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मूल्यांकन में धांधली का मामला- वीसी के सामने स्वीकारे थे आरोप, लिखित में सब नकार दिए
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के मूल्यांकन में धांधली के आरोपों में फंसे कर्मचारियों ने लिखित बयान में अपने ऊपर लगाए आरोप नकार दिए हैं। उन्होंने कहा है कि वे लाग मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े हैं और एजेंसी से दस्तावेजों का आदान-प्रदान होता है इसलिए ही नंबरों की अवार्ड सीट उनके मोबाइल फोन में मौजूद थी।
पिछले दिनों विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने मूल्यांकन में धांधली का आरोप लगाते हुए तीन कर्मचारियों के खिलाफ कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल से शिकायत की थी। कुलपति ने कर्मचारियों को तलब कर पूछताछ की और उनके मोबाइल फोन चेक किए तो इस तरह के कुछ सबूत उनमें मिले। इस पर कुलपति ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी। आरोपी कर्मचारियों के मोबाइल फोन चेक करने के बाद यह कमेटी उनके मौखिक बयान लेने के बाद लिखित भी ले चुकी है। बताया जाता है कि आरोपियों ने लिखित बयान में धांधली में लिप्त होने से साफ इनकार कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि वे लाग मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े हैं। ऐसे में एजेंसी से कई बार मोबाइल फोन के जरिये भी दस्तावेजों का आदान प्रदान होता है। इससे अवार्ड सीट उनके मोबाइल में मिली। वहीं, एडमिट कार्ड, रोल नंबर आदि के संबंध में कहा है कि लोग नंबर बढ़ाने के लिए उनके पास रोल नंबर भेजते हैं लेकिन उन्होंने इसमें कुछ नहीं किया है।
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पिछले दिनों विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने मूल्यांकन में धांधली का आरोप लगाते हुए तीन कर्मचारियों के खिलाफ कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल से शिकायत की थी। कुलपति ने कर्मचारियों को तलब कर पूछताछ की और उनके मोबाइल फोन चेक किए तो इस तरह के कुछ सबूत उनमें मिले। इस पर कुलपति ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी। आरोपी कर्मचारियों के मोबाइल फोन चेक करने के बाद यह कमेटी उनके मौखिक बयान लेने के बाद लिखित भी ले चुकी है। बताया जाता है कि आरोपियों ने लिखित बयान में धांधली में लिप्त होने से साफ इनकार कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि वे लाग मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े हैं। ऐसे में एजेंसी से कई बार मोबाइल फोन के जरिये भी दस्तावेजों का आदान प्रदान होता है। इससे अवार्ड सीट उनके मोबाइल में मिली। वहीं, एडमिट कार्ड, रोल नंबर आदि के संबंध में कहा है कि लोग नंबर बढ़ाने के लिए उनके पास रोल नंबर भेजते हैं लेकिन उन्होंने इसमें कुछ नहीं किया है।
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