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मोमबत्ती जला इस्लाम की हस्तियों को पेश की खिराज-ए-अकीदत
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बरेली। यूनाइटेड शिया मूवमेंट की सभा पुराना शहर स्थित बैतुस्लात में हुई। इसमें मोमबत्ती जलाकर 93 साल पहले सऊदी अरब के एक बहावी क्रूर शासक द्वारा इस्लाम की उन पवित्र हस्तियों को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई, जिनकी मजारों को शहीद कर दिया गया था।
इस मौके पर मूवमेंट के अध्यक्ष सैय्यद वजाहत हुसैन रिजवी ने कहा कि 93 साल पहले सऊदी अरब के बहावी क्रूर शासक मोहम्मद बिन अब्दुल बहाब ने मदीना मुनव्वरा स्थित जन्नत उल बकी कब्रिस्तान में दफन पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद संलल्लाहो की इकलौती पुत्री फातिमा जहरा समेत इस्लाम के कई स्तंभों के ऐतिहासिक धरोहर के रूप में मौजूद मजारों को शहीद (ध्वस्त) कर दिया था। उसका यह कृत्य पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के प्रति नफरत को दर्शाता है। आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य एवं मूवमेंट के महासचिव कलीम हैदर, मूवमेंट के प्रवक्ता समर अब्बास, बैतुस्लात मस्जिद के इमाम सैय्यद वसीम हुसैन नकवी ने भी सऊदी सरकार एवं आले सऊद की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रधानमंत्री के माध्यम से सऊदी हुकूमत से शहीद की गई मजारों को पुन: तामीर कराने की मांग की। अंत में सभी ने मोमबत्ती रोशन कर फातिमा जहरा व अहलेबैत अतहार को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। इस मौके पर शाहआलम नकवी, दिलावर अब्बास नकवी, फरीद हुसैन, जिया अब्बास, जोहर हुसैन, सरवर नकवी काशिफ व नसीम हुसैन जैदी आदि मौजूद रहे।
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इस मौके पर मूवमेंट के अध्यक्ष सैय्यद वजाहत हुसैन रिजवी ने कहा कि 93 साल पहले सऊदी अरब के बहावी क्रूर शासक मोहम्मद बिन अब्दुल बहाब ने मदीना मुनव्वरा स्थित जन्नत उल बकी कब्रिस्तान में दफन पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद संलल्लाहो की इकलौती पुत्री फातिमा जहरा समेत इस्लाम के कई स्तंभों के ऐतिहासिक धरोहर के रूप में मौजूद मजारों को शहीद (ध्वस्त) कर दिया था। उसका यह कृत्य पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के प्रति नफरत को दर्शाता है। आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य एवं मूवमेंट के महासचिव कलीम हैदर, मूवमेंट के प्रवक्ता समर अब्बास, बैतुस्लात मस्जिद के इमाम सैय्यद वसीम हुसैन नकवी ने भी सऊदी सरकार एवं आले सऊद की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रधानमंत्री के माध्यम से सऊदी हुकूमत से शहीद की गई मजारों को पुन: तामीर कराने की मांग की। अंत में सभी ने मोमबत्ती रोशन कर फातिमा जहरा व अहलेबैत अतहार को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। इस मौके पर शाहआलम नकवी, दिलावर अब्बास नकवी, फरीद हुसैन, जिया अब्बास, जोहर हुसैन, सरवर नकवी काशिफ व नसीम हुसैन जैदी आदि मौजूद रहे।
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