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अकीदत से मनाया गया कूंडो का त्योहार
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बरेली। हजरत इमाम जाफर सादिक अलैहिस्सलाम की याद में कूंडों का त्योहार पूरी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। शहर में दिन भर नियाज नजर के साथ ही दावतों का भी दौर चला।
इसको लेकर बीती रात से शिया और सुन्नी हलकों में काफी उत्साह रहा। मीठी पूड़ियों के साथ तमाम तरह के पकवान बनाने का सिलसिला चलता रहा। महिलाओं ने पूरी रात जागकर तैयारियां की। इसके बाद सुबह से ही नियाज नजर का सिलसिला शुरू हुआ जो देर रात तक जारी रहा। इस बीच दावतों का दौर भी चला। तमाम लोग एक दूसरे के यहां पहुंचकर इस खास नजर में शामिल हुए। नियाज बाद लोगों ने मन्नतें और दुआएं मांगी। खासतौर से किला क्षेत्र के गढैया, कंघी टोला, जखीरा, छीपी टोला, लीची बाग और पुराना शहर के सैलानी, नवादा शेखान, सहसवानी टोला, कांकर टोला, चक महमूद, शाहदाना आदि में काफी चहल पहल रही।
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इसको लेकर बीती रात से शिया और सुन्नी हलकों में काफी उत्साह रहा। मीठी पूड़ियों के साथ तमाम तरह के पकवान बनाने का सिलसिला चलता रहा। महिलाओं ने पूरी रात जागकर तैयारियां की। इसके बाद सुबह से ही नियाज नजर का सिलसिला शुरू हुआ जो देर रात तक जारी रहा। इस बीच दावतों का दौर भी चला। तमाम लोग एक दूसरे के यहां पहुंचकर इस खास नजर में शामिल हुए। नियाज बाद लोगों ने मन्नतें और दुआएं मांगी। खासतौर से किला क्षेत्र के गढैया, कंघी टोला, जखीरा, छीपी टोला, लीची बाग और पुराना शहर के सैलानी, नवादा शेखान, सहसवानी टोला, कांकर टोला, चक महमूद, शाहदाना आदि में काफी चहल पहल रही।
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