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रामगंगा पुल पर जाम में फंसी एंबुलेंस, मरीज की मौत
Updated Sun, 13 May 2018 06:16 PM IST
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बरेली।
रामगंगा पुल पर शुक्रवार को लगे जाम में फंसकर मरीज की जान चली गई। दो घंटे तक एंबुलेंस जाम में फंसी रही लेकिन ट्रैफिक और पुलिसकर्मियों ने उसे निकलवाने की जहमत नहीं उठाई।
बदायूं में लाल पुल के पास रहने वाले राशिद (19) पुत्र अबरार को पांच दिन पहले डायरिया हुआ था। हालत बिगड़ने पर परिवार वालों ने उन्हें बदायूं के जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। मगर हालत गंभीर होने पर वहां से मंडलीय चिकित्सालय बरेली रेफर कर दिया गया। परिवार वाले उन्हें बदायूं से लेकर बरेली रवाना हुए लेकिन रामगंगा पुल पर लंबा जाम लगा था। एंबुलेंस भी उसमें फंस गई। पुलिस और ट्रैफिक पुलिस कर्मी नदारद थे।
परिवार वालों ने एंबुलेंस को जाम से निकलवाने की कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। वे मजबूर होकर बैठ गए और राशिद को तड़पता देखते रहे। जाम खुलने के बाद जब जिला अस्पताल पहुंचे तो राशिद को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मां ने बताया कि चार बच्चों में राशिद सबसे बड़ा था और मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाने में हाथ बंटाता था।
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रामगंगा पुल पर शुक्रवार को लगे जाम में फंसकर मरीज की जान चली गई। दो घंटे तक एंबुलेंस जाम में फंसी रही लेकिन ट्रैफिक और पुलिसकर्मियों ने उसे निकलवाने की जहमत नहीं उठाई।
बदायूं में लाल पुल के पास रहने वाले राशिद (19) पुत्र अबरार को पांच दिन पहले डायरिया हुआ था। हालत बिगड़ने पर परिवार वालों ने उन्हें बदायूं के जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। मगर हालत गंभीर होने पर वहां से मंडलीय चिकित्सालय बरेली रेफर कर दिया गया। परिवार वाले उन्हें बदायूं से लेकर बरेली रवाना हुए लेकिन रामगंगा पुल पर लंबा जाम लगा था। एंबुलेंस भी उसमें फंस गई। पुलिस और ट्रैफिक पुलिस कर्मी नदारद थे।
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परिवार वालों ने एंबुलेंस को जाम से निकलवाने की कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। वे मजबूर होकर बैठ गए और राशिद को तड़पता देखते रहे। जाम खुलने के बाद जब जिला अस्पताल पहुंचे तो राशिद को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मां ने बताया कि चार बच्चों में राशिद सबसे बड़ा था और मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाने में हाथ बंटाता था।
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