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Bareilly News: ई-बसों को घाटे से उबारने के लिए 14 कर्मचारियों को विशेष जिम्मेदारी
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बरेली। सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज के तहत संचालित 25 ई-बसों को घाटे से उबारने के लिए प्रबंध निदेशक दीपक चौधरी ने अब 14 कर्मचारियों को अलग से तैनात किया है। यह कर्मचारी बसों को हो रहे घाटे, यात्रियों के बसों में न बैठने के कारणों, चालकों व परिचालकों के व्यवहार का आकलन करेंगे। समय-समय पर सभी 60 स्टॉपेज पर बसों के ठहराव की स्थिति जांच करने के साथ ही रोजाना की रिपोर्ट व्हाट्सएप के जरिये प्रबंध निदेशक को भेजेंगे।
शहर में स्वाले नगर मिनी बाइपास से जंक्शन वाया सौफुटा-पीलीभीत बाइपास, स्वाले नगर मिनी बाइपास से जंक्शन वाया डेलापीर-महादेव पुल और झुमका तिराहा से सेटेलाइट बस अड्डा वाया चौपुला-गांधी उद्यान रूट पर 15 दिन पहले ई-बसों का संचालन शुरू किया गया था। तीन रूटों पर 60 स्टॉपेज बनाकर संचालन इस प्रकार किया जा रहा है कि हर स्टॉपेज पर हर 15 मिनट में बस मिले। इसके बाद भी बसें खाली दौड़ रहीं हैं।
इक्का-दुक्का सवारियां मिलने के कारण खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है। बरेली-शेरगढ़, बरेली-शीशगढ़ और बरेली-मनौना रूट से बसें हटाने के बाद लोड फैक्टर में 75 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। ऐसे में बसों को घाटे से उतारने के लिए नई कवायद शुरू की गई है। सोमवार से शनिवार तक ये कर्मचारी 60 प्वाइंटों पर चेकिंग करने के साथ लोगों को बसों में यात्रा करने के लिए जागरूक भी करेंगे।
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प्रबंध निदेशक के मुताबिक, प्रबंध संचालन मनीषा दीक्षित को बस अड्डे पर इनशेडिंग व आउट शेडिंग की जिम्मेदारी दी गई है। वह भी बृहस्पतिवार को मार्ग चेकिंग के लिए निकलेंगी। कार्यालय अधीक्षक अजय कुमार सप्ताह में दो दिन चेकिंग और बाकी दिनों इनशेडिंग-आउट शेडिंग की निगरानी कर अपनी रिपोर्ट देेंगे। कुछ चालकों की निर्धारित स्टॉपेज पर बस न रोकने की शिकायत भी मिल रही हैं। मॉनीटरिंग के बाद ऐसे चालकों की सेवा समाप्त की जाएगी। संवाद
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शहर में स्वाले नगर मिनी बाइपास से जंक्शन वाया सौफुटा-पीलीभीत बाइपास, स्वाले नगर मिनी बाइपास से जंक्शन वाया डेलापीर-महादेव पुल और झुमका तिराहा से सेटेलाइट बस अड्डा वाया चौपुला-गांधी उद्यान रूट पर 15 दिन पहले ई-बसों का संचालन शुरू किया गया था। तीन रूटों पर 60 स्टॉपेज बनाकर संचालन इस प्रकार किया जा रहा है कि हर स्टॉपेज पर हर 15 मिनट में बस मिले। इसके बाद भी बसें खाली दौड़ रहीं हैं।
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इक्का-दुक्का सवारियां मिलने के कारण खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है। बरेली-शेरगढ़, बरेली-शीशगढ़ और बरेली-मनौना रूट से बसें हटाने के बाद लोड फैक्टर में 75 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। ऐसे में बसों को घाटे से उतारने के लिए नई कवायद शुरू की गई है। सोमवार से शनिवार तक ये कर्मचारी 60 प्वाइंटों पर चेकिंग करने के साथ लोगों को बसों में यात्रा करने के लिए जागरूक भी करेंगे।
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प्रबंध निदेशक के मुताबिक, प्रबंध संचालन मनीषा दीक्षित को बस अड्डे पर इनशेडिंग व आउट शेडिंग की जिम्मेदारी दी गई है। वह भी बृहस्पतिवार को मार्ग चेकिंग के लिए निकलेंगी। कार्यालय अधीक्षक अजय कुमार सप्ताह में दो दिन चेकिंग और बाकी दिनों इनशेडिंग-आउट शेडिंग की निगरानी कर अपनी रिपोर्ट देेंगे। कुछ चालकों की निर्धारित स्टॉपेज पर बस न रोकने की शिकायत भी मिल रही हैं। मॉनीटरिंग के बाद ऐसे चालकों की सेवा समाप्त की जाएगी। संवाद