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शिक्षामित्रों की हड़ताल से प्राइमरी स्कूल में पड़े ताले
Updated Sat, 29 Jul 2017 01:39 AM IST
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शिक्षामित्रों की हड़ताल से प्राइमरी स्कूल में पड़े ताले
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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शिक्षामित्रों का नाराजगी विरोध प्रदर्शन के माध्यम से अभी भी जारी है। विद्यालय खोले नहीं जा रहे हैं और जहां खुल रहे हैं वहां बच्चे नहीं पहुंच रहे। शुक्रवार को कई स्कूल मौके पर बंद मिले। शहर में शिक्षामित्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला शिक्षामित्र माहेश्वरी शर्मा बेहोश हो र्गइं। उनको जिला अस्पताल ले गए तो शिक्षामित्र डॉक्टर से ही उलझ गए। आरोप लगाया कि इलाज में देरी हो रही है। हालांकि पुलिस ने स्थिति संभाली। दिन भर शहर और तहसीलों में हंगामा होता रहा। रामनगर में ऑडिटर को बंधक बना लिया गया। अमर उजाला टीम की एक रिपोर्ट।
जिला अस्पताल में हंगामा पुुलिस ने टाला
शिक्षामित्रों का प्रदर्शन अभी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शहर में सभी शिक्षामित्रों ने गांधी उद्यान और बेसिक शिक्षा विभाग में प्रदर्शन किया। इस दौरान ब्लॉक मझगवां की महिला शिक्षामित्र माहेश्वरी शर्मा गर्मी की वजह से बेहोश हो र्गइं। उनको जिला अस्पताल लाया गया तो शिक्षामित्रों ने इलाज न करने का आरोप लगाकर खूब हंगामा किया। शिक्षामित्र नेता केपी सिंह का कहना था कि आधे घंटे से माहेश्वरी का इलाज नहीं किया गया, जबकि डॉक्टराें ने बताया कि मात्र दस मिनट के लिए दूसरे मरीज को देखा जा रहा था। हंगामे को पुलिस ने संभाला हालांकि महिला का इलाज दस मिनट बाद शुरू कर दिया गया। शिक्षामित्रों का विरोध प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहेगा।
गांव वालों को बताया स्कूल बंद करने का आदेश है
कस्बे से सटे शाहगढ़ में बने प्राइमरी स्कूल में दो दिन से ताले लटके हुए हैं। गांव के लोगों का कहना है कि जिस दिन से हड़ताल शुरू हुई उसी दिन से स्कूल बंद हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। बिजौरिया गांव में बना प्राइमरी स्कूल रोज खुलता है और प्रधानाध्यापक आकर बच्चों की हाजिरी लगाते हैं और स्कूल बंद कर लौट जाते हैं। गांव वालों ने बताया कि उनको शिक्षकों ने बताया है कि हड़ताल की वजह से शासन से स्कूल को बंद करने के आदेश हैं। एसडीएम ममता मालवीय ने कहा कि स्कूल में तैनात शिक्षामित्र ही हड़ताल पर हैं। उनके स्थान पर वहां तैनात शिक्षक तो सरकारी कर्मचारी हैं, उन्हें स्कूल में रोजाना पढ़ाई कराना चाहिए। उनका हड़ताल से क्या मतलब। एसडीएम ने बीईओ से प्रत्येक स्कूल की रिपोर्ट मांगी है और टीम को निरीक्षण पर लगाया है।
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आंवलाः शिक्षामित्रों ने ग्रामीणों को दौड़ाया
तहसील में प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों की योग्यता पर ग्रामीणों ने कोई कमेंट कर दिया तो शिक्षामित्र नाराज हो गए। उन्हाेंने ग्रामीणों को दौड़ा लिया। एक युवक मुंसिफ कोर्ट परिसर में छिप गया। प्रदर्शन के दौरान महिला शिक्षामित्र अपने बच्चाें को भी साथ लाई थीं। उन्होंने बताया कि वह उम्र के ऐसे पड़ाव पर हैं जब दूसरी नौकरी नहीं मिल सकती। दो बच्चों के साथ रीना मिश्रा, गुड्डो देवी, ममता व कमलेश ने बताया कि सरकार को कोई न कोई निर्णय तो लेना ही होगा। शिक्षामित्रों ने रामनगर ब्लॉक के अधिकतर स्कूल बंद करा दिए हैं।
रिछाः शिक्षामित्रों के भरोसे चलने वाले स्कूलों पर ताले
ब्लाक में कई स्कूल केवल शिक्षामित्रों के भरोसे ही चल रहे थे। आंदोलन के चलते शुक्रवार को भी इन स्कूलों में ताले लटके रहे। कई स्कूलों में हालात यह हैं कि एक ही शिक्षक पर पूरे स्कूल के बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी आ गई है। आंदोलन के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। वहीं शिक्षामित्रों की हड़ताल के बावजूद यहां स्कूल चलो अभियान शुरू किया गया।
रामनगरः रामनगर में शिक्षामित्रों ने ऑडिटर को बंधक बनाया
खंड शिक्षा कार्यालय पर शिक्षामित्रों ने कार्य बहिष्कार के साथ ही कार्यालय पर तालाबंदी कर दी है। रामनगर बीआरसी केंद्र पर बरेली से आये ऑडिटर जमील शाह को बंधक बना लिया और ऑडिट नहीं करने दिया। करीब तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा गया। खंड शिक्षा अधिकारी शेर सिंह ने बताया कि मुझे जानकारी मिली है कि ऑडिट नहीं करने दिया गया है। शिक्षामित्र संघ के ब्लाक अध्यक्ष शिव सिंह ने बताया कि रामनगर ब्लाक के 14 स्कूलों पर तैनात शिक्षामित्रों ने कार्य बहिष्कार कर स्कूलों को बंद कर रखा है। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक स्कूलों पर ऐसे ही ताले लगे रहेंगे।
वीडियोग्राफी कराएं और कार्यवाही करें डीएम
अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा अधिकारी राज प्रताप सिंह का आदेश सभी जिलाधिकारियों को भेजा गया है। इसमें कोर्ट के आदेश का जिक्र करते हुए कहा गया है कि लगातार शिक्षामित्रों द्वारा जनपदों में तोड़फोड़, तालाबंदी और बहिष्कार किया जा रहा है, जो उचित नहीं है। शासन स्तर पर इस संबंध में सुसंगत कार्यवाही की जा रही है। जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने जनपदों में शिक्षामित्रों से बात करके पठन पाठन का माहौल बनाएं। घटनाआें की वीडियोग्राफी कराएं और पठन पाठन में व्यवधान उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों, शिक्षामित्रों व शिक्षकों को चिह्नित कर समुचित कार्यवाही करें।
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जिला अस्पताल में हंगामा पुुलिस ने टाला
शिक्षामित्रों का प्रदर्शन अभी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शहर में सभी शिक्षामित्रों ने गांधी उद्यान और बेसिक शिक्षा विभाग में प्रदर्शन किया। इस दौरान ब्लॉक मझगवां की महिला शिक्षामित्र माहेश्वरी शर्मा गर्मी की वजह से बेहोश हो र्गइं। उनको जिला अस्पताल लाया गया तो शिक्षामित्रों ने इलाज न करने का आरोप लगाकर खूब हंगामा किया। शिक्षामित्र नेता केपी सिंह का कहना था कि आधे घंटे से माहेश्वरी का इलाज नहीं किया गया, जबकि डॉक्टराें ने बताया कि मात्र दस मिनट के लिए दूसरे मरीज को देखा जा रहा था। हंगामे को पुलिस ने संभाला हालांकि महिला का इलाज दस मिनट बाद शुरू कर दिया गया। शिक्षामित्रों का विरोध प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहेगा।
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गांव वालों को बताया स्कूल बंद करने का आदेश है
कस्बे से सटे शाहगढ़ में बने प्राइमरी स्कूल में दो दिन से ताले लटके हुए हैं। गांव के लोगों का कहना है कि जिस दिन से हड़ताल शुरू हुई उसी दिन से स्कूल बंद हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। बिजौरिया गांव में बना प्राइमरी स्कूल रोज खुलता है और प्रधानाध्यापक आकर बच्चों की हाजिरी लगाते हैं और स्कूल बंद कर लौट जाते हैं। गांव वालों ने बताया कि उनको शिक्षकों ने बताया है कि हड़ताल की वजह से शासन से स्कूल को बंद करने के आदेश हैं। एसडीएम ममता मालवीय ने कहा कि स्कूल में तैनात शिक्षामित्र ही हड़ताल पर हैं। उनके स्थान पर वहां तैनात शिक्षक तो सरकारी कर्मचारी हैं, उन्हें स्कूल में रोजाना पढ़ाई कराना चाहिए। उनका हड़ताल से क्या मतलब। एसडीएम ने बीईओ से प्रत्येक स्कूल की रिपोर्ट मांगी है और टीम को निरीक्षण पर लगाया है।
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आंवलाः शिक्षामित्रों ने ग्रामीणों को दौड़ाया
तहसील में प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों की योग्यता पर ग्रामीणों ने कोई कमेंट कर दिया तो शिक्षामित्र नाराज हो गए। उन्हाेंने ग्रामीणों को दौड़ा लिया। एक युवक मुंसिफ कोर्ट परिसर में छिप गया। प्रदर्शन के दौरान महिला शिक्षामित्र अपने बच्चाें को भी साथ लाई थीं। उन्होंने बताया कि वह उम्र के ऐसे पड़ाव पर हैं जब दूसरी नौकरी नहीं मिल सकती। दो बच्चों के साथ रीना मिश्रा, गुड्डो देवी, ममता व कमलेश ने बताया कि सरकार को कोई न कोई निर्णय तो लेना ही होगा। शिक्षामित्रों ने रामनगर ब्लॉक के अधिकतर स्कूल बंद करा दिए हैं।
रिछाः शिक्षामित्रों के भरोसे चलने वाले स्कूलों पर ताले
ब्लाक में कई स्कूल केवल शिक्षामित्रों के भरोसे ही चल रहे थे। आंदोलन के चलते शुक्रवार को भी इन स्कूलों में ताले लटके रहे। कई स्कूलों में हालात यह हैं कि एक ही शिक्षक पर पूरे स्कूल के बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी आ गई है। आंदोलन के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। वहीं शिक्षामित्रों की हड़ताल के बावजूद यहां स्कूल चलो अभियान शुरू किया गया।
रामनगरः रामनगर में शिक्षामित्रों ने ऑडिटर को बंधक बनाया
खंड शिक्षा कार्यालय पर शिक्षामित्रों ने कार्य बहिष्कार के साथ ही कार्यालय पर तालाबंदी कर दी है। रामनगर बीआरसी केंद्र पर बरेली से आये ऑडिटर जमील शाह को बंधक बना लिया और ऑडिट नहीं करने दिया। करीब तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा गया। खंड शिक्षा अधिकारी शेर सिंह ने बताया कि मुझे जानकारी मिली है कि ऑडिट नहीं करने दिया गया है। शिक्षामित्र संघ के ब्लाक अध्यक्ष शिव सिंह ने बताया कि रामनगर ब्लाक के 14 स्कूलों पर तैनात शिक्षामित्रों ने कार्य बहिष्कार कर स्कूलों को बंद कर रखा है। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक स्कूलों पर ऐसे ही ताले लगे रहेंगे।
वीडियोग्राफी कराएं और कार्यवाही करें डीएम
अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा अधिकारी राज प्रताप सिंह का आदेश सभी जिलाधिकारियों को भेजा गया है। इसमें कोर्ट के आदेश का जिक्र करते हुए कहा गया है कि लगातार शिक्षामित्रों द्वारा जनपदों में तोड़फोड़, तालाबंदी और बहिष्कार किया जा रहा है, जो उचित नहीं है। शासन स्तर पर इस संबंध में सुसंगत कार्यवाही की जा रही है। जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने जनपदों में शिक्षामित्रों से बात करके पठन पाठन का माहौल बनाएं। घटनाआें की वीडियोग्राफी कराएं और पठन पाठन में व्यवधान उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों, शिक्षामित्रों व शिक्षकों को चिह्नित कर समुचित कार्यवाही करें।