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ग्रीन बेल्ट की जमीन पर 50 प्लाट काट चुके हैं कालोनाइजर
Updated Sun, 18 Nov 2018 01:12 AM IST
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बरेली। बीडीए टीम पर हमला करने वाले अवैध कालोनाइजर प्रधान पप्पू यादव, पूर्व प्रधान फैयाज खां और सचिन यादव नैनीताल रोड पर लंबे समय से प्लाटिंग कर रहे थे। ओम प्रकाश यादव नाम के किसी व्यक्ति से इन्होंने यह जमीन खरीदी थी। हाईवे बनने के बाद इनकी बहुत सी जमीन ग्रीन बेल्ट में शामिल हो गई। मगर, इसके बावजूद अवैध कालोनाइजर 20 हजार वर्ग मीटर जमीन पर रेरा में पंजीकरण कराए बिना 50 प्लाट काटकर बेच चुके हैं।
प्रापर्टी का कारोबार करने वाले इन कालोनाइजरों ने न तो रियल एस्टेट रेग्यूलेटिंग अधिनियम कानून (रेरा) में अब तक अपने प्रोजेक्ट का पंजीकरण कराया है। न ही नई कालोनी बनाने से पहले बीडीए से उसका लेआऊट मंजूर कराने के लिए प्राधिकरण में आवेदन किया। प्राधिकरण के नियमों के मुताबिक ग्रीन बेल्ट की जमीन का भू-उपयोग नहीं बदला जा सकता। न ही उसका ले आऊट स्वीकृत हो सकता है। ग्रीन बेल्ट के बाहर जो इनकी जमीन बची है, उस पर भी बिना भू-उपयोग परिवर्तन कराए कालोनी विकसित नहीं की जा सकती। बीडीए सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह का कहना है कि दोहना पीतमराय में जिस जमीन पर कालोनाइजरों ने प्लाटिंग कर बाउंड्रीवाल बनवाकर खंभे लगवा दिए। यहां कालोनी का पूरा फाउंडेशन बनाया जा चुका था। वह पूरी तरह नियम विरुद्ध है क्योंकि प्राधिकरण की बरेली महायोजना 2021 में यह जमीन वाहन विक्रय केंद्र और ग्रीन बेल्ट में प्रस्तावित है।
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प्रापर्टी का कारोबार करने वाले इन कालोनाइजरों ने न तो रियल एस्टेट रेग्यूलेटिंग अधिनियम कानून (रेरा) में अब तक अपने प्रोजेक्ट का पंजीकरण कराया है। न ही नई कालोनी बनाने से पहले बीडीए से उसका लेआऊट मंजूर कराने के लिए प्राधिकरण में आवेदन किया। प्राधिकरण के नियमों के मुताबिक ग्रीन बेल्ट की जमीन का भू-उपयोग नहीं बदला जा सकता। न ही उसका ले आऊट स्वीकृत हो सकता है। ग्रीन बेल्ट के बाहर जो इनकी जमीन बची है, उस पर भी बिना भू-उपयोग परिवर्तन कराए कालोनी विकसित नहीं की जा सकती। बीडीए सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह का कहना है कि दोहना पीतमराय में जिस जमीन पर कालोनाइजरों ने प्लाटिंग कर बाउंड्रीवाल बनवाकर खंभे लगवा दिए। यहां कालोनी का पूरा फाउंडेशन बनाया जा चुका था। वह पूरी तरह नियम विरुद्ध है क्योंकि प्राधिकरण की बरेली महायोजना 2021 में यह जमीन वाहन विक्रय केंद्र और ग्रीन बेल्ट में प्रस्तावित है।
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