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तेंदुए की खोजबीन की फिर मिले पगचिन्ह
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बहेड़ी। मठकरिया व रिछौली के जंगलों में शनिवार को तेंदुए की खोजबीन वन विभाग की टीम ने की। इस दौरान नए पगचिन्ह तो देखे गए लेकिन उसका अता पता नहीं चला। वन विभाग ने उसके इलाका छोड़ने की बात कही। बताया कि तेंदुए का मूवमेंट उत्तराखंड की ओर है लेकिन स्पष्ट रूप से कुछ बताने से इंकार किया। इसके चलते ग्रामीणों में दहशत बरकरार है।
मठकरिया व रिछौली गांव के जंगल में तेंदुए के पगचिन्ह देखे जाने से कई दिनों से ग्रामीण दहशत में हैं। चार दिनों से कोई अपने खेतों की ओर नही गया है। गेहूं की सिंचाई लेकर गन्ने की कटाई तक का काम बंद पड़ा हुआ है। मजदूर जंगल जाने से हाथ खड़ा कर रहे हैं। इससे किसान चिंतित हैं। शनिवार को वन विभाग के रेंजर रवींद्र सक्सेना टीम के साथ गांव पहुंचे। बारीकी से पगचिन्हों को देखने के बाद पाया कि कुछ निशान नए हैं। उन्होंने बताया कि तेंदुए का मूवमेंट किच्छा नदी पार उत्तराखंड का लग रहा लेकिन उन्होंने इसकी पुष्टि नहीं की। इसके चलते ग्रामीण दहशत में है। ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की मुनादी कराई गई है।
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मठकरिया व रिछौली गांव के जंगल में तेंदुए के पगचिन्ह देखे जाने से कई दिनों से ग्रामीण दहशत में हैं। चार दिनों से कोई अपने खेतों की ओर नही गया है। गेहूं की सिंचाई लेकर गन्ने की कटाई तक का काम बंद पड़ा हुआ है। मजदूर जंगल जाने से हाथ खड़ा कर रहे हैं। इससे किसान चिंतित हैं। शनिवार को वन विभाग के रेंजर रवींद्र सक्सेना टीम के साथ गांव पहुंचे। बारीकी से पगचिन्हों को देखने के बाद पाया कि कुछ निशान नए हैं। उन्होंने बताया कि तेंदुए का मूवमेंट किच्छा नदी पार उत्तराखंड का लग रहा लेकिन उन्होंने इसकी पुष्टि नहीं की। इसके चलते ग्रामीण दहशत में है। ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की मुनादी कराई गई है।
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