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दिल्ली में डिप्थीरिया से मासूमों की मौत के बाद अलर्ट
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:40 PM IST
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दिल्ली में डिप्थीरिया से मासूमों की मौत के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने बरेली समेत सूबे के सभी जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है। दरअसल डिप्थीरिया के बैक्टीरिया से संक्रमित होकर उत्तर प्रदेश के कुछ बच्चों की दिल्ली में मौत हो चुकी है। इसके बाद सक्रिय हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी जिलों में संक्रमण को लेकर अतिरिक्त सावधानियां बरतने को कहा है। इस बैक्टीरिया से संक्रमित दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती होने वाले ज्यादातर मासूम उत्तर प्रदेश के हैं।
डिप्थीरिया का बैक्टीरिया हर साल सितंबर महीने में सक्रिय होता है। डॉक्टरों के मुताबिक इसके संक्रमण से अक्तूबर के बाद खुद ब खुद राहत मिलने लगती है। यह संक्रामक बीमारी है। इसकी चपेट में ज्यादातर बच्चे आते हैं। इस बैक्टीरिया का संक्रमण सबसे पहले गले में होने के बाद सांस नली तक फैलता है। डॉक्टर कहते हैं कि ऐंटिडोट सीरम इसका इलाज है। हालांकि वैक्सीनेशन से भी बचाव होता है। अब नियमित टीकाकरण में डिप्थीरिया, काली खांसी और टिटनेस का टीका लगाया जाता है।
बीमारी के लक्षण
सांस लेने में कठिनाई, गर्दन में सूजन, ठंड लगना, बुखार, गले में खराश, खांसी
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डिप्थीरिया का बैक्टीरिया हर साल सितंबर महीने में सक्रिय होता है। डॉक्टरों के मुताबिक इसके संक्रमण से अक्तूबर के बाद खुद ब खुद राहत मिलने लगती है। यह संक्रामक बीमारी है। इसकी चपेट में ज्यादातर बच्चे आते हैं। इस बैक्टीरिया का संक्रमण सबसे पहले गले में होने के बाद सांस नली तक फैलता है। डॉक्टर कहते हैं कि ऐंटिडोट सीरम इसका इलाज है। हालांकि वैक्सीनेशन से भी बचाव होता है। अब नियमित टीकाकरण में डिप्थीरिया, काली खांसी और टिटनेस का टीका लगाया जाता है।
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