फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   धान घोटाला: 80 लाख का चूना और लगाने को खुले छोड़ दिया माफिया

धान घोटाला: 80 लाख का चूना और लगाने को खुले छोड़ दिया माफिया

Fri, 01 Feb 2019 02:26 AM IST
Kunwar Pal Singh Kunwar Pal Singh
Updated Fri, 01 Feb 2019 02:26 AM IST
विज्ञापन
धान घोटाला: 80 लाख का चूना और लगाने को खुले छोड़ दिया माफिया

विज्ञापन
बरेली। सिस्टम ने आढ़तियों से करोड़ों रुपये का धान खरीद कर इधर उधर करने वाले राशन माफिया को अस्सी लाख रुपये का घोटाला और करने को खुला छोड़ दिया, इससे एक और वित्तीय घोटाला हो गया और जिम्मेदार सिस्टम हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। उधर, दूसरे दिन भी बुखारा स्थित गोदाम से जबरन धान उठाने का सिलसिला जारी रहा।
दिल्ली के कालका जी इलाके में रहने वाले राकेश सिंह ने परसाखेड़ा में आरके राइस मिल का परिसर किराए पर लेकर यहां धान की खरीद और उसकी कुटाई का काम शुरू किया था। इस दौरान राकेश सिंह ने एटा, अलीगढ़, बरेली, हापुड़ आदि जिलों के दर्जन भर से ज्यादा आढ़तियों से 12-13 सौ रुपये क्विटंल दर से बासमती और दूसरी उच्च गुणवत्ता का करीब तीस हजार क्विंटल धान खरीदा। धान की इस खरीद में राकेश की मदद रिठौरा में रहने वाले अमित गुप्ता ने की। राकेश सिंह और आढ़तियों के बीच मध्यस्थता कर अमित गुप्ता ने उसे पूरा धान उधार पर दिलाया। खास बात यह भी रही कि यह पूरा धान अवैध रूप से खरीदा गया और आढ़तियों को इसका कोई भुगतान नहीं किया गया। इस बीच धान की कीमत में करीब एक हजार रुपये प्रति क्विंटल का उछाल आया तो आढ़तियों ने राकेश सिंह पर धान का भुगतान करने का दबाव बनाना शुरू किया। राकेश और उसके मैनेजर अमित गुप्ता लगातार टालमटोल करते रहे तो मामला थाना सीबीगंज पहुंचा। पुलिस आढ़तियों की मदद करने लगी तो राइस मिल के मालिक दिल्ली पंजाबी बाग निवासी कनिष्क मनचंदा ने प्रशासन से गुहार लगाई कि राइस मिल में उनका भी चावल और धान रखा है जिसे न उठने दिया जाए लेकिन पुलिस ने इसके बावजूद उनके भी 996 बोरे धान उठवा दिया।
विज्ञापन


डीएम के आदेश पर दर्ज हुआ था मामला
दो महीने पहले परसाखेड़ा राइस मिल से जबरन चावल और धान उठाने का मामला डीएम वीके सिंह तक पहुंचा था। इस मामले में प्रभावित पक्ष कनिष्क मनचंदा ने डीएम को पूरी स्थिति बतायी जिसके बाद डीएम ने जबरन धान उठवाने वाले राकेश सिंह और अमित गुप्ता पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। डीएम के तेवर देख आधी रात में ही पुलिस ने इन दोनों पर धारा 420 और 406 में मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


दो महीने में कोई पुलिस कार्रवाई नहीं
डीएम ने घोटाला करने वालों पर मंडी अफसरों और प्रभावित पक्ष मनचंदा की ओर से एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इस पर सीबीगंज थाने में 23 नवंबर को आधी रात में एफआईआर दर्ज करने वाली पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करना तो दूर, विवेचना तक शुरू नहीं की। यही वजह रही राशन माफिया एक और कारनामा करने के लिए खुले घूमते रहे। साथ ही बुखारा स्थित कपिल खंडेलवाल के गोदाम में करीब पांच हजार क्विंटल धान भी अवैध रूप से भंडारित करा दिया। इस धान को भी अब खुदबुर्द करा दिया गया।

भ्रामक कागजों पर लिया 80 लाख का लोन
राकेश ने बुखारा के गोदाम में करीब पांच हजार क्विंटल धान रखने के बाद अपनी फर्म जिया एग्रो प्राइवेट लिमिटेड नाम पर किसान धन एग्री फाइसेंसियल सर्विसेज दिल्ली से करीब अस्सी लाख रुपये का लोन भी ले लिया जबकि यह धान आढ़तियों का था, क्योंकि इस धान का भुगतान आढ़तियों को नहीं किया गया था। इसलिए फिर धान लूट का तानाबाना बुना गया। किसान धन एग्री फाइसेंसियल सर्विसेज दिल्ली से आए अधिकारी विवेक शुक्ला ने बताया कि लोन देने से पहले राकेश ने सभी आवश्यक कागजात सौंपे थे, उसने यह भी शपथ पत्र दिया कि गोदाम में भंडारित धान उसका है, इस पर किसी बकाया या देनदारी नहीं है। साथ ही लिखकर दिया कि किसी भी बैंक से लोन नहीं लिया है। शुक्ला ने बताया कि तथ्य छिपाकर राकेश ने लोन ने लिया है। शुक्ला ने बताया कि लोन करीब तीन माह पहले दिया गया है।


कौन है राकेश
राकेश सिंह दिल्ली स्थित कालका जी का निवासी है और जिया एग्रो नाम से अनाज आदि का कारोबार करता है। जानकारों का कहना है कि राकेश ने बरेली में धान घोटाला करने को रिठौरा निवासी अमित गुप्ता को अपने मिशन घोटाले में शामिल किया था। राइस मिल किराए पर लेकर चोरी छिपे धान कारोबार और कुटाई कार्य किया। आढ़तियों का भुगतान नहीं करने और करीब अस्सी लाख रुपये का लोन लेने वाला राकेश सिस्टम पर बेहतर पकड़ रखता है, यही वजह है कि उसने फाइसेंस कंपनी को भी करीब ब्याज सहित 80 लाख रुपये का चूना लगा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed