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मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद खुफिया विभाग की जांच शुरू
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अमल दरामद के लिए घूस मांगने का मामला
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बरेली। एक तरफ घोटालेबाज खतौनियों में फर्जी इंद्राज करा रहे हैं तो वहीं संपत्ति के मालिकों से खतौनी में अमल दरामद कराने के लिए घूस भी मांगी जा रही है। फरीदपुर के ऐसे ही एक मामले की मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद खुफिया विभाग ने जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमीन को खतौनी में दर्ज कराने के लिए चकबंदी कर्मचारी और कानूनगो 40 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं।
फरीदपुर तहसील क्षेत्र में फतेहगंज पूर्वी के ग्राम बसावनपुर के राम सिंह ने सीएम को आनलाइन शिकायत भेजी कि ग्राम सरैंदा में उनकी कृषि भूमि है। जिसका चकबंदी न्यायालय में वाद चल रहा था। इस मुकदमे का फैसला 30 मई 2018 को आ गया था। कोर्ट के आदेश का अमल दरामद होने के लिए परवाना 30 मई को ही बन गया था, लेकिन एक चकबंदी विभाग का कर्मचारी और कानूनगो 40 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने क्षेत्रीय विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल से भी शिकायत की थी, लेकिन इसके बाद भी खतौनी में जमीन का रिकार्ड दर्ज नहीं किया गया है। साल भर इसी तरह गुजर गया। अब सीएम तक यह शिकायत पहुंचने के बाद खुफिया विभाग ने इस मामले में छानबीन शुरू कर दी है। खुफिया विभाग के अधिकारियों ने डीएम और एसएसपी को भी यह रिपोर्ट भेजी है कि चार जून तक चकबंदी न्यायालय फरीदपुर के निर्णय के तहत खतौनी में अमल दरामद नहीं हुई तो पीड़ित ने आत्मदाह करने की भी धमकी दी है।
फरीदपुर तहसील क्षेत्र में फतेहगंज पूर्वी के ग्राम बसावनपुर के राम सिंह ने सीएम को आनलाइन शिकायत भेजी कि ग्राम सरैंदा में उनकी कृषि भूमि है। जिसका चकबंदी न्यायालय में वाद चल रहा था। इस मुकदमे का फैसला 30 मई 2018 को आ गया था। कोर्ट के आदेश का अमल दरामद होने के लिए परवाना 30 मई को ही बन गया था, लेकिन एक चकबंदी विभाग का कर्मचारी और कानूनगो 40 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने क्षेत्रीय विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल से भी शिकायत की थी, लेकिन इसके बाद भी खतौनी में जमीन का रिकार्ड दर्ज नहीं किया गया है। साल भर इसी तरह गुजर गया। अब सीएम तक यह शिकायत पहुंचने के बाद खुफिया विभाग ने इस मामले में छानबीन शुरू कर दी है। खुफिया विभाग के अधिकारियों ने डीएम और एसएसपी को भी यह रिपोर्ट भेजी है कि चार जून तक चकबंदी न्यायालय फरीदपुर के निर्णय के तहत खतौनी में अमल दरामद नहीं हुई तो पीड़ित ने आत्मदाह करने की भी धमकी दी है।
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