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बड़े नोटों की जमाखोरी फिर तेज
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 05 Oct 2018 11:13 PM IST
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2000 के नोटों के लगातार गायब होने से बैंकों के साथ ग्राहकों की भी परेशानी बढ़ी है। बैंक अफसरों की मानें तो दो हजार की नकदी पहले के मुकाबले करीब 50 फीसदी ही रह गई है। इसकी वजह जमाखोरी बताई जा रही है। इसे देखते हुए उच्चाधिकारियों से आए आदेश के बाद बैंकों ने एटीएम में दो हजार की जगह सौ और पांच सौ के नोटों की सीमा में बढ़ोतरी कर दी है।
नोटबंदी के बाद मोदी सरकार ने नोटों के आए संकट को खत्म करने के लिए 2000 के नोट जारी किए थे। पहले यही चर्चा थी कि करेंसी की किल्लत खत्म होने के बाद इन नोटों को बंद कर दिया जाएगा, लेकिन दो साल बाद भी सरकार इन नोटों को बंद नहीं कर सकी है। ऐसे में जमाखोरों ने काली कमाई छिपाने के लिए इन नोटों को बड़ी संख्या में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
सूत्र बताते हैं कि छह माह के दौरान बैंकों के पास दो हजार के नोटों की तादाद काफी कम हो रही है। एक बड़े बैंक के उच्च पदस्थ अफसर की मानें तो आरबीआई से बैंकों की करेंसी चेस्ट में आने वाले नोटों की सप्लाई में भी दो हजार के नोट काफी कम हैं। इसके अलावा कस्टमर से सीधे काउंटर या कैश डिपॉजिट मशीन (सीडीएम) में भी दो हजार के नोट नाममात्र को ही आ रहे हैं। ऐसे में बैंकर्स ने इस पर लगाम कराने के लिए अंदरखाने ब्रांच मैनेजरों को यह आदेश दिए हैं कि एटीएम में दो हजार की जगह 100 और 500 के नोटों की मात्रा बढ़ा दी जाए।
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नोटबंदी के बाद मोदी सरकार ने नोटों के आए संकट को खत्म करने के लिए 2000 के नोट जारी किए थे। पहले यही चर्चा थी कि करेंसी की किल्लत खत्म होने के बाद इन नोटों को बंद कर दिया जाएगा, लेकिन दो साल बाद भी सरकार इन नोटों को बंद नहीं कर सकी है। ऐसे में जमाखोरों ने काली कमाई छिपाने के लिए इन नोटों को बड़ी संख्या में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
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सूत्र बताते हैं कि छह माह के दौरान बैंकों के पास दो हजार के नोटों की तादाद काफी कम हो रही है। एक बड़े बैंक के उच्च पदस्थ अफसर की मानें तो आरबीआई से बैंकों की करेंसी चेस्ट में आने वाले नोटों की सप्लाई में भी दो हजार के नोट काफी कम हैं। इसके अलावा कस्टमर से सीधे काउंटर या कैश डिपॉजिट मशीन (सीडीएम) में भी दो हजार के नोट नाममात्र को ही आ रहे हैं। ऐसे में बैंकर्स ने इस पर लगाम कराने के लिए अंदरखाने ब्रांच मैनेजरों को यह आदेश दिए हैं कि एटीएम में दो हजार की जगह 100 और 500 के नोटों की मात्रा बढ़ा दी जाए।
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