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ट्रेेनें नहीं चली तो मंडल में हड़कंप, अफसर पहुंचे मौके पर
Updated Mon, 26 Nov 2018 01:40 AM IST
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बरेली। इंजीनियरिंग अनुभाग को सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक ब्लॉक लेकर सब वे बनाने का काम पूरा करना था। 12 बजे से ट्रेनों को संचालन शुरू होना था, लेकिन ट्रेनें नहीं चलीं तो इंज्जतनगर मंडल में अफरा-तफरी मच गई। इसकी सूचना पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय को हुई तो मंडलीय अफसर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए, चूंकि मामला संरक्षा से जुड़ा था, इसलिए अफसर भी इंजीनियरिंग टीम पर ज्यादा दबाव नहीं बना सके। शाम 4.30 बजे इज्जतनगर स्टेशन से भोजीपुरा की ओर दस की स्पीड से इंजन गुजारा गया जो होम केबिन तक जाकर तक वापस आ गया। इसके बाद अफसर भी मुत्मईन हो गए।
आईवीआरआई रेलवे क्रासिंग पर सब वे बनाने के लिए खुदाई शनिवार रात 12 बजे से शुरू हो गई थी। इंजीनियरिंग अनुभाग को छह घंटे में इसके पूरा होने का अंदाज था। दोपहर 12 बजे ब्लॉक का समय खत्म हुआ तो इज्जतनगर रेलवे कंट्रोल ने 12.30 बजे पीलीभीत के लिए पैसेंजर ट्रेन चलाने के आदेश दिए। रेलवे क्रासिंग पर सिग्नल केबल भी कटा हुआ था। इंजीनियरिंग टीम ने मौके की जानकारी दी तो रेलवे कंट्रोल ने डीआरएम को मेसेज भेज दिया। रविवार होने के बाद भी सभी अधिकारी एक दूसरे के संपर्क में थे। इससे मंडलीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ब्लॉक खत्म न होने की सूचना पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर पहुंची तो डीआरएम उमेश कुमार सिंह, एडीआरएम (निर्माण) वीके गुप्ता आदि अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ट्रेनें न चलने से यात्रियों की दिक्कत और राजस्व के नुकसान का हवाला दिया लेकिन इंजीनियरिंग टीम कुछ सुनने को तैयार नहीं हुई। मामला संरक्षा से जुड़े होने पर अफसर भी ज्यादा दवाब नहीं बना सके। शाम 4.30 बजे दस किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से इंजन को गुजारकर वापस लाया गया। इसके बाद पीलीभीत के लिए पहली ट्रेन शाम 6.35 बजे आईवीआरआई क्रासिंग से गुजारी गई।
दिन भर लालकुआं के लिए नहीं गई ट्रेन
बरेली सिटी स्टेशन से लालकुआं के लिए सुबह 6.10, 10.30, दोपहर 2.05, शाम 5.25 और रात 8.55 बजे ट्रेनें चलती है। दोपहर 12 बजे तक यात्रियों को पता था कि कोई भी ट्रेन नहीं जाएगी। फिर पता चला कि 10.30 बजे वाली ट्रेन साढ़े 12 बजे जाएगी। मगर जब वे स्टेशन पहुुंचे तो कोई जानकारी नहीं मिली। यही हाल पीलीभीत जाने वाले यात्रियों का भी रहा। सिटी से पीलीभीत के लिए सुबह 7.10, दोपहर 11.05, 2.45, शाम 6.05, रात साढ़े नौ बजे ट्रेन चलती है। शाम 8.30 लालकुआं के लिए पहली ट्रेन गुजारी गई, यात्रियों को जानकारी न होने से ट्रेन में नाममात्र के ही यात्री थे, जिससे रेलवे को राजस्व का नुकसान हुआ।
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कौतुहल बनी क्रेन, परिवार समेत अफसर पहुंचे देखने
सब वे बनाने के दौरान बड़े-बड़े आरसीसी ब्लॉक उठाने के लिए आई क्रेन का नजारा रेलवे अफसर और उनके परिवार के लिए किसी कौतुहल से कम नहीं था। कुछ अफसर तो परिवार समेत सब वे बनाने के काम को देखने पहुंच गए। क्षेत्रवासियों की भी भीड़ लगी रही।
छह घंटे का काम 18 घंटे में पूरा
इंजीनियरिंग अनुभाग ने शनिवार रात 12 बजे से ही जेसीबी से गड्ढा खोदना शुरू कर दिया था। इसको पूरा करने के लिए दोपहर 12 बजे तक का समय मांगा था। शाम 6 बजे तक 18 घंटे बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। हालांकि किसी तरह ट्रेन चला दी लेकिन काम देर रात तक चलता रहा। सूत्रों का कहना है कि दूसरी साइड अगले रविवार को बनाई जाएगी। आशंका है कि रविवार को अधिकारिक तौर पर दिन भर ट्रेनें न चलने की घोषणा की जाए, जिससे रेल अधिकारियों की फजीहत न हो।
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आईवीआरआई रेलवे क्रासिंग पर सब वे बनाने के लिए खुदाई शनिवार रात 12 बजे से शुरू हो गई थी। इंजीनियरिंग अनुभाग को छह घंटे में इसके पूरा होने का अंदाज था। दोपहर 12 बजे ब्लॉक का समय खत्म हुआ तो इज्जतनगर रेलवे कंट्रोल ने 12.30 बजे पीलीभीत के लिए पैसेंजर ट्रेन चलाने के आदेश दिए। रेलवे क्रासिंग पर सिग्नल केबल भी कटा हुआ था। इंजीनियरिंग टीम ने मौके की जानकारी दी तो रेलवे कंट्रोल ने डीआरएम को मेसेज भेज दिया। रविवार होने के बाद भी सभी अधिकारी एक दूसरे के संपर्क में थे। इससे मंडलीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ब्लॉक खत्म न होने की सूचना पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर पहुंची तो डीआरएम उमेश कुमार सिंह, एडीआरएम (निर्माण) वीके गुप्ता आदि अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ट्रेनें न चलने से यात्रियों की दिक्कत और राजस्व के नुकसान का हवाला दिया लेकिन इंजीनियरिंग टीम कुछ सुनने को तैयार नहीं हुई। मामला संरक्षा से जुड़े होने पर अफसर भी ज्यादा दवाब नहीं बना सके। शाम 4.30 बजे दस किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से इंजन को गुजारकर वापस लाया गया। इसके बाद पीलीभीत के लिए पहली ट्रेन शाम 6.35 बजे आईवीआरआई क्रासिंग से गुजारी गई।
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दिन भर लालकुआं के लिए नहीं गई ट्रेन
बरेली सिटी स्टेशन से लालकुआं के लिए सुबह 6.10, 10.30, दोपहर 2.05, शाम 5.25 और रात 8.55 बजे ट्रेनें चलती है। दोपहर 12 बजे तक यात्रियों को पता था कि कोई भी ट्रेन नहीं जाएगी। फिर पता चला कि 10.30 बजे वाली ट्रेन साढ़े 12 बजे जाएगी। मगर जब वे स्टेशन पहुुंचे तो कोई जानकारी नहीं मिली। यही हाल पीलीभीत जाने वाले यात्रियों का भी रहा। सिटी से पीलीभीत के लिए सुबह 7.10, दोपहर 11.05, 2.45, शाम 6.05, रात साढ़े नौ बजे ट्रेन चलती है। शाम 8.30 लालकुआं के लिए पहली ट्रेन गुजारी गई, यात्रियों को जानकारी न होने से ट्रेन में नाममात्र के ही यात्री थे, जिससे रेलवे को राजस्व का नुकसान हुआ।
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कौतुहल बनी क्रेन, परिवार समेत अफसर पहुंचे देखने
सब वे बनाने के दौरान बड़े-बड़े आरसीसी ब्लॉक उठाने के लिए आई क्रेन का नजारा रेलवे अफसर और उनके परिवार के लिए किसी कौतुहल से कम नहीं था। कुछ अफसर तो परिवार समेत सब वे बनाने के काम को देखने पहुंच गए। क्षेत्रवासियों की भी भीड़ लगी रही।
छह घंटे का काम 18 घंटे में पूरा
इंजीनियरिंग अनुभाग ने शनिवार रात 12 बजे से ही जेसीबी से गड्ढा खोदना शुरू कर दिया था। इसको पूरा करने के लिए दोपहर 12 बजे तक का समय मांगा था। शाम 6 बजे तक 18 घंटे बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। हालांकि किसी तरह ट्रेन चला दी लेकिन काम देर रात तक चलता रहा। सूत्रों का कहना है कि दूसरी साइड अगले रविवार को बनाई जाएगी। आशंका है कि रविवार को अधिकारिक तौर पर दिन भर ट्रेनें न चलने की घोषणा की जाए, जिससे रेल अधिकारियों की फजीहत न हो।