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अरिल-गोमती के कायाकल्प के लिए सर्वे शुरू -AZAMGARH
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बरेली। मंडल की दो महत्वपूर्ण अरिल और गोमती नदियों के कायाकल्प के लिए कमिश्नर ने बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर के डीएम को आदेश जारी किए हैं। मंडल स्तर पर संयुक्त आयुक्त को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
गोमती नदी का विस्तार पीलीभीत और शाहजहांपुर में हैं। पीलीभीत में गोमती नदी के कायाकल्प के लिए 47 किमी मीटर में कार्य कराने का प्रोजेक्ट तैयार होना है। इसमें मनरेगा के तहत काम कराने के लिए भी कार्ययोजना को शामिल किया जाना है। ग्राम विकास आयुक्त नागेंद्र प्रसाद सिंह के आए आदेश के बाद कमिश्नर रणवीर प्रसाद की तरफ से यह आदेश जारी हुए हैं कि इस कार्ययोजना के लिए यह जरूरी होगा कि इस नदी का सीमांकन और रेखांकन राजस्व और सिंचाई विभाग के आपसी समन्वय से कराया जाए। इसके साथ ही अरिल नदी के कायाकल्प के लिए भी बरेली जिले में करीब 65 किलोमीटर नदी का सर्वे होना है। इन दोनों ही नदियों के तट के किलोमीटर एक के दायरे में स्थित तालाबों को रिचार्ज पांड के तौर पर विकसित किया जाना है। नदियों का प्रभाव बढ़ाने के लिए किनारों पर स्थित तालाबों को पुनर्जीवित कर नए उन्हें भी विकसित किया जाना है। इस नदियों के सर्वे में सिंचाई विभाग का तकनीकी सहयोग प्राप्त करते हुए आसपास के क्षेत्रों में ऐसे स्थल जो तटवर्ती इको सिस्टम का हिस्सा हैं, उनका भी सीमांकन किया जाए। कमिश्नर ने इन दोनों ही प्रोजेक्ट के लिए मंडल स्तर पर संयुक्त विकास आयुक्त को नोडल अधिकारी नामित कर दिया है। इसमें सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी के सहायक के तौर पर नामित किया जाना है।
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गोमती नदी का विस्तार पीलीभीत और शाहजहांपुर में हैं। पीलीभीत में गोमती नदी के कायाकल्प के लिए 47 किमी मीटर में कार्य कराने का प्रोजेक्ट तैयार होना है। इसमें मनरेगा के तहत काम कराने के लिए भी कार्ययोजना को शामिल किया जाना है। ग्राम विकास आयुक्त नागेंद्र प्रसाद सिंह के आए आदेश के बाद कमिश्नर रणवीर प्रसाद की तरफ से यह आदेश जारी हुए हैं कि इस कार्ययोजना के लिए यह जरूरी होगा कि इस नदी का सीमांकन और रेखांकन राजस्व और सिंचाई विभाग के आपसी समन्वय से कराया जाए। इसके साथ ही अरिल नदी के कायाकल्प के लिए भी बरेली जिले में करीब 65 किलोमीटर नदी का सर्वे होना है। इन दोनों ही नदियों के तट के किलोमीटर एक के दायरे में स्थित तालाबों को रिचार्ज पांड के तौर पर विकसित किया जाना है। नदियों का प्रभाव बढ़ाने के लिए किनारों पर स्थित तालाबों को पुनर्जीवित कर नए उन्हें भी विकसित किया जाना है। इस नदियों के सर्वे में सिंचाई विभाग का तकनीकी सहयोग प्राप्त करते हुए आसपास के क्षेत्रों में ऐसे स्थल जो तटवर्ती इको सिस्टम का हिस्सा हैं, उनका भी सीमांकन किया जाए। कमिश्नर ने इन दोनों ही प्रोजेक्ट के लिए मंडल स्तर पर संयुक्त विकास आयुक्त को नोडल अधिकारी नामित कर दिया है। इसमें सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी के सहायक के तौर पर नामित किया जाना है।
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