{"_id":"5d0bece98ebc3e6701737d20","slug":"15610626181-bareilly-news75","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएसएनएल श्रमिकों के संभावित आंदोलन को लेकर प्रशासन सतर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएसएनएल श्रमिकों के संभावित आंदोलन को लेकर प्रशासन सतर्क
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बीएसएनएल मोबाइल फोन टॉवर और टेलीफोन एक्सचेंजों पर जनरेटर संचालन कार्य के लिए अनुबंधित दो फर्मों के श्रमिकों के संभावित आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन चौकन्ना हो गया है। जिला प्रशासन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर शरारती तत्वों पर समुचित कार्रवाई करने को कहा है। सख्ती के बाद आंदोलन की गतिविधियाें में शामिल लोग अंडरग्राउंड हो गए हैं। इसी क्रम में ठेकेदारों ने भी अपना पक्ष रखा है।
मोबाइल टॉवर और टेलीफोन एक्सचेंजों पर जनरेटर संचालन आदि कार्य के लिए लक्ष्मी इंजीनियर्स और एलई एंड डब्ल्यू वर्क्स को ठेका दिया गया था। इन फर्मों की अनुबंध अवधि खत्म हो चुकी है, लेकिन विभाग को बिल नहीं मिलने से भुगतान लंबित हैं। बीएसएनएल से भुगतान नहीं मिलने पर दोनों फर्मों ने अपने श्रमिकों को कई माह से पारिश्रमिक नहीं दिया है। पारिश्रमिक नहीं मिलने से नाराज करीब 80 श्रमिकों ने बीएसएनएल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्हें उकसाने में कुछ बाहरी लोग भी शामिल हैं। इन लोगाें ने बीएसएनएल संचार सिस्टम ठप करने का अल्टीमेटम दिया तो खलबली मच गई, तब विभाग ने अपनी स्थिति साफ करते हुए जिला और पुलिस प्रशासन से सहयोग मांगा। इस पर डीएम वीके सिंह ने संचार सिस्टम की सुरक्षा का आश्वासन दिया। उनके निर्देश पर एडीएम सिटी महेंद्र सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर बीएसएनएल प्रतिष्ठानों और सिस्टम की सुरक्षा कराने को कहा है। पत्र के साथ संबंधित लोकेशन की सूची भी उपलब्ध कराई गई है।
ठेकेदारों ने रखा पक्ष
लक्ष्मी इंजीनियर्स और एलई एंड डब्ल्यू वर्क्स के प्रतिनिधि भूरा सिंह और प्रदीप ठाकुर ने भी अपना पक्ष विभाग में रखा है। दोनों फर्मों ने एक संयुक्त प्रेस नोट जारी कर कहा है कि उनका बिल भुगतान लंबित है, इससे श्रमिकों को पारिश्रमिक नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विभागीय लोग बिल भुगतान के बदले कमीशन मांग रहे हैं। बताया जाता है कि प्रभावित श्रमिक भी अब श्रम न्यायालय में जाने की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोबाइल टॉवर और टेलीफोन एक्सचेंजों पर जनरेटर संचालन आदि कार्य के लिए लक्ष्मी इंजीनियर्स और एलई एंड डब्ल्यू वर्क्स को ठेका दिया गया था। इन फर्मों की अनुबंध अवधि खत्म हो चुकी है, लेकिन विभाग को बिल नहीं मिलने से भुगतान लंबित हैं। बीएसएनएल से भुगतान नहीं मिलने पर दोनों फर्मों ने अपने श्रमिकों को कई माह से पारिश्रमिक नहीं दिया है। पारिश्रमिक नहीं मिलने से नाराज करीब 80 श्रमिकों ने बीएसएनएल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्हें उकसाने में कुछ बाहरी लोग भी शामिल हैं। इन लोगाें ने बीएसएनएल संचार सिस्टम ठप करने का अल्टीमेटम दिया तो खलबली मच गई, तब विभाग ने अपनी स्थिति साफ करते हुए जिला और पुलिस प्रशासन से सहयोग मांगा। इस पर डीएम वीके सिंह ने संचार सिस्टम की सुरक्षा का आश्वासन दिया। उनके निर्देश पर एडीएम सिटी महेंद्र सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर बीएसएनएल प्रतिष्ठानों और सिस्टम की सुरक्षा कराने को कहा है। पत्र के साथ संबंधित लोकेशन की सूची भी उपलब्ध कराई गई है।
विज्ञापन
ठेकेदारों ने रखा पक्ष
लक्ष्मी इंजीनियर्स और एलई एंड डब्ल्यू वर्क्स के प्रतिनिधि भूरा सिंह और प्रदीप ठाकुर ने भी अपना पक्ष विभाग में रखा है। दोनों फर्मों ने एक संयुक्त प्रेस नोट जारी कर कहा है कि उनका बिल भुगतान लंबित है, इससे श्रमिकों को पारिश्रमिक नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विभागीय लोग बिल भुगतान के बदले कमीशन मांग रहे हैं। बताया जाता है कि प्रभावित श्रमिक भी अब श्रम न्यायालय में जाने की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन