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रामगंगा पुल: अब पुल बनने के बाद ही बनेगी एप्रोच रोड
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बरेली। डेढ़ करोड़ लागत की एप्रोच रोड अब रामगंगा पुल का निर्माण पूरा होने के बाद ही बनवाई जाएगी। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन ने इस रोड के निर्माण पर फिलहाल रोक लगा दी है। उनका कहना है कि मिट्टी का पटान इसलिए कराया जा रहा है कि ताकि बरसात में वह अच्छी तरह सेट हो जाए। पुल का काम पूरा होने के बाद बजरी और कोलतार की सड़क बिछाने का काम होगा।
सेतु निगम चौबारी में रामगंगा पर करीब सात सौ मीटर लंबा पुल बना रहा है लेकिन बजट की कमी से यह काम करीब तीन महीने से बंद पड़ा है। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के इंजीनियरों ने एप्रोच रोड के लिए मिट्टी का पटान शुरू कर दिया था जबकि हालात ये हैं कि पुल बनने में डेढ़ से दो साल तक का वक्त लग सकता है। यानी एप्रोच रोड बनने के बाद भी उसका जल्द कोई इस्तेमाल नहीं होना है। रोड बनाने में खर्च हुई रकम भी बर्बाद हो सकती है। एप्रोच रोड बनाने में अवैध खनन करके मिट्टी का पटान होने की भी गड़बड़ी सामने आई थी। इसे लेकर एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय ने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन को नोटिस भी भेजा है। ऐसी गड़बड़ी सामने आने के बाद अधिशासी अभियंता हरबंश सिंह ने रोड का निर्माण पुल बन जाने के बाद कराने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि एप्रोच रोड के लिए मिट्टी का पटान इसलिए कराया जा रहा है, ताकि आगे बारिश में अच्छी तरह से सेट हो जाए। बजरी और कोलतार पुल बनने के बाद ही बिछेगा।
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सेतु निगम चौबारी में रामगंगा पर करीब सात सौ मीटर लंबा पुल बना रहा है लेकिन बजट की कमी से यह काम करीब तीन महीने से बंद पड़ा है। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के इंजीनियरों ने एप्रोच रोड के लिए मिट्टी का पटान शुरू कर दिया था जबकि हालात ये हैं कि पुल बनने में डेढ़ से दो साल तक का वक्त लग सकता है। यानी एप्रोच रोड बनने के बाद भी उसका जल्द कोई इस्तेमाल नहीं होना है। रोड बनाने में खर्च हुई रकम भी बर्बाद हो सकती है। एप्रोच रोड बनाने में अवैध खनन करके मिट्टी का पटान होने की भी गड़बड़ी सामने आई थी। इसे लेकर एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय ने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन को नोटिस भी भेजा है। ऐसी गड़बड़ी सामने आने के बाद अधिशासी अभियंता हरबंश सिंह ने रोड का निर्माण पुल बन जाने के बाद कराने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि एप्रोच रोड के लिए मिट्टी का पटान इसलिए कराया जा रहा है, ताकि आगे बारिश में अच्छी तरह से सेट हो जाए। बजरी और कोलतार पुल बनने के बाद ही बिछेगा।
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