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14 को हो सकता है नई जिला पंचायत का गठन
बरेली
Updated Sat, 09 Jan 2016 01:27 AM IST
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बरेली। नई जिला पंचायत का गठन 14 जनवरी को संभावित है। पुराने जिला पंचायत बोर्ड का कार्यकाल 13 जनवरी को खत्म हो रहा है। शपथ के साथ ही जिला पंचायत में नया बोर्ड अस्तित्व में आ जाएगा। इसके एक सप्ताह के भीतर बोर्ड की पहली औपचारिक बैठक होनी है। हालांकि शपथ और बोर्ड की पहली औपचारिक बैठक की तारीख तय करके प्रदेश सरकार को अधिसूचना जारी करना है। यह अधिसूचना सोमवार तक जारी होने का अनुमान है।
शपथ लेने तक नियमानुसार जिला पंचायत में संचालन समिति ही अस्तित्व में रहेगी। अलबत्ता, तीन सदस्यीय इस समिति के दो सदस्य अब जिला पंचायत के सदस्य भी नहीं रह गए हैं। सिर्फ पूर्व अध्यक्ष सरोज यादव सदस्य पद का चुनाव जीती हैं। बाकी सदस्यों में तनवीर अहमद और सुमन कश्यप थे। तनवीर ने इस बार खुद चुनाव नहीं लड़ा। अपनी पत्नी को लड़ाया और सुमन चुनाव हार गईं। यह समिति अध्यक्ष नीरू पटेल के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार सीज होने के बाद प्रदेश सरकार ने गठित की थी। वहीं, नीरू पटेल के कार्यकाल में 13 वें वित्त आयोग से मिले लगभग सात करोड़ रुपये का खर्च का जिम्मा अब नए अध्यक्ष संजय सिंह को मिलेगा। हालांकि इस धनराशि के अधिकांश हिस्से से कई सड़कों के निर्माण कार्य मंजूर हो गए थे। इनके टेंडर भी निकाले जा चुके हैं लेकिन इस बीच चुनाव आचार संहिता लगी होने से ठेकेदारों को पैसे का भुगतान नहीं हो सका। अब नए अध्यक्ष को इस धनराशि से भुगतान करना है।
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शपथ लेने तक नियमानुसार जिला पंचायत में संचालन समिति ही अस्तित्व में रहेगी। अलबत्ता, तीन सदस्यीय इस समिति के दो सदस्य अब जिला पंचायत के सदस्य भी नहीं रह गए हैं। सिर्फ पूर्व अध्यक्ष सरोज यादव सदस्य पद का चुनाव जीती हैं। बाकी सदस्यों में तनवीर अहमद और सुमन कश्यप थे। तनवीर ने इस बार खुद चुनाव नहीं लड़ा। अपनी पत्नी को लड़ाया और सुमन चुनाव हार गईं। यह समिति अध्यक्ष नीरू पटेल के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार सीज होने के बाद प्रदेश सरकार ने गठित की थी। वहीं, नीरू पटेल के कार्यकाल में 13 वें वित्त आयोग से मिले लगभग सात करोड़ रुपये का खर्च का जिम्मा अब नए अध्यक्ष संजय सिंह को मिलेगा। हालांकि इस धनराशि के अधिकांश हिस्से से कई सड़कों के निर्माण कार्य मंजूर हो गए थे। इनके टेंडर भी निकाले जा चुके हैं लेकिन इस बीच चुनाव आचार संहिता लगी होने से ठेकेदारों को पैसे का भुगतान नहीं हो सका। अब नए अध्यक्ष को इस धनराशि से भुगतान करना है।
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