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गन्ना सर्वे में गड़बड़ी पर दर्ज होगी एफआईआर
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शाहजहांपुर। मतगणना और चुनाव परिणाम घोषित होने के साथ गन्ना विकास विभाग द्वारा विभिन्न गांवों मेें गन्ना रकबा के सैंपल सर्वे में तेजी आई है। इस बीच, जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम ने सर्वे टीमों के कर्मचारियों को संवेदनशील गांवों में सर्वेक्षण कार्य पूरी सावधानी के साथ करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी है कि जांच और निरीक्षण के दौरान सर्वे कार्य में किसी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित सर्वे टीमों के कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।
सर्वे के लिए जिले की विभिन्न तहसीलों मेें 1970 गन्ना ग्राम चिह्नित किए गए हैं। इन गांवों में पेराई सत्र 2018-19 में करीब 1.15 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना की उन्नतशील प्रजातियां बोई गई थीं। हालांकि, उस दौरान सर्वे कार्य मैनुअली तरीके से किया गया और उसे लेकर किसानों के स्तर से तमाम शिकायतें मिली थीं। जांच के दौरान पता सर्वे कर्मचारियों ने अभिलेखों में कुल कृषि योग्य भूमि से अधिक भूमि का गन्ना क्षेत्रफल दर्ज किया है। सर्वे कार्य में गड़बड़ी पाए जाने पर पुवायां थाने में चार और बंडा थाने में तीन सर्वे कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
नए पेराई सत्र में इस तरह की शिकायतों की रोकथाम के लिए गन्ना विकास विभाग ने खास एहतियात बरती है। मैनुअल के साथ जीपीएस से सैंपल सर्वे की शुरुआत विभिन्न मिल क्षेत्रों के 40 ऐसे गांवों से की गई है, जहां इस बार गन्ना रकबा बढ़ने के आसार हैं। इसे साथ ही 69 ऐसे गांव संवेदनशील चुने गए हैं, जहां के ग्रामीणों से सर्वे को लेकर सर्वाधिक शिकायतें मिली हैं। डीसीओ ने कहा कि सट्टों पर दर्ज कृषि योग्य भूमि और वास्तविक गन्ना क्षेत्रफल में भिन्नता पाए जाने पर कर्मचारियों के साथ किसानों की भूमिका की भी जांच की जाएगी क्योंकि ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ किसान दबंगई दिखाते हुए सर्वे टीमों पर दूसरे किसानों का गन्ना रकबा अपने नाम दर्ज कराने का दबाव बना रहे हैं ताकि पेराई शुरू होने पर उसी अनुपात में अधिक सप्लाई पर्चियां मिल सकें।
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सर्वे के लिए जिले की विभिन्न तहसीलों मेें 1970 गन्ना ग्राम चिह्नित किए गए हैं। इन गांवों में पेराई सत्र 2018-19 में करीब 1.15 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना की उन्नतशील प्रजातियां बोई गई थीं। हालांकि, उस दौरान सर्वे कार्य मैनुअली तरीके से किया गया और उसे लेकर किसानों के स्तर से तमाम शिकायतें मिली थीं। जांच के दौरान पता सर्वे कर्मचारियों ने अभिलेखों में कुल कृषि योग्य भूमि से अधिक भूमि का गन्ना क्षेत्रफल दर्ज किया है। सर्वे कार्य में गड़बड़ी पाए जाने पर पुवायां थाने में चार और बंडा थाने में तीन सर्वे कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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नए पेराई सत्र में इस तरह की शिकायतों की रोकथाम के लिए गन्ना विकास विभाग ने खास एहतियात बरती है। मैनुअल के साथ जीपीएस से सैंपल सर्वे की शुरुआत विभिन्न मिल क्षेत्रों के 40 ऐसे गांवों से की गई है, जहां इस बार गन्ना रकबा बढ़ने के आसार हैं। इसे साथ ही 69 ऐसे गांव संवेदनशील चुने गए हैं, जहां के ग्रामीणों से सर्वे को लेकर सर्वाधिक शिकायतें मिली हैं। डीसीओ ने कहा कि सट्टों पर दर्ज कृषि योग्य भूमि और वास्तविक गन्ना क्षेत्रफल में भिन्नता पाए जाने पर कर्मचारियों के साथ किसानों की भूमिका की भी जांच की जाएगी क्योंकि ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ किसान दबंगई दिखाते हुए सर्वे टीमों पर दूसरे किसानों का गन्ना रकबा अपने नाम दर्ज कराने का दबाव बना रहे हैं ताकि पेराई शुरू होने पर उसी अनुपात में अधिक सप्लाई पर्चियां मिल सकें।
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