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खराब गुणवता के धान के बीज पर कृषि विभाग में हड़कंप
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बरेली। सरकारी धान के बीज की गुणवत्ता पर सवाल उठने से कृषि विभाग में खलबली मच गई है। हालांकि कृषि विभाग के अफसर धान बीज की खराब गुणवत्ता का बचाव करने में लगे हैं। मगर कुछ किसानों ने इस मामले में मुख्यमंत्री को भी शिकायत भेजी है। शासन स्तर से धान के बीज खरीद की जांच कराने के लिए जल्द ही टीम गठित हो सकती है।
कुछ किसानों ने सरकारी गोदामों से मोटी प्रजाति के धान के बीज को खरीदने के बाद उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। फरीदपुर गोदाम से मोटी प्रजाति के धान का बीज पीआर- 121 और पंत-24 खरीदने वाले किसानों का कहना था कि जब वह धान के बीज का पैकेट लेकर घर गए और उसे खोला तो धान का दाना काला निकल रहा था। खेत में बुवाई के बाद उसके जमने की गुंजाइश बहुत कम है। इतना ही नहीं, किसानों ने बताया कि धान के बीज में खरपतवार भी बहुत से निकल रहे हैं। किसानों के अनुसार राजकीय बीज निगम ने खेत से धान को लाकर बीज बनाते समय उसका शोधन ठीक से नहीं किया। गीले धान को सुखाए और छाने बिना ही गोदामों में भर दिया। इस वजह से वह काला पड़ गया। बड़ी संख्या में किसान फरीदपुर गोदाम में बीज वापस करने भी गए। वहां उनकी गोदाम प्रभारी से झड़प भी हुई। गोदाम प्रभारी ने जब उच्चाधिकारियों को इस मामले से अवगत कराया तो उस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। किसानों की शिकायत पर अमर उजाला ने जब यह मामला उठाया तो कृषि विभाग में खलबली मच गई। कुछ किसानों ने कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री को भी धान के बीज की गुणवत्ता खराब होने की शिकायत भेजी। सूत्रों की मानें तो शासन से जल्द ही बीज खरीद से लेकर उसकी शोधन प्रक्रिया के तरीके पर जांच हो सकती है।
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कुछ किसानों ने सरकारी गोदामों से मोटी प्रजाति के धान के बीज को खरीदने के बाद उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। फरीदपुर गोदाम से मोटी प्रजाति के धान का बीज पीआर- 121 और पंत-24 खरीदने वाले किसानों का कहना था कि जब वह धान के बीज का पैकेट लेकर घर गए और उसे खोला तो धान का दाना काला निकल रहा था। खेत में बुवाई के बाद उसके जमने की गुंजाइश बहुत कम है। इतना ही नहीं, किसानों ने बताया कि धान के बीज में खरपतवार भी बहुत से निकल रहे हैं। किसानों के अनुसार राजकीय बीज निगम ने खेत से धान को लाकर बीज बनाते समय उसका शोधन ठीक से नहीं किया। गीले धान को सुखाए और छाने बिना ही गोदामों में भर दिया। इस वजह से वह काला पड़ गया। बड़ी संख्या में किसान फरीदपुर गोदाम में बीज वापस करने भी गए। वहां उनकी गोदाम प्रभारी से झड़प भी हुई। गोदाम प्रभारी ने जब उच्चाधिकारियों को इस मामले से अवगत कराया तो उस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। किसानों की शिकायत पर अमर उजाला ने जब यह मामला उठाया तो कृषि विभाग में खलबली मच गई। कुछ किसानों ने कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री को भी धान के बीज की गुणवत्ता खराब होने की शिकायत भेजी। सूत्रों की मानें तो शासन से जल्द ही बीज खरीद से लेकर उसकी शोधन प्रक्रिया के तरीके पर जांच हो सकती है।
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