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प्लास्टिक अंडे को लेकर वैज्ञानिक हुए अलर्ट
Updated Sat, 08 Jul 2017 01:06 AM IST
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प्लास्टिक अंडे को लेकर वैज्ञानिक हुए अलर्ट
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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बरेली।
अमर उजाला द्वारा शहर में प्लास्टिक अंडा खपाए जाने का सनसनीखेज खुलासे के बाद केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) के वैज्ञानिक अलर्ट हो गए हैं। शुक्रवार को सीएआरआई के निदेशक डॉ. जगमोहन कटारिया ने वैज्ञानिकों से वार्ता की और प्लास्टिक अंडे को लेकर उनको अलर्ट किया। वैज्ञानिक अपने स्तर से इसकी खोजबीन में भी जुट गए हैं ताकि मुर्गी पालन करने वाले किसानों के साथ आम जनता को भी जागरूक किया जा सके और इस प्लास्टिक अंडे की मार्केट में खपत रोकी जा सके।
बता दें कि जोगी नवादा में एक व्यक्ति को गुरुवार को एक प्लास्टिक अंडा मिला था। उसके बाद पता चला कि शहर में ऐसे अंडे खपाए जा रहे हैं। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में इसको प्रमुखता से उठाया था। उसके बाद सरकारी अमले के साथ वैज्ञानिक भी अलर्ट हो गए हैं। सीएआरआई के वैज्ञानिक ऐसे अंडे का सच परखेंगे। शुक्रवार को सीएआरआई के निदेशक ने वैज्ञानिकों के साथ लंबी वार्ता की। उसके बाद इंटरनेट पर प्लास्टिक अंडे से जुड़ी जानकारियां भी जुटाईं। निदेशक ने बताया कि अभी कोई जांच के आदेश नहीं हैं पर वैज्ञानिक अपने स्तर से इसकी जांच करेंगे। बताएंगे कि आम जनता ऐसे अंडो की पहचान कैसे कर सकते हैं।
प्लास्टिक अंडे की बात सामने आने के बाद हमने अपने वैज्ञानिकों से बातचीत की है। ऐसे नकली अंडे प्राप्त करने की कोशिश करेंगे ताकि जांच कर उसकी असलियत पता कर सकें। फिलहाल इसको लेकर हमने वैज्ञानिकों को अलर्ट कर दिया है। मुर्गी पालन करने वाले किसानों और आम जनता को जागरूक करेंगे। इसकी कैसे पहचान कर सकते हैं और यह कैसे तैयार होता है इसकी पड़ताल करेंगे।
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-डॉ. जगमोहन कटारिया, निदेशक सीएआरआई
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अमर उजाला द्वारा शहर में प्लास्टिक अंडा खपाए जाने का सनसनीखेज खुलासे के बाद केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) के वैज्ञानिक अलर्ट हो गए हैं। शुक्रवार को सीएआरआई के निदेशक डॉ. जगमोहन कटारिया ने वैज्ञानिकों से वार्ता की और प्लास्टिक अंडे को लेकर उनको अलर्ट किया। वैज्ञानिक अपने स्तर से इसकी खोजबीन में भी जुट गए हैं ताकि मुर्गी पालन करने वाले किसानों के साथ आम जनता को भी जागरूक किया जा सके और इस प्लास्टिक अंडे की मार्केट में खपत रोकी जा सके।
बता दें कि जोगी नवादा में एक व्यक्ति को गुरुवार को एक प्लास्टिक अंडा मिला था। उसके बाद पता चला कि शहर में ऐसे अंडे खपाए जा रहे हैं। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में इसको प्रमुखता से उठाया था। उसके बाद सरकारी अमले के साथ वैज्ञानिक भी अलर्ट हो गए हैं। सीएआरआई के वैज्ञानिक ऐसे अंडे का सच परखेंगे। शुक्रवार को सीएआरआई के निदेशक ने वैज्ञानिकों के साथ लंबी वार्ता की। उसके बाद इंटरनेट पर प्लास्टिक अंडे से जुड़ी जानकारियां भी जुटाईं। निदेशक ने बताया कि अभी कोई जांच के आदेश नहीं हैं पर वैज्ञानिक अपने स्तर से इसकी जांच करेंगे। बताएंगे कि आम जनता ऐसे अंडो की पहचान कैसे कर सकते हैं।
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प्लास्टिक अंडे की बात सामने आने के बाद हमने अपने वैज्ञानिकों से बातचीत की है। ऐसे नकली अंडे प्राप्त करने की कोशिश करेंगे ताकि जांच कर उसकी असलियत पता कर सकें। फिलहाल इसको लेकर हमने वैज्ञानिकों को अलर्ट कर दिया है। मुर्गी पालन करने वाले किसानों और आम जनता को जागरूक करेंगे। इसकी कैसे पहचान कर सकते हैं और यह कैसे तैयार होता है इसकी पड़ताल करेंगे।
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-डॉ. जगमोहन कटारिया, निदेशक सीएआरआई