबंधित बैंकों को भेज दिए जाएंगे। उसके बाद में आगे की कार्रवाई होगी। -विनोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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बैंक कर्मियों पर लगाया अभद्रता का आरोप
सहसवान। ग्रामीणों ने ऋणमोचन योजना के शिकायती पत्रों पर संस्तुति किए जाने में बैंक कर्मियों पर लापरवाही और अभद्रता का आरोप लगाते हुए डीएम से कार्रवाई किए जाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि 21 जनवरी तक ऋणमोचन योजना की शिकायत ऑफलाइन दर्ज कराने का समय दिया गया था। इस शिकायत पर बैंक द्वारा संस्तुति किए जाने का प्रावधान किया गया है। किसानों का आरोप था कि जब वे शिकायती पत्रों पर संस्तुति कराने रियोनाई स्थित बैंक शाखा पर गए तो बैंक कर्मियों ने उन्हें दुत्कारकर भगा दिया। ग्रामीणों ने बैंककर्मियों पर अभद्रता का भी आरोप लगाया। विनोद कुमार, अमित कुमार, सीता वन, लज्जावती, सतीश, राधेश्याम, भगवान सिंह, रामचन्द्र, प्रमोद आदि किसानों ने डीएम से कार्रवाई कराए जाने की मांग की है।