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साहब आप ही बताएं.. शिक्षक पढ़ाएं या झाड़ू लगाएं
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बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त आदेश के बावजूद 25 जून से विद्यालयों को खोले जाने पर शिक्षक संगठनों ने आपत्ति जताई है। इस संबंध में मंगलवार को संगठनों के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। उन्होंने 25 जून को विद्यालय खोलकर ग्राम पंचायतों के जरिए सफाई कार्य कराने और फिर एक जुलाई से नियमित शिक्षण कार्य शुरू कराने की मांग की है।
सोमवार को बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने सभी विद्यालयों के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को 25 जून को विद्यालय खोलने के साथ ही, सफाई कार्य कराने, कर्मचारियों के नाम और फोटो लगे बैनर लगवाने और बच्चों को पढ़ाने के लिए डोर-टू-डोर संपर्क करने का आदेश दिया है। आदेश को दरकिनार करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। संबंधित आदेश पर मंगलवार को उत्तर प्रदेशीय हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के बैनर तले अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार शर्मा के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने डीएम से मुलाकात की। उन्होंने विद्यालयों में सफाई कार्य में असमर्थता जताते हुए ग्राम पंचायत के सफाई कर्मियों को सफाई की जिम्मेदारी सौंपने की मांग की है। मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन डीएम को सौंपा।
ईएल, सीएल मिले तो पांच दिन पहले खुले स्कूल
संगठनों ने सीएम से मांग की है कि उन्हें भी राज्य कर्मचारियों की तरह अर्जित अवकाश, औपबंधित अवकाश और अन्य सुविधाएं मिलें तो शिक्षक पांच दिन पहले स्कूल खोलने पर राजी हैं। डॉ. शर्मा ने कहा कि शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश के अलावा महज 14 अवकाश ही मिलते हैं। पूर्व निर्धारित वैधानिक व्यवस्था के तहत अचानक पांच दिन पहले विद्यालय खोलने का आदेश शिक्षकों पर कुठाराघात है।
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सोमवार को बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने सभी विद्यालयों के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को 25 जून को विद्यालय खोलने के साथ ही, सफाई कार्य कराने, कर्मचारियों के नाम और फोटो लगे बैनर लगवाने और बच्चों को पढ़ाने के लिए डोर-टू-डोर संपर्क करने का आदेश दिया है। आदेश को दरकिनार करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। संबंधित आदेश पर मंगलवार को उत्तर प्रदेशीय हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के बैनर तले अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार शर्मा के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने डीएम से मुलाकात की। उन्होंने विद्यालयों में सफाई कार्य में असमर्थता जताते हुए ग्राम पंचायत के सफाई कर्मियों को सफाई की जिम्मेदारी सौंपने की मांग की है। मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन डीएम को सौंपा।
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ईएल, सीएल मिले तो पांच दिन पहले खुले स्कूल
संगठनों ने सीएम से मांग की है कि उन्हें भी राज्य कर्मचारियों की तरह अर्जित अवकाश, औपबंधित अवकाश और अन्य सुविधाएं मिलें तो शिक्षक पांच दिन पहले स्कूल खोलने पर राजी हैं। डॉ. शर्मा ने कहा कि शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश के अलावा महज 14 अवकाश ही मिलते हैं। पूर्व निर्धारित वैधानिक व्यवस्था के तहत अचानक पांच दिन पहले विद्यालय खोलने का आदेश शिक्षकों पर कुठाराघात है।
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