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दरगाह परिवार में मारपीट से अकीदतमंद सकते में
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सज्जादगी को लेकर तीन साल से चल रहा है वक्फ ट्रिब्युनल में विवाद
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मन्नानी मियां, तसलीम मियां और अंजुम मियां की ओर से किया गया था केस
बरेली। दरगाह आला हजरत जिसके लाखों अकीदतमंद दुनिया भर में फैले हुए है, वहां शनिवार रात सज्जादानशीन और उनके परिवार के ही लोगों के बीच हुए सार्वजनिक विवाद और फिर एफआईआर दर्ज होने के बाद लोग सकते में हैं। दरअसल इस झगड़े की बुनियाद दरगाह के मुतवल्ली और सज्जादानशीन के ओहदे को बताया जा रहा है। सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां के वालिद और दरगाह के सरपरस्त मौलाना सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां की मुखालफत परिवार के कुछ लोग आला हजरत के बड़े बेटे मौलाना हामिद रजा खां की उस कथित वसीयत की बुनियाद पर कर रहे हैं जिसके मुताबिक दरगाह की सज्जादगी उसी शख्स को मिल सकती है जो हजरत इब्राहिम रजा खां उर्फ जिलानी मियां की औलादों में से हो। दोनों पक्षों के बीच लखनऊ के वक्फ ट्रिब्युनल में मुकदमा भी चल रहा है।सुब्हानी मियां करीब 31 साल तक दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन रहे और इसके बाद करीब तीन साल पहले उन्होंने दरगाह की सज्जादगी अपने बड़े बेटे अहसन मियां के सुपुर्द कर दी थी। अहसन मियां के सज्जादानशीन बनने के बाद ही इसका विरोध करते हुए सुब्हानी मियां के चचा मौलाना मन्नान रजा खां मन्नानी मियां, सगे भाई तसलीम रजा खां और उस्मान रजा खां उर्फ अंजुम मियां की ओर से वक्फ ट्रिब्युनल में एक मुकदमा दायर कर दिया गया, जिसमें आला हजरत के बड़े बेटे हामिद रजा खां की वसीयत के आधार पर दरगाह की सज्जादगी पर अपनी दावेदारी पेश की थी। मन्नानी मियां की ओर से दायर इस मुकदमे में सुब्हानी मियां के 31 साल तक सज्जादानशीन रहने पर सवाल उठाते हुए अहसन मियां को सज्जादानशीन बनाए जाने पर एतराज जताया गया था।
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मन्नानी मियां की ओर से दलील दी गई थी कि मौलाना हामिद रजा खां की वसीयत के आधार पर दरगाह का सज्जादानशीन वही बन सकता था जो आला हजरत के पोते हजरत जिलानी मियां की औलादों में से हो। चूंकि मन्नानी मियां जिलानी मियां की औलादों में ही हैं, लिहाजा इसी आधार पर उन्होंने दरगाह की सज्जादगी पर अपना दावा ठोका था। इस मुकदमे का अभी तक निपटारा नहीं हो पाया है। सज्जादानशीन अहसन मियां की ओर से उस्मान रजा खां और उनके बेटे शीरान के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर में इसी विवाद का जिक्र किया है। दरगाह परिवार का यह विवाद इसके बाद एक बार फिर शहर में चर्चा का विषय बन गया है।
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