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निगम ठेकों पर माफिया का साया.. अफसरों ने पिंड छुड़ाया

Sat, 26 Jan 2019 01:39 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Sat, 26 Jan 2019 01:39 AM IST
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निगम ठेकों पर माफिया का साया.. अफसरों ने पिंड छुड़ाया
बरेली। माफिया अतीक अहमद का नाम आने के बाद विवादित हुए ट्यूबवेल ऑटोमेशन का करीब साढ़े सात करोड़ रुपये का टेंडर निरस्त कर दिया गया है। जलकल विभाग के जीएम वीएन द्विवेदी की संस्तुति पर नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने टेंडर निरस्त करने के बाद अब यह काम अमृत योजना के तहत स्काडा प्रोजेक्ट में कराने के निर्देश दिए हैं। साढ़े सात करोड़ का टेंडर निरस्त होने से ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।
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पिछले दिनों नगर निगम की ओर से 51 ट्यूबवेल के ऑटोमेशन का टेंडर निकाला गया था। दस साल के लिए ट्यूबवेलों को संचालन के लिए ठेके पर दिया जाना था। टेंडर प्रक्रिया के दौरान यह काम वाराणसी के कांट्रेक्टर केबीएम इलेक्ट्रिकल्स को दिया गया। हर ट्यूबवेल के लिए दस साल तक हर महीने 12 हजार रुपये का भुगतान किया जाना था। इस तरह से इस काम पर कुल सात करोड़ 34 लाख 40 हजार रुपये व्यय किए जाने थे। टेंडर होने के बाद जलकल विभाग ने इनका वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया।
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इसी बीच कांट्रेक्टर विवेक के नाम से मेयर उमेश गौतम से शिकायत कर टेंडर प्रक्रिया में धांधली के आरोप लगाए गए। इस पर मेयर उमेश गौतम ने नगर आयुक्त को स्वयं या फिर विजिलेंस से जांच कराने के निर्देश दिए। जांच में विवेक के टेंडर को ही गलत करार देकर मामला निपटा दिया गया। लेकिन अगले ही दिन रविवार को एक ऑडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया। अस ऑडियो में जीएम जलकल कथित तौर पर कांट्रेक्टर को शिकायत वापस लेेने के लिए माफिया अतीक अहमद को अपना नजदीकी बताते हुए धमकाते सुनाई दे रहे हैं। इसके बाद जीएम ने सफाई दी थी कि उन्हें डीपी यादव का नाम लेकर उनके बेटे के अपहरण की धमकी दी गई थी तो उन्होंने अतीक का नाम ले लिया। इस मामले में जीएम स्पष्टीकरण भी दे चुके हैं।
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गर्दन फंसी तो वर्क ऑर्डर निरस्त कराया
तमाम विवादों के बीच जीएम जलकल वीएन द्विवेदी ने नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव के समक्ष प्रस्ताव रखा कि अमृत योजना के तहत जलकल विभाग के काम होने हैं। इसमें ट्यूबवेल ऑटोमेशन के लिए स्काडा योजना के तहत काम किया जाना है, लिहाजा विवाद की जड़ बने टेंडर का वर्क ऑर्डर निरस्त कर दिया जाए। जीएम की संस्तुति के बाद नगर आयुक्त ने तत्काल वर्क ऑर्डर निरस्त कर दिया।


जीएम जलकल की संस्तुति पर ट्यूबवेल ऑटोमेशन का वर्क ऑर्डर निरस्त कर दिया गया है। इससे टेंडर स्वत: ही शून्य हो जाएगा। अब यह काम अमृत योजना के तहत स्काडा प्रोजेक्ट में कराया जाएगा।
- राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त
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