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ऊंची चपटें देख इलाके में दहशत, खाली कराए घर-होटल
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बरेली। गैस पाइपलाइन से निकल रही आग की ऊंची लपटों को देख लोग भयभीत हो गई। खतरे को भांपते हुए अफसरों ने पास के होटल को खाली करा दिया। आसपास की दुकानें बंद हो गईं और लोग घरों को छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने भी चौराहे की नाकाबंदी कर दी।
घटनास्थल के पास ही स्थित होटल में कई लोग रुके हुए थे। आग लगने के बाद हंगामा मचा तो अधिकांश लोग कमरे छोड़कर नीचे उतर आए। लाइन फटने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने भी प्रबंधन से कहकर होटल को बिल्कुल खाली करा दिया। आसपास के मकानों से भी लोग निकलकर बाहरी हिस्सों में चले गए। सेक्टर वार्डन अमर सिंह और राजेश कुमार आदि ने फोन करके बिजली सप्लाई कटवाई, जिसके बाद पानी की बौछार शुरू की गई। पुलिस प्रशासन इस आशंका से भयभीत था कि कहीं आग फैल न जाए। इसलिए अयूब खां चौराहा, स्टेशन चौराहा, सिटी रेलवे क्रासिंग आदि पर पुलिस ने बैरियर और आड़ी-तिरछी बाइक लगाकर सभी रास्ते ब्लॉक कर दिए। लोगों को रोका गया तो पुलिस से उनकी झड़पें भी हुईं। मगर मामला पता लगने पर अधिकांश लोग रास्ता बदलकर निकल गए।
दमकल हो गईं फेल, फायर सिलिंडर भी नहीं थे
रविवार रात अग्निकांड के बाद मौके पर दमकल की चार गाड़ियां तो पहुंचीं पर अधूरी तैयारी की वजह से फेल हो गईं। पानी की लगातार बौछार और स्टाफ की मेहनत के बावजूद आग नहीं बुझी। दरअसल आग बुझाने के लिए जो अग्निशमन सिलिंडर चाहिए थे, वे गाड़ियों में नहीं थे। इसके अलावा एक गाड़ी में पानी खत्म होने के बाद मौके पर पानी भरने वाले निगम के हाईड्रेंट भी बंद बताए गए। इसलिए खाली गाड़ी तत्काल ही दोबारा पानी भरने को रवाना कर दी गई। इतनी बड़ी आग होने के बावजूद अग्निशमन विभाग का कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। बताया गया कि वह अवकाश पर हैं, स्टाफ ही अधूरे संसाधनों के साथ जूझता दिखा।
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संचार लाइनें ध्वस्त होने की आशंका
अग्निकांड में बीएसएनएल एवं अन्य मोबाइल कंपनियों की फाइबर केबल ध्वस्त होने की भी आशंका है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह लाइनें भी पीएनजी पाइप लाइन के पास हैं। मगर इसकी कोई पुष्टि नहीं हो सकी।
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घटनास्थल के पास ही स्थित होटल में कई लोग रुके हुए थे। आग लगने के बाद हंगामा मचा तो अधिकांश लोग कमरे छोड़कर नीचे उतर आए। लाइन फटने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने भी प्रबंधन से कहकर होटल को बिल्कुल खाली करा दिया। आसपास के मकानों से भी लोग निकलकर बाहरी हिस्सों में चले गए। सेक्टर वार्डन अमर सिंह और राजेश कुमार आदि ने फोन करके बिजली सप्लाई कटवाई, जिसके बाद पानी की बौछार शुरू की गई। पुलिस प्रशासन इस आशंका से भयभीत था कि कहीं आग फैल न जाए। इसलिए अयूब खां चौराहा, स्टेशन चौराहा, सिटी रेलवे क्रासिंग आदि पर पुलिस ने बैरियर और आड़ी-तिरछी बाइक लगाकर सभी रास्ते ब्लॉक कर दिए। लोगों को रोका गया तो पुलिस से उनकी झड़पें भी हुईं। मगर मामला पता लगने पर अधिकांश लोग रास्ता बदलकर निकल गए।
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दमकल हो गईं फेल, फायर सिलिंडर भी नहीं थे
रविवार रात अग्निकांड के बाद मौके पर दमकल की चार गाड़ियां तो पहुंचीं पर अधूरी तैयारी की वजह से फेल हो गईं। पानी की लगातार बौछार और स्टाफ की मेहनत के बावजूद आग नहीं बुझी। दरअसल आग बुझाने के लिए जो अग्निशमन सिलिंडर चाहिए थे, वे गाड़ियों में नहीं थे। इसके अलावा एक गाड़ी में पानी खत्म होने के बाद मौके पर पानी भरने वाले निगम के हाईड्रेंट भी बंद बताए गए। इसलिए खाली गाड़ी तत्काल ही दोबारा पानी भरने को रवाना कर दी गई। इतनी बड़ी आग होने के बावजूद अग्निशमन विभाग का कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। बताया गया कि वह अवकाश पर हैं, स्टाफ ही अधूरे संसाधनों के साथ जूझता दिखा।
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संचार लाइनें ध्वस्त होने की आशंका
अग्निकांड में बीएसएनएल एवं अन्य मोबाइल कंपनियों की फाइबर केबल ध्वस्त होने की भी आशंका है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह लाइनें भी पीएनजी पाइप लाइन के पास हैं। मगर इसकी कोई पुष्टि नहीं हो सकी।